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ट्विशा शर्मा डेथ केस में गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका पर 16 अक्टूबर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने बिना बहस के 26 अक्टूबर की तारीख दे दी. हाईकोर्ट ने यह फैसला आज आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित होकर किया, जिसमें ट्विशा से जुड़े केस को भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने के आदेश दिए हैं. गिरिबाला के वकील ने कहा कि हाईकोर्ट फैसले का नोटिस देखने के बाद ही सुनवाई करेगा.
गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई टली.
जबलपुर. ट्विशा शर्मा डेथ केस में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में 16 अक्टूबर को सुनवाई हुई. यह सुनवाई पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका को लेकर हुई. जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोई बहस नहीं हुई. हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 26 अक्टूबर तय की है. दरअसल, ट्विशा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी 16 अक्टूबर को हुई सुनवाई में उनकी याचिका स्वीकार कर ली है. इसलिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न 26 अक्टूबर का समय दिया है.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के आर्डर की कॉपी का इंतजार कर रहा है. गिरिबाल सिंह के वकील सुरेंद्र सिंह कहा,”सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल को तो स्टे कर दिया है, नोटिस भी किया है. लेकिन हमारा यह कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने जमानत का को लेकर कोई स्टे नहीं लगाया है. जज साहब उस ऑर्डर को देखना चाहते हैं, इस कारण से उन्होंने 26 तारीख लगा दी है. तो 26 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे बहस होगी. जमानत पर ही बहस होगी.”
सुरेंद्र सिंह ने आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल को अभी फिलहाल स्टे किया है. अभियुक्तों को नोटिस इशू किया है. दोनों पक्ष की वो बहस सुनेंगे, उसके बाद आदेश करेंगे कि ट्रायल को मध्य प्रदेश में चलना चाहिए या मध्य प्रदेश के बाहर चलना चाहिए. तो यह स्थिति है.”
सीबीआई चार्जशीट में किया संशोधन
इससे पहले, न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की सिंगल बेंच ने गिरिबाला सिंह को अपनी जमानत याचिका में संशोधन करने की अनुमति दे दी थी. सीबीआई द्वारा अपनी चार्जशीट से ‘दहेज हत्या’ (dowry death) का आरोप हटाकर ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (abetment to suicide) का आरोप शामिल किए जाने के बाद, अब इस जमानत याचिका पर बदली हुई कानूनी स्थिति के संदर्भ में सुनवाई हुई थी.
गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका में संशोधन
पिछली सुनवाई के दौरान, गिरिबाला सिंह के वकील ने जमानत याचिका में संशोधन करने की अनुमति मांगी थी, ताकि ‘दहेज हत्या’ से जुड़े आरोप को हटाया जा सके और नए आरोप के अनुरूप याचिका में बदलाव किया जा सके. हाई कोर्ट ने इस संशोधन की अनुमति दे दी और कहा कि संशोधित आरोपों के आधार पर जमानत पर बहस शुरू होने से पहले, याचिका में जरूरी बदलाव कर लिए जाएं. सीबीआई ने अपनी चार्जशीट से ‘भारतीय न्याय संहिता’ की धारा 80(2) के तहत ‘दहेज हत्या’ का आरोप हटा दिया है और धारा 108 के तहत ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ का आरोप जोड़ दिया है