DDLJ के लिए रिकॉर्ड हुआ था दर्दभरा गाना, ब्लॉकबस्टर फिल्म का बना हिस्सा, जो हरे करता है अधूरी मोहब्बत के जख्म


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करण जौहर की पहली निर्देशित फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ ने दोस्ती और प्यार की ऐसी कहानी दिखाई, जो आज भी लोगों के दिलों में बसी है. शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी की इस फिल्म का हर किरदार खास था, लेकिन इसके गानों ने कहानी के एहसास को और गहरा बना दिया. इन्हीं में एक गीत ऐसा भी था, जिसकी धुन और दर्दभरे बोल करण जौहर की फिल्म के लिए चुने जाने से पहले ही एक दूसरी बड़ी फिल्म के दरवाजे तक पहुंच चुके थे. दिलचस्प बात यह है कि इस गाने का शुरुआती पंजाबी रूप सुनकर मशहूर गीतकार आनंद बख्शी की आंखें नम हो गई थीं.

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DDLJ के लिए रिकॉर्ड हुआ दर्दभरा गाना,ब्लॉकबस्टर फिल्म में बना हिस्साZoom

ये गाना 28 साल बाद भी लोगों की आंखों को नम कर देती हैं. फोटो साभार- वीडियो ग्रैब

नई दिल्ली. कुछ गाने सिर्फ सुने नहीं जाते, बल्कि महसूस किए जाते हैं. इनके बोल पुराने रिश्तों की याद दिलाते हैं तो धुन दिल के उन कोनों को छू जाती है. जहां कभी कोई अधूरी कहानी छूट गई थी. बॉलीवुड का एक ऐसा ही गाना है, जो सालों बाद भी सुनने वालों की आंखें नम कर देता है. दोस्ती, प्यार और जुदाई के एहसास को समेटे इस गीत ने 90 के दशक में भी लोगों के दिलों पर राज किया था. 16 अक्टूबर 1998 को रिलीज हुई फिल्म ‘कुछ-कुछ होता है’ का वो गाना याद है, जिसके सुनकर हर आशिक का आंखे छलक गई थीं. बात कर रहे हैं टूटे दिलवाले आशिकों का फेवरेट सॉन्ग ‘तुझे याद ना मेरी आई’ की. 28 साल पहले आज ही के दिन रिलीज हुई इस फिल्म का ये गाना फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएगे’ के लिए शूट हुआ था. क्या है इस गाने का किस्सा चलिए बताते हैं.

16 अक्टूबर 1998 को रिलीज हुई ‘कुछ कुछ होता है’ करण जौहर के निर्देशन में बनी पहली फिल्म थी. राहुल और अंजलि की दोस्ती, एकतरफा प्यार और फिर किस्मत से दोबारा मिलने की कहानी ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया. फिल्म में शाहरुख खान राहुल, काजोल अंजलि और रानी मुखर्जी टीना के किरदार में नजर आई थीं. करीब 10 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 106 करोड़ रुपये का कारोबार किया और बॉक्स ऑफिस पर ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी करण जौहर के पास थी, जबकि यश जौहर की प्रोडक्शन कंपनी धर्मा प्रोडक्शंस ने इसे बनाया था.

‘तुझे याद ना मेरी आई’ का पुराना रूप था पंजाबी

फिल्म का गाना ‘तुझे याद ना मेरी आई’ आज भी जुदाई और अधूरी मोहब्बत के दर्द की याद दिलाता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसकी शुरुआती धुन पंजाबी बोलों के साथ तैयार की गई थी. संगीतकार जतिन-ललित की जोड़ी के ललित पंडित ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी बहन और गायिका सुलक्षणा पंडित यह गाना गाया करती थीं. इसके मूल पंजाबी बोल थे, ‘तैनू याद ना साडी आई, तैनू खत की लिखना. दिल रोया कि अख भर आई, कि खत तैनू की लिखना’. इस गीत में बिछड़ने का दर्द और किसी अपने की याद में तड़पने का एहसास पहले से मौजूद था. जब गीतकार आनंद बख्शी ने इसका पंजाबी रूप सुना तो वह भावुक होकर रो पड़े थे. गाने की इसी इमोशनल ताकत ने इसे खास बना दिया था.

पहले ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के लिए हुआ था तैयार

इस गाने की कहानी का एक दिलचस्प पड़ाव शाहरुख खान की ही फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ से भी जुड़ा है. जतिन पंडित के भाई ललित पंडित ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था , गाने का शुरुआती रूप इस फिल्म के लिए रिकॉर्ड किया गया था. लेकिन फिल्म की कहानी में ऐसी परिस्थिति नहीं बनी, जहां इस गीत को इस्तेमाल किया जा सके. लिहाजा, गाना उस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाया. ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ 20 अक्टूबर 1995 को रिलीज हुई थी.

पामेला चोपड़ा की सलाह पर करण जौहर ने चुना गाना

कुछ साल बाद जब करण जौहर ‘कुछ कुछ होता है’ बना रहे थे. तब उन्हें कहानी के एक भावुक हिस्से के लिए ऐसे गीत की जरूरत थी, जो बिछड़ने का दर्द बयां कर सके. इसी दौरान यश चोपड़ा की पत्नी पामेला चोपड़ा ने उन्हें जतिन-ललित से उस पंजाबी धुन को सुनने की सलाह दी. पामेला चोपड़ा, करण जौहर के परिवार से रिश्तेदारी के जरिए जुड़ी थीं और फिल्म की कहानी से भी परिचित थीं. उन्हें लगा कि यह गीत फिल्म की सैड सिचुएशन के लिए बिल्कुल सही रहेगा. करण जौहर को भी धुन पसंद आ गई. इस तरह एक पुरानी धुन को नई कहानी और नए शब्दों के साथ दर्शकों के सामने पेश किया गया.

मनप्रीत अख्तर के शेर से शुरू होता है गाना

गाने की शुरुआत लोकगीत गायिका मनप्रीत अख्तर की आवाज में एक दर्दभरे शेर से होती है, ‘हो मेरे रब्बा इश्क किसी को ऐसे ना तड़पाए…’ इसके बाद अलका याग्निक की आवाज गाने के अंतरे में सुनाई देती है.



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