नैनीताल: उत्तराखंड का नैनीताल इन दिनों पर्यटन के साथ ही मेले की रौनक से भी गुलजार है. एक ओर नैनीझील के खूबसूरत नजारे पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मल्लीताल स्थित फ्लैट्स मैदान में लगे दुर्गा मेले में खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ रही है. मेले में गर्म कपड़ों, खिलौनों, चादरों, क्रॉकरी और घरेलू उपयोग के सामान की तमाम वैरायटी लोगों को लुभा रही है. ऐसे में अगर आप इस वीकेंड नैनीताल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो झील के किनारे सैर के साथ इस पहाड़ी मेले का आनंद लेना आपके लिए एक खास अनुभव हो सकता है.
नैनीताल के मल्लीताल फ्लैट्स मैदान में आयोजित दुर्गा मेले में इन दिनों खूब चहल-पहल देखने को मिल रही है. मैदान में दूर-दूर से आए व्यापारियों ने अपनी दुकानें सजाई हैं. यहां सर्दियों के मौसम को देखते हुए गर्म कपड़ों और विंटर कलेक्शन की अच्छी खासी वैरायटी उपलब्ध है. इसके अलावा सॉफ्ट टॉयज, चादरें, बर्तन, क्रॉकरी और रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई दूसरी चीजें भी खरीदी जा सकती हैं. इस मेले की खासियत यह है कि यहां खरीदारी के साथ घूमने-फिरने का आनंद भी मिलता है. एक तरफ नैनीझील का मनमोहक नजारा दिखाई देता है, तो दूसरी ओर रंग-बिरंगी दुकानों और लोगों की आवाजाही से फ्लैट्स मैदान गुलजार रहता है. स्थानीय लोगों के साथ ही नैनीताल पहुंचने वाले पर्यटक भी मेले में खरीदारी करते और इसकी रौनक का आनंद लेते नजर आ रहे हैं.
मेले के लिए छुट्टी लेकर नैनीताल पहुंचते हैं लोग
नैनीताल निवासी हमीरा बताती हैं कि वह देहरादून में रहती हैं, लेकिन इस मेले में शामिल होने के लिए खास तौर पर ऑफिस से छुट्टी लेकर नैनीताल पहुंचती हैं. उन्हें हर साल इस मेले का बेसब्री से इंतजार रहता है. उनके मुताबिक, नैनीताल से बाहर रहने वाले कई लोग भी मेले के दौरान अपने शहर लौटते हैं और परिवार के साथ यहां खरीदारी करते हैं. हमीरा का कहना है कि दशहरे तक चलने वाला यह मेला नैनीताल की पुरानी परंपराओं और यादों से जुड़ा हुआ है. यहां गर्म कपड़ों, विंटर कलेक्शन, खिलौनों, बर्तनों और कई तरह के घरेलू सामान की खरीदारी की जा सकती है. यही वजह है कि मेले से स्थानीय लोगों का भावनात्मक जुड़ाव भी देखने को मिलता है. बाहर रहने वाले लोगों के लिए यह मेला पुराने परिचितों से मिलने और शहर की रौनक को करीब से महसूस करने का मौका भी बन जाता है.
बदल चुका है मेले का स्वरूप
नैनीताल के स्थानीय निवासी अय्यूब बताते हैं कि वह पिछले 52 वर्षों से शहर में रह रहे हैं. उनके अनुसार, पहले इस मेले में दुकानों की संख्या अपेक्षाकृत कम हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ इसका स्वरूप काफी बड़ा हो गया है. अब मेले में करीब 350 से 400 दुकानें लग रही हैं. अय्यूब बताते हैं कि यह मेला पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है. यहां बर्तन, चादर और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान अपेक्षाकृत कम दामों पर मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं. दुकानों की बढ़ती संख्या ने मेले को पहले से अधिक विस्तृत बना दिया है. अब स्थानीय लोगों के साथ ही बाहर से आने वाले पर्यटक भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं.
बंगाली सीजन में बदल रहा पर्यटन का ट्रेंड
नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट के मुताबिक, अक्टूबर महीने को नैनीताल में बंगाली पर्यटन सीजन के रूप में जाना जाता है. इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक शहर का रुख करते हैं. उन्होंने बताया कि दुर्गा मेले का स्वरूप हर साल भव्य होता जा रहा है और इसके प्रचार-प्रसार से भी पर्यटन को लाभ मिल रहा है. उन्होंने कहा कि पहले अक्टूबर के इस सीजन में मुख्य रूप से बंगाल से पर्यटक नैनीताल पहुंचते थे, लेकिन अब पर्यटन का ट्रेंड बदल रहा है.
गुजरात और महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्यों के पर्यटक भी यहां आने लगे हैं. ऐसे में दुर्गा मेले जैसे आयोजन पर्यटकों को शहर की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने के साथ ही स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा देते हैं. उन्होंने इस तरह के मेलों के आयोजन को पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया. अगर आप इस वीकेंड नैनीताल आने की तैयारी कर रहे हैं, तो नैनीझील, माल रोड और शहर के खूबसूरत नजारों के साथ मल्लीताल के दुर्गा मेले में जरूर घूमिये, यहां आपको कई चीजें सस्ते दामों पर मिल सकती है, साथ ही पहाड़ की इन हसीन वादियों में मेला घूमने का अलग अनुभव भी आपको प्राप्त होगा.