टी20 के बाद क्या 2027 वनडे वर्ल्ड कप से भी कट गया यशस्वी जायसवाल का पत्ता?
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Yashasvi Jaiswal not even named as a backup opener: यशस्वी जायसवाल का न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं मिलने से फैंस हैरान हैं. हालांकि, इसके पीछे रणनीतिक कारण हैं, क्योंकि रोहित शर्मा और शुभमन गिल के रहते प्लेइंग इलेवन में जगह मिलना मुश्किल था. बेंच पर बैठाने के बजाय उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट और इंडिया ‘ए’ की तैयारी के लिए भेजा गया है, ताकि वह आगामी टेस्ट सीरीज में विदेशी परिस्थितियों का फायदा उठा सकें. भविष्य के वर्ल्ड कप को देखते हुए वह टीम की योजनाओं का अहम हिस्सा हैं.
यशस्वी जायसवाल को न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुनी गई 5 मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम से बाहर रखा गया है.
नई दिल्ली. यशस्वी जायसवाल को लेकर भारतीय क्रिकेट में चल रही चर्चाओं के बीच एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या इस युवा सलामी बल्लेबाज को उसकी क्षमता के मुताबिक मौके मिल रहे हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज के लिए जब टीम का ऐलान हुआ, तो उसमें यशस्वी जायसवाल का नाम नदारद था. चयनकर्ताओं ने शुरुआती तीन और आखिरी दो वनडे मैचों के लिए अलग-अलग स्क्वॉड की घोषणा की है, लेकिन दोनों ही लिस्ट में इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी को जगह नहीं मिली. उनके फैंस के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर शानदार प्रदर्शन करने के बाद भी उन्हें लगातार नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है.
यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) का रिकॉर्ड इस बात की गवाही देता है कि वह किसी भी फॉर्मेट में मैच का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं. टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उन्होंने अब तक 23 मैचों में 36.15 की औसत और 164.32 के तूफानी स्ट्राइक रेट से 723 रन बनाए हैं. उनका यह आक्रामक रवैया टीम इंडिया की जरूरत के अनुकूल रहा है. इसके बावजूद टी20 टीम में उनकी लगातार अनदेखी फैंस को खलती रही है. जब बात वनडे फॉर्मेट की आती है, तो उनके आंकड़े और भी ज्यादा प्रभावित करते हैं. उन्होंने अब तक केवल 6 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 71.25 की शानदार औसत से रन बनाए हैं और उनके नाम दो बेहतरीन शतक भी दर्ज हैं. इतने शानदार आगाज के बावजूद उनका दोनों वनडे स्क्वॉड में न होना कई तरह की अटकलों को जन्म दे रहा है.
प्लेइंग इलेवन का गणित और टीम संयोजन
इस चयन से जुड़े पहलुओं को गहराई से देखें तो जायसवाल का बाहर होना केवल खराब फॉर्म या अनदेखी का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे रणनीतिक कारण भी नजर आते हैं. फिलहाल भारतीय वनडे टीम के टॉप ऑर्डर में कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल स्थापित सलामी जोड़ी के रूप में खेल रहे हैं. इसके अलावा नंबर तीन पर विराट कोहली की मौजूदगी तय है. इन सीनियर और अनुभवी खिलाड़ियों के रहते प्लेइंग इलेवन में यशस्वी के लिए जगह बनाना वैसे भी बेहद कठिन होता. अगर उन्हें सिर्फ बेंच पर बैठाने के लिए स्क्वॉड में शामिल किया जाता, तो यह उनके करियर और समय दोनों का नुकसान होता.
रेड-बॉल क्रिकेट पर फोकस और इंडिया ‘ए’ की चुनौती
यही वजह है कि चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने उन्हें बेंच पर रखने के बजाय रेड-बॉल क्रिकेट की तैयारी के लिए भेजने का समझदारी भरा फैसला लिया है. यशस्वी जायसवाल को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज की तैयारियों के मद्देनजर इंडिया ए की रेड-बॉल टीम में शामिल किया गया है. विदेशी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज से पहले वहां की परिस्थितियों में ढलना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होता है. अगर वह वनडे सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में बेंच पर बैठे रहते, तो उनका बहुमूल्य समय बर्बाद होता और उन्हें लाल गेंद से अभ्यास करने का मौका नहीं मिल पाता.
भविष्य के वनडे वर्ल्ड कप की योजना में जायसवाल
भले ही मौजूदा समय में उन्हें वनडे टीम में जगह नहीं मिली हो, लेकिन इसे उनके भविष्य के अंत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट भविष्य की योजनाओं पर काम कर रहा है. रोहित शर्मा के बाद पारी की शुरुआत करने के लिए यशस्वी जायसवाल सबसे मजबूत दावेदार के रूप में देखे जाते हैं. उन्होंने अपने छोटे से करियर में जिस तरह की परिपक्वता और आक्रामकता दिखाई है, वह यह साबित करने के लिए काफी है कि वह लंबे समय तक भारतीय टीम की रीढ़ बन सकते हैं. फिलहाल उनका मुख्य फोकस रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करना है, और उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही अपनी दमदार वापसी के साथ सीमित ओवरों की टीम में भी अपनी जगह पक्की करेंगे.