नैनीताल/रामनगर: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से वन्यजीवों की विविधता से जुड़ी एक दिलचस्प खबर सामने आई है. कॉर्बेट की बिजरानी रेंज में पहली बार हाइना (लकड़बग्घा) दिखाई देने की जानकारी सामने आई है. देर रात गश्त से लौट रही वन विभाग की टीम को यह वन्यजीव नजर आया. इसके बाद इसकी तस्वीर सामने आने से वन्यजीव प्रेमियों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है. अब वन विभाग कैमरा ट्रैप लगाकर इसकी मौजूदगी और गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी जुटाने की तैयारी कर रहा है.
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने हाइना की तस्वीर अपने फेसबुक पेज पर साझा की है. बिजरानी रेंज में इसकी मौजूदगी सामने आने के बाद वन्यजीवों में रुचि रखने वाले लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में भी यह वन्यजीव इसी क्षेत्र में दिखाई देगा.
रात की गश्त के दौरान नजर आया हाइना
जानकारी के अनुसार, बीती रात वन विभाग की टीम गश्त पूरी करने के बाद लौट रही थी. इसी दौरान टीम को जंगल में हाइना दिखाई दिया. वन्यजीव की मौजूदगी को दर्ज करने के बाद इसकी तस्वीर सामने आई, जिसे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक ने सोशल मीडिया पर साझा किया. बिजरानी रेंज में हाइना की मौजूदगी को लेकर इसलिए भी दिलचस्पी बढ़ गई है, क्योंकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यहां इससे पहले इसकी मौजूदगी दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई थी. हालांकि, इस वन्यजीव के क्षेत्र में पहली बार दिखाई देने और यहां पहले से मौजूद होने के बीच अंतर को समझने के लिए आगे निगरानी और साक्ष्यों की जरूरत होगी.
बाघों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है कॉर्बेट
जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव क्षेत्रों में शामिल है. यह बाघों के साथ-साथ हाथी, तेंदुए और कई अन्य वन्यजीवों तथा पक्षियों की मौजूदगी के लिए भी जाना जाता है. यहां के जंगलों और प्राकृतिक आवासों में वन्यजीवों की विविधता इस क्षेत्र को खास बनाती है. ऐसे में बिजरानी रेंज में हाइना दिखाई देने की खबर ने एक बार फिर कॉर्बेट की जैव विविधता को चर्चा में ला दिया है. वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह दृश्य आकर्षण का विषय है, वहीं वन विभाग के लिए इस वन्यजीव की गतिविधियों और क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की पुष्टि करना महत्वपूर्ण होगा.
कैमरा ट्रैप से जुटाई जाएगी जानकारी
हाइना की मौजूदगी सामने आने के बाद वन विभाग संबंधित क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाने की तैयारी कर रहा है. कैमरा ट्रैप के माध्यम से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि हाइना कितनी बार इस क्षेत्र में आता है, उसकी आवाजाही किन रास्तों पर है और क्या वह आसपास के जंगलों में भी सक्रिय है. इसके अलावा, कैमरों से मिलने वाली तस्वीरें वन्यजीव की पहचान और उसके मूवमेंट को समझने में भी सहायक हो सकती हैं. फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिजरानी रेंज में हाइना को अकेले देखा गया है. उसकी मौजूदगी कितने समय से इस इलाके में है और क्या वह यहां नियमित रूप से आता है, इन सवालों के जवाब निगरानी के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे.
तराई पश्चिमी वन प्रभाग में भी दिखा था हाइना
गौरतलब है कि इससे पहले तराई पश्चिमी वन प्रभाग में भी हाइना दिखाई देने की जानकारी सामने आई थी. अब कॉर्बेट की बिजरानी रेंज में इसकी मौजूदगी की खबर ने वन्यजीव प्रेमियों की उत्सुकता बढ़ा दी है. फिलहाल हाइना की मौजूदगी से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि के लिए आगे की निगरानी अहम मानी जा रही है. कैमरा ट्रैप से मिलने वाले साक्ष्य यह समझने में मदद कर सकते हैं कि यह वन्यजीव इस क्षेत्र में केवल संयोगवश पहुंचा है या जंगल के इस हिस्से में उसकी आवाजाही नियमित भी है.