राष्ट्रपति का वीटो पावर क्या है? छात्राओं ने लिखे अजब-गजब जबाव..शिक्षकों का घूमा माथा, आप भी हो जाएंगे लोटपोट

राष्ट्रपति का वीटो पावर क्या है? छात्राओं ने लिखे अजब-गजब जबाव..शिक्षकों का घूमा माथा, आप भी हो जाएंगे लोटपोट


सागर. सागर एक्सीलेंस गर्ल्स कॉलेज में BA फर्स्ट ईयर की 999 छात्राओं को सप्लीमेंट्री आई थी इसके बाद उन्होंने कॉलेज से लेकर कलेक्ट्रेट तक खूब प्रदर्शन किया था, जिसके चलते मामला सुर्खियों में आ गया था इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने के लिए बुलाया, लेकिन जब रिवैल्युएशन के लिए छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाएं देखी गई और इनमें जो प्रश्नों के आंसर लिखे थे उनको पढ़कर छात्राओं ने खुद अपनी नज़रें नीचे झुका ली, कॉपियां चेक करने बुलाए गए शिक्षकों का भी माथा घूम गया, उत्तर पुस्तिकाओं में कुछ प्रश्नों के किस तरह से आंसर लिखे थे एक नजर इस पर डालते हैं.

दीनदयाल उपाध्याय जी कौन थे?
सागर के उपनगर मकरोनिया में स्थित दीनदयाल नगर की जानकारी लिखते हुए आंसर दिया… दीन दयाल नगर में अधिक गंदगी रहती है. रात में कुत्ते भोंकते हैं, यहां लड़कियां सुरक्षित नहीं है. दीनदयाल नगर में सफाई होनी चाहिए.

सवाल किसी व्यक्ति के परिचय का था, लेकिन जवाब में पूरे दीनदयाल नगर की समस्याओं का ब्योरा लिख दिया. ऐसे ही एक्सपर्ट ने पूछा- राष्ट्रपति का वीटो पावर क्या है, छात्रा बोली- मकरोनिया में जो v2 मॉल है? उसके बारे में जानकारी देने लगी.

वर्तमान समय पर हर व्यक्ति डिजिटल पर निर्भर हो रहा है, इसका क्या सामाजिक प्रभाव है?
वर्तमान समय में भारत भी एक डिजिटल भारत बन गया, इस दौर हर व्यक्ति सोशल मीडिया का प्रयोग करा है.

सामाजिक समानता का क्या अर्थ है?
समाज में सामाजिक समानता बहुत ही कुशल है. समाज अपने अनुसार चल रहा समाज बहुत नियम बनाती है.

वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा क्या है?
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की रात, वासुदेव ने नवजात शिशु श्रीकृष्ण को एक टोकरी में रखकर यमुना नदी पार की थी. कुटुंबकम का अर्थ है कि सास-ससुर, पति और पत्नी एक परिवार में खुश हैं.

प्राचार्य ने दी सफाई
गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं की कॉपियां चेक होने के बाद कॉपियों में छात्राओं की ओर से दिए गए सवालों के जवाब उच्च शिक्षा के स्तर की जमीनी हकीकत बयां कर रहे है. हालांकि, इसको लेकर एक्सीलेंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ आनंद तिवारी का कहना है कि एक तो कोरोना की वजह से बच्चियों का बेस गड़बड़ हुआ है. दूसरा वह कक्षाओं में भी अनुपस्थित रहती हैं. हम लोगों के द्वारा क्लास में स्टूडेंट की संख्या बढ़ाने के लिए कई तरह के प्रयास किया जा रहे हैं. 75% उपस्थिति अनिवार्य किए हुए हैं ऐसा नहीं होने पर परीक्षा से वंचित करते हैं. स्कॉलरशिप रोक दी जाती है लेकिन जो परीक्षा परिणाम आया है इसके बाद स्पेशल कक्षाएं लगाई जा रही हैं.

कॉलेज प्रबंधन ने अभिभावकों के सामने सभी 2469 उत्तरपुस्तिकाएं दिखाने की बात कही थी. लेकिन पहले दिन 69 तो दूसरे दिन 71 छात्राएं ही आईं. दो दिन में सिर्फ मात्र 8 छात्राएं ही अभिभावकों को लेकर आईं. 140 छात्राओं में से महज 16 ने ही रिजल्ट पर असहमति जताई है. प्राचार्य ने बताया कि जिन छात्राओं को सप्लीमेंट्री आई है, उन्हें अब पूरक परीक्षा के लिए पूरक (Compartment Exam) फॉर्म भरना पड़ेगा. इसके लिए उनकी फीस प्रति विषय 400 रुपए से घटाकर कॉलेज प्रबंधन ने 200 रुपए कर दी है.



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