IAS Rajiv Ranjan JKAS Beenish Wani Viral Video!

IAS Rajiv Ranjan JKAS Beenish Wani Viral Video!


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IAS Rajiv Ranjan JKAS Beenish Wani Viral Video: जम्मू-कश्मीर में आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन और महिला JKAS अधिकारी बीनिश वानी से जुड़ा कथित वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. वीडियो में महिला अधिकारी बीनिश वानी से कथित बदसलूकी के आरोप लगाए जा रहे हैं. JKAS फ्रेटरनिटी और कर्मचारी संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं, राजीव रंजन ने वीडियो के मॉर्फ्ड या AI से तैयार होने की आशंका जताई है. वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है.

Zoom

वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है

श्रीनगर के सिविल सचिवालय में उस वक्त हंगामा मच गया जब ‘मिशन युवा’ की समीक्षा बैठक का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया. सीनियर आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन और महिला जेकेएएस अधिकारी बीनिश वानी से जुड़े इस वायरल क्लिप में कथित बदसलूकी और तीखे शब्दों के इस्तेमाल के आरोपों ने पूरी जेकेएएस फ्रेटरनिटी का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. इस वीडियो में आईएएस अफसर महिला को डांट रहे हैं. महिला बार-बार अपनी बात कहने का मौका देने की बात कह रही है लेकिन अफसर इतने गुस्‍से में है कि उन्‍हें मौका नहीं दे रहे. इसी बीच महिला अफसर भी चिल्‍लते हुए कहती हैं कि उन्‍हें बात कहने का मौका दिया जाए. अफसर फिर उन्‍हें सस्‍पेंड करने की बात कहते हैं. एक तरफ कर्मचारी संगठन आरोपी अधिकारी पर सख्त एक्शन और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हैं, तो दूसरी तरफ आईएएस साहब ने इस वीडियो को AI-मॉर्फ्ड और फर्जी बताकर विवाद को पूरी तरह से मिस्ट्री में बदल दिया है. अब देखना यह है कि प्रशासन का अगला कदम क्या होता है.

मिशन युवा की बैठक का बताया जा रहा है वीडियो
यह विवाद श्रीनगर के सिविल सचिवालय में मिशन युवा की समीक्षा बैठक से जुड़े कथित वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ. सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप को बैठक के दौरान हुई बातचीत से जोड़कर साझा किया जा रहा है. वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि बातचीत के दौरान महिला JKAS अधिकारी बीनिश वानी के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल हुआ. इसके बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई. हालांकि, सामने आई जानकारी के आधार पर वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए क्लिप के संदर्भ, पूरी बातचीत और उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूरी है.

JKAS फ्रेटरनिटी ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
वीडियो सामने आने के बाद JKAS फ्रेटरनिटी और कर्मचारी संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. विवाद का केंद्र यह पता लगाना है कि वायरल क्लिप वास्तविक है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है. ऐसे मामलों में केवल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर किसी अधिकारी को दोषी ठहराना सही नहीं होगा. पूरी रिकॉर्डिंग, बातचीत का संदर्भ और डिजिटल सामग्री की प्रामाणिकता की जांच से ही स्थिति साफ हो सकती है. IAS राजीव रंजन ने जताई AI से छेड़छाड़ की आशंका.

IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन ने कथित वीडियो के मॉर्फ्ड होने या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किए जाने की आशंका जताई है. उनका यह रुख मामले को एक नया मोड़ देता है. अब जांच में यह देखना अहम होगा कि वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग उपलब्ध है या नहीं. साथ ही, क्लिप में किसी तरह की एडिटिंग या डिजिटल बदलाव के संकेत मिलते हैं या नहीं. इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही वीडियो की विश्वसनीयता पर कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा.



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