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Faridabad News: अगर अदालत में बार-बार तारीख मिल रही है, तो सबसे पहले ऑर्डर शीट निकलवाकर देखनी चाहिए. उसमें पता चल सकता है कि सुनवाई टलने की वजह क्या है और अगली तारीख किस कारण से दी गई है. इससे मामले में देरी की वजह समझने में मदद मिलती है. मोहन तिवारी बताते हैं कि सबसे पहले यह पता करना जरूरी है कि केस में देरी किन कारणों से हो रही है. इसके लिए अपने वकील से बात करनी चाहिए. अगर आपको लगता है कि मामले में शिकायत करने की जरूरत है, तो संबंधित डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष शिकायत कर सकते हैं.
फरीदाबाद: अदालत में किसी मामले की सुनवाई चल रही हो और बार-बार अगली तारीख मिल रही हो, तो लोगों को काफी परेशानी होती है. कई बार लोग छुट्टी लेकर कोर्ट पहुंचते हैं, लेकिन सुनवाई आगे नहीं बढ़ पाती. ऐसे में सवाल उठता है कि बार-बार तारीख मिलने की वजह कैसे पता करें, सुनवाई में तेजी लाने के लिए क्या कदम उठाएं और केस में देरी होने पर शिकायत कहां करें. इन सभी सवालों के जवाब फरीदाबाद सेक्टर-12 कोर्ट के एडवोकेट मोहन तिवारी ने लोकल18 से बातचीत में दिए.
अदालत में बार-बार तारीख मिले तो क्या करें?
एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि अगर अदालत में बार-बार तारीख मिल रही है, तो सबसे पहले ऑर्डर शीट निकलवाकर देखनी चाहिए. उसमें पता चल सकता है कि सुनवाई टलने की वजह क्या है और अगली तारीख किस कारण से दी गई है. इससे मामले में देरी की वजह समझने में मदद मिलती है. मोहन तिवारी बताते हैं कि सबसे पहले यह पता करना जरूरी है कि केस में देरी किन कारणों से हो रही है. इसके लिए अपने वकील से बात करनी चाहिए. अगर आपको लगता है कि मामले में शिकायत करने की जरूरत है, तो संबंधित डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष शिकायत कर सकते हैं.
क्या वकील से जल्दी सुनवाई की मांग कर सकते हैं?
मोहन तिवारी बताते हैं कि आप अपने वकील को अपनी परेशानी बता सकते हैं और जल्दी सुनवाई का अनुरोध कर सकते हैं. इसके लिए यह बताना जरूरी है कि मामला किस तरह का है और जल्द सुनवाई क्यों जरूरी है. वकील अदालत के सामने आपकी बात रख सकते हैं, लेकिन इस पर फैसला अदालत करती है. मोहन तिवारी बताते हैं कि जल्द सुनवाई के लिए अदालत में अर्ली हियरिंग एप्लीकेशन दाखिल की जा सकती है. इसे एक्सपेडाइटेड एप्लीकेशन भी कहा जाता है. इसमें यह बताना होता है कि मामले की सुनवाई जल्दी कराने की जरूरत क्यों है. अदालत आवेदन में दिए गए कारणों पर विचार करती है. मोहन तिवारी बताते हैं कि तारीख मिलने के पीछे केस का प्रकार, उसकी गंभीरता और अदालत में लंबित मामलों का बोझ जैसे कारण हो सकते हैं. अगर मामला गंभीर का है, तो वकील जल्द सुनवाई के लिए अदालत के सामने अपनी बात रख सकते हैं.
केस की अगली तारीख ऑनलाइन कैसे पता करें?
मोहन तिवारी बताते हैं कि ई-कोर्ट्स सर्विसेज पोर्टल पर केस नंबर डालकर अगली तारीख की जानकारी प्राप्त की जा सकती है. इसके अलावा अपने वकील या उनके क्लर्क से संपर्क करके भी अगली सुनवाई की तारीख पता कर सकते हैं. मोहन तिवारी बताते हैं कि मामले की गंभीरता के आधार पर उचित कदम उठाया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर संबंधित डिस्ट्रिक्ट जज को लिखित शिकायत दी जा सकती है. कुछ परिस्थितियों में हाईकोर्ट के संबंधित निरीक्षण न्यायाधीश के समक्ष भी शिकायत भेजने का रास्ता हो सकता है. इसके अलावा अपने वकील के माध्यम से जल्द सुनवाई के लिए आवेदन दाखिल किया जा सकता है. कौन-सा रास्ता उचित होगा, यह मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करता है.