कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दक्षिण में राजनीतिक मजबूती मिल गई है. तमिलनाडू के मुख्यमंत्री विजय थलापति ने उनसे हाथ मिला लिया है. लिहाजा दिल्ली वाला खेल अब तमिलनाडू में भी देखने को मिल सकता है. राहुल गांधी और अन्य विपक्षी पार्टियां पिछले कुछ दिनों से एसआईआर में कथित गड़बड़ी और सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर हमलावर हैं और विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. अब चेन्नई में टीवीके भी इस प्रदर्शन में शामिल होगी और सीवीसी के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन करेगी.
थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कषगम (टीवीके), कांग्रेस और INDIA ब्लॉक की अन्य पार्टियां गुरुवार को चेन्नई में प्रदर्शन करेंगी. वे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं. यह विरोध ‘डेमोक्रेसी बचाओ’ अभियान के रूप में किया जाएगा .
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) की ओर से बताया गया कि इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता बी मणिक्कम टैगोर करेंगे. लिहाजा इसमें टीवीके के शामिल होने से विपक्ष और मजबूत हो गया है. राज्य में विपक्षी गठबंधन की सभी सात पार्टियों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे.
टीवीके का है ऐसा पहला प्रदर्शन
बता दें कि यह टीवीके का पहला ऐसा प्रदर्शन है, जिसमें वह CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहा है. टीवीके ने 3 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक में शामिल होने के बाद यह कदम उठाया है.
प्रदर्शन में टीवीके नेता और स्कूल शिक्षा मंत्री ए राजमोहन, विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची (VCK) के अध्यक्ष और सांसद थोल थिरुमावलवन, मरुमलार्ची द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (MDMK) के महासचिव वैको, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रमुख केएम कादर मोहिद्दीन समेत कई नेता शामिल होने वाले हैं. सीपीआई(एम) के राज्य सचिव पी. शनमुगम, सीपीआई के राज्य सचिव एम वीरपांडियन, सीपीआई(एमएल) के राज्य सचिव पाला असैदम्बी और तमिलनाडु के लिए एआईसीसी इंचार्ज निवेदिता अल्वा भी भाग लेंगे.
विपक्षी एकता के लिए बड़ा कदम टीवीके का संग
टीवीके का INDIA ब्लॉक में शामिल होना विपक्षी एकता के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है. कांग्रेस नेता मणिक्कम टैगोर ने इसे ‘ऐतिहासिक’ बताया. उन्होंने CEC और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने की घोषणा की थी. उसी घोषणा के तहत 15 अक्टूबर का यह विरोध आयोजित किया गया है.
टीवीके पर लगे थे आरोप, बढ़ गया था विवाद
SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं. वे चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. इससे पहले टीवीके के इस प्रदर्शन में शामिल न होने पर द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (DMK) ने पार्टी पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया था. हालांकि अब टीवीके ने प्रदर्शन में पुरजोर तरीके से आवाज उठाने की हामी भर ली है.
2 अक्टूबर को DMK अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने टीवीके संस्थापक विजय पर सवाल उठाया था. स्टालिन ने कहा था कि विजय SIR-CEC मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं बोल रहे. उन्होंने पूछा था, “आपको क्या डर है मुख्यमंत्री जी? क्या डर है?” स्टालिन का आरोप था कि विजय भाजपा की आलोचना करने से बच रहे हैं. DMK ने राज्य पुलिस पर भी आरोप लगाया था कि उसने SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया.
इस बीच कांग्रेस और DMK के बीच दरार बढ़ गई है. 12 अक्टूबर को DMK ने INDIA ब्लॉक से बाहर निकलने की घोषणा की. पार्टी ने कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाया. DMK के बयान में कहा गया कि कांग्रेस नेता लगातार द्रविड़ पार्टी के खिलाफ टिप्पणी कर रहे थे. DMK ने कांग्रेस को गठबंधन के अंदर ‘दूसरी पार्टी की स्लीपर सेल’ बताया और SIR मुद्दे पर मतभेदों को अपनी चुनावी हार से जोड़ा.
10 अक्टूबर के बाद बदल गए हालात
हालांकि 10 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विजय की मुलाकात के बाद चीजें सामान्य हो गईं. टीवीके के INDIA ब्लॉक में शामिल होने के बाद दोनों नेता विजय के आवास से एक साथ निकले और पलावक्कम में कॉफी पर मिले थे. इसके बाद विजय ने प्रदर्शन में साथ देने का फैसला किया है.