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‘रामायण’ के धमाकेदार ट्रेलर में इसकी अद्भुत कहानी की झलक मिली है. ट्रेलर देखने के बाद दर्शकों का रोमांच सातवें आसमान पर है. सभी सितारे अपने किरदारों में जंच रहे हैं. फिल्म में रावण बने यश समेत सभी बड़े सितारे ट्रेलर लॉन्च इवेंट में मौजूद थे. यश ने मौके की नजाकत को भांपते हुए ‘रामायण’ के बजट और इसकी बेवजह हो रही आलोचना पर अपना कड़ा संदेश दिया. उन्होंने फिल्म के भारी-भरकम बजट की वजह भी बताई.
नई दिल्ली: ‘रामायण’ के रिलीज होने से पहले यश ने फिल्म और उस पर लोगों के रिएक्शन पर बात की. उन्होने इसके 4,000 करोड़ रुपये के बजट पर ध्यान दिलाया. यश ने 15 अक्टूबर को ट्रेलर लॉन्च में बताया कि प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा बार-बार इस भारी-भरकम निवेश का जिक्र क्यों कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस आंकड़े को फिल्म के ग्लोबल स्केल से जोड़कर देखाना चाहिए.
ट्रेलर लॉन्च इवेंट में रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, रवि दुबे, रकुल प्रीत सिंह, निर्देशक नितेश तिवारी और संगीतकार एआर रहमान शामिल हुए. यश फिल्म में रावण का किरदार निभा रहे हैं और एक प्रोड्यूसर के तौर पर भी इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं. उन्होंने मंच का इस्तेमाल फिल्म के बजट के साथ-साथ इसके वीएफएक्स, कास्टिंग और प्रमोशनल कॉन्टेंट को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देने के लिए किया.
यश ने कहा कि भारतीय फिल्मों को विदेशों में तब तक ध्यान नहीं मिल पाता, जब तक कि उनके बड़े स्केल को पूरे आत्मविश्वास के साथ पेश न किया जाए. उन्होंने देश के दर्शकों से भी अपील की कि वे रिलीज होने से पहले ही ऐसी बड़ी भारतीय फिल्मों को निशाना बनाना बंद कर दें.
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यश ने बताया कि ‘रामायण’ के 4,000 करोड़ रुपये के बजट की चर्चा बार-बार क्यों हो रही है. उन्होंने कहा, ‘जब से नमित मल्होत्रा ने ‘रामायण’ पर 4,000 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही है, तब से लोग उन्हें बख्श नहीं रहे हैं. हमारे देश में यही तो समस्या है.’
अभिनेता यश ने तर्क दिया कि जब किसी फिल्म को ग्लोबल दर्शकों के लिए तैयार किया जा रहा हो, तो उसके बजट के बारे में पब्लिक के सामने चर्चा करना जरूरी हो जाता है. यश ने कहा, ‘जब हम अपनी फिल्मों के कैंपेन के लिए विदेश जाते हैं, तो अगर हम लोगों को बताएं कि हमने कम बजट की फिल्म बनाई है, तो शायद वे इसे वह अहमियत न दें जिसकी यह हकदार है. हमें पूरे आत्मविश्वास के साथ उन्हें बताना होगा कि हमने इसे बनाने में कितना निवेश किया है. हमें अपने देश को और अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने पेश करने की जरूरत है.’
‘रामायाण’ के दोनों पार्ट 4,000 करोड़ रुपये के बजट में बने हैं. यश ने पहले भी कहा है कि इस कुल रकम में फिल्म की ग्लोबल रिलीज और कैंपेन से जुड़े खर्च भी शामिल हैं. इसलिए, उनके लिए इस आंकड़े को लेकर हो रही चर्चा का मकसद सिर्फ खर्च का दिखावा करना नहीं है, बल्कि यह दिखाना है कि यह प्रोजेक्ट कितने बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है.
यश ने भारतीय दर्शकों से अपील की कि वे ऐसे बर्ताव को बढ़ावा न दें, जिसमें अपने ही देश के प्रोजेक्ट्स को नीचे गिराने की कोशिश की जाती है. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने जो आंकड़ा बताया है, वह कुल बजट है. भले ही दूसरे लोग आपको नीचे गिराने की कोशिश करें, लेकिन मेरी आपसे गुजारिश है कि आप अंग्रेजों की तरह ‘बांटो और राज करो’ की नीति न अपनाएं. आइए, इस फिल्म को सफल बनाने पर ध्यान दें. एक देश के रूप में हमें एकजुट होने की जरूरत है. मैं कर्नाटक के लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने पूरे परिवार के साथ इस फिल्म को देखें.’
एक्टर यश का मैसेज एकदम साफ था. फिल्म को बाहर से चाहे जैसी भी आलोचना मिले, वे नहीं चाहते कि भारतीय दर्शक फिल्म के मकसद को आपस में बंटने का एक और कारण बना लें. रामायण के वीएफएक्स और कास्टिंग की आलोचना पर यश ने कहा, ‘अक्सर भारत में जब भी कोई टीजर या ट्रेलर रिलीज होता है, तो लोग तुरंत उसकी तुलना दूसरी फिल्मों से करने लगते हैं और उसे कमतर दिखाने लगते हैं. वे कहते हैं कि वीएफएक्स ऐसा या वैसा होना चाहिए था या फिर किसी खास अभिनेता को कास्ट किया जाना चाहिए था. हम अपने ही देश में एक-दूसरे को नीचे नहीं गिरा सकते.’