Jio IPO लगाएगा रिलायंस के शेयरों को पंख, एक्‍सपर्ट ने बताई तेजी आने की वजह

Jio IPO लगाएगा रिलायंस के शेयरों को पंख, एक्‍सपर्ट ने बताई तेजी आने की वजह


नई दिल्ली. जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ (IPO) रिलायंस इडस्‍ट्रीज शेयरों के लिए भी बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है. यह कहना है है कम्‍पलीट स‍र्कल के मैनेजिंग पार्टनर और चीफ इन्‍वेस्‍टमेंट ऑफिसर गुरमीत चड्ढा का. चड्ढा का कहना है कि जिओ आईपीआो रिलायंस की छिपी हुई वैल्यू को अनलॉक करने का सबसे बड़ा जरिया बनेगा, जिससे कंपनी के शेयरों में 15% से 20% की जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है.

गुरमीत चड्ढा ने जिओ आईपीओ को रिलायंस के शेयरधारकों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया है. उनके अनुसार, लंबे समय से कंसॉलिडेशन झेल रहे निवेशकों के लिए यह सही समय पर मिलने वाला बड़ा बूस्टर है. जियो का आईपीओ केवल शेयर की कीमत ही नहीं बढ़ाएगा, बल्कि रिलायंस की बैलेंस शीट का कायाकल्प भी करेगा. इस पब्लिक इश्यू से करीब ₹30,000 करोड़ जुटाने की योजना है, जिसका अधिकांश हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा.

रिलायंस की वास्तविक वैल्यू है 260 अरब डॉलर से 280 अरब डॉलर

चड्ढा के अनुसार, कंपनी के अलग-अलग वर्टिकल्स का आकलन करने वाले सम ऑफ द पार्ट्स (Sum-of-the-Parts) वैल्यूएशन मॉडल के आधार पर रिलायंस की वास्तविक वैल्यू 260 अरब डॉलर से 280 अरब डॉलर के बीच बैठती है. जियो प्लेटफॉर्म्स में कंपनी की 66% हिस्सेदारी है तो रिलायंस रिटेल में 83% हिस्सेदारी है. वहीं, ऑयल-टू-केमिकल्स की वैल्‍यू 60 से 70 अरब डॉलर है. गुरमीत चड्ढा का कहना है कि रिलायंस की मौजूदा मार्केट वैल्यू कम से कम 15% से 20% अधिक होनी चाहिए. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और लार्ज-कैप शेयरों में सप्लाई के भारी दबाव के कारण यह संभावित बढ़त रुकी हुई थी, जिसे जियो का आईपीओ पूरी तरह खोल सकता है.

₹27,000 करोड़ का कर्ज घटेगा

जियो आईपीओ से कंपनी की ₹30,000 करोड़ जुटाने की योजना है, जिसका अधिकांश हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा. ग्लोबल रेटिंग एजेंसी Fitch Ratings के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 तक RIL का शुद्ध कर्ज ₹1,30,000 करोड़ से घटकर लगभग ₹1,00,000 करोड़ रह जाएगा. फीच ने हाल ही में कंपनी की स्थानीय मुद्रा रेटिंग को BBB+ से बढ़ाकर A- कर दिया है. कर्ज घटने से वित्त वर्ष 2027 में कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 0.7 गुना से सुधरकर 0.55 गुना पर आ जाएगा. जियो का यह अनुपात पहले ही 1 गुना से नीचे है, जिससे दोनों की क्रेडिट प्रोफाइल बेहद मजबूत होगी.

ARPU में उछाल और डिजिटल इकोसिस्टम बनेगा कमाई का इंजन

जियो भले ही 53 करोड़ से अधिक यूजर्स और ब्रॉडबैंड में दोगुनी पहुंच के साथ वॉल्यूम का लीडर है, लेकिन वित्तीय रूप से बड़ा खेल अब शुरू होना है. भारती एयरटेल का ARPU जहां ₹260 है, वहीं जियो का ₹218 है. इसका सीधा मतलब है कि जियो के पास भविष्य में टैरिफ बढ़ाने और प्रति यूजर रेवेन्यू खींचने की बहुत बड़ी गुंजाइश बाकी है.

आने वाले 5 से 10 वर्षों में युवा पीढ़ी के डिजिटल खर्च बढ़ने से टेलीकॉम कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाना आसान होगा, जिससे सीधे जियो के मुनाफे में उछाल आएगा. पारंपरिक कॉलिंग और डेटा से आगे बढ़कर जियो अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सैटेलाइट इंटरनेट के जरिए मजबूत फ्री कैश फ्लो तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है.

 (Disclaimer: यहां बताए गए स्‍टॉक्‍स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)



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