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Jio Ipo : उदय कोटक ने कहा कि वे धीरूभाई अंबानी के हमेशा आभारी रहेंगे, क्योंकि धीरूभाई पहले ऐसे उद्योगपति थे जिन्होंने यह समझा कि असली ताकत आम निवेशकों तक पहुंचने, उनसे पूंजी जुटाने और उन लाखों आम लोगों के लिए वेल्थ सृजित करने में है.
उदय कोटक ने कहा कि उन्होंने धीरूभाई अंबानी से बहुत कुछ सीखा.
नई दिल्ली. जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 21 अक्टूबर को लॉन्च होगा. इसी आईपीओ को लेकर आज एक प्रेंस कांफ्रेंस हो रही है. इसमें जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd) के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी, रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और रिलायंस इंडस्ट्रीज की निदेशक ईशा अंबानी के साथ ही टॉप लीडरशिप जियो की सफलताओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दे रही है. इस प्रेस कांफ्रेंस को कोटक महिंद्रा समूह के संस्थापक और गैर-कार्यकारी निदेशक उदय कोटक ने भी संबोधित किया. उदय कोटक ने 1977 में रिलायंस इंडस्ट्रीट के आईपीओ के बारे में एक दिलचस्प किस्सा बताया.
उदय कोटक ने कहा कि साल 1977 में जब रिलायंस इंडस्ट्रीज का आईपीओ आया तो मुंबई में मरीन ड्राइव से चौपाटी तक रोशनी जगमगा उठी. उदय कोटक ने उस दिन को याद करते हुए कहा, “मुझे अपने 18 साल की उम्र के दिन याद आते हैं. एक दिन मैंने देखा कि पूरी मरीन ड्राइव रोशनी से जगमगा रही थी. मुझे बताया गया कि यह रिलायंस के आईपीओ के प्रचार के लिए किया गया था. वह मेरे लिए एक जादुई पल था. इस घटना का मेरे करियर और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में आगे बढ़ने के फैसले पर गहरा प्रभाव पड़ा”
धीरूभाई अंबानी का रहूंगा आभारी
उदय कोटक ने कहा कि वे धीरूभाई अंबानी के हमेशा आभारी रहेंगे, क्योंकि धीरूभाई पहले ऐसे उद्योगपति थे जिन्होंने यह समझा कि असली ताकत आम निवेशकों तक पहुंचने, उनसे पूंजी जुटाने और उन लाखों आम लोगों के लिए वेल्थ सृजित करने में है.
पांच दशक बाद इतिहास दोहरा रहा है रिलायंस
उदय कोटक ने कहा कि धीरूभाई के उस पहले आईपीओ के करीब 49 साल बाद और रिलायंस समूह के किसी पब्लिक इश्यू के लगभग दो दशक बाद, इतिहास एक बार फिर खुद को नए अंदाज में दोहरा रहा है. कोटक के मुताबिक, यह आईपीओ भारत के शेयर बाजार के लिए ऐतिहासिक है और रिलायंस की अगली पीढ़ी के नेतृत्व की क्षमता भी दिखाता है. उन्होंने कहा कि मुकेश अंबानी के मार्गदर्शन में आकाश अंबानी और ईशा अंबानी जिस तरह डिजिटल और न्यू-एज बिजनेस को आगे बढ़ा रहे हैं, वह उनकी असाधारण नेतृत्व क्षमता को दिखाता है.
डेटा की कमी से डेटा क्रांति
कोटक ने भारत के डिजिटल सफर को रेखांकित करते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में देश ने जमीन-आसमान का फर्क देखा है. भारत कभी ऐसा देश था जहां 4G ग्राहकों की संख्या एक करोड़ से भी कम थी और डेटा बेहद सीमित व महंगा था. आज 4G और 5G यूजर्स की संख्या 100 करोड़ तक पहुंच चुकी है और भारत डेटा की प्रचुरता वाला देश बन चुका है. ये संभव जियो ने बनाया है.
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