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SBI loan interest rate hike : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.15% तक की बढ़ोतरी कर दी है. बैंक के इस फैसले से फ्लोटिंग रेट पर लोन लेने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त (EMI) बढ़ना तय है. नई ब्याज दर आज से लागू हो गई हैं.
नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.15% तक की बढ़ोतरी कर दी है. बैंक के इस फैसले से फ्लोटिंग रेट पर लोन लेने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त (EMI) बढ़ना तय है. नई ब्याज दर आज से लागू हो गई हैं. बैंक द्वारा जारी नए रेट्स के मुताबिक, ब्याज दरों में यह बढ़ोतरी चुनिंदा अवधियों (Tenures) के लिए की गई है.
ओवरनाइट यानी एक दिन और 1 महीने की अवधि के MCLR में कोई बदलाव नहीं किया गया है. 3 महीने, 6 महीने, 1 साल, 2 साल और 3 साल की अवधि वाले एमसीएलआर में 15 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की गई है. अधिकांश होम लोन और ऑटो लोन जैसे रिटेल कर्ज 1 वर्ष के MCLR से लिंक्ड होते हैं.
किसे देना होगा ज्यादा ब्याज?
SBI के इस फैसले का असर हर ग्राहक पर तुरंत एक जैसा नहीं दिखेगा. फ्लोटिंग रेट पर लोन लेने वालों की ब्याज दर ही एमसीएलआर में बढोतरी से बढ़ेगी. जिन ग्राहकों का लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क यानी EBLR/RLLR से जुड़ा है, उन पर इसका असर नहीं होगा. खास बात यह है कि सभी एमसीएलआर लिंक्ड लोन पर भी इसका असर तुरंत नहीं दिखेगा. MCLR लिंक्ड लोन्स में रीसेट क्लॉज होता है. अगर आपके 1-वर्षीय MCLR लोन की रीसेट डेट आने वाले महीनों में है, तो बढ़ी हुई ब्याज दरें उसी तारीख से आपकी EMI पर लागू होंगी, अभी नहीं.
ब्याज दरों में 0.15% की बढ़ोतरी के बाद आपके पास दो विकल्प होंगे. आपको या तो हर महीने ज्यादा EMI देनी होगी. अगर आप ज्यादा ईएमआई नहीं दे सकते तो आप लोन की अवधि बढवा सकते हैं. ऐसा करने पर कुल चुकाया जाने वाला ब्याज बढ़ जाएगा.