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Trump Tactis : अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले तो दुनिया को रूस के साथ तेल का सौदा करने से रोका और फिर खुद जाकर डीजल खरीदने लगे. जब इस फैसले पर उनकी अमेरिका और दुनियाभर में आलोचना होने लगी तो इस सौदे को पूरी दुनिया के हित में उठाया कदम बता दिया. ट्रंप ने कहा कि रूस का डीजल खरीदने वाले इस सौदे से पूरी दुनिया के बाजार को फायदा होगा. इस सौदे से ग्लोबल मार्केट में डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी.
अमेरिका ने रूस के साथ डीजल खरीदने का सौदा किया है.
नई दिल्ली. दुनिया को रूस से तेल न खरीदने की हिदायत देने वाले अमेरिका ने जब खुद सौदा किया तो उसे भी दुनिया की आलोचना का शिकार बनना पड़ा. अब इन आलोचनाओं से बचने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल खरीदने की वजह पूरी दुनिया पर थोप दी है. रूस के साथ डीजल सौदे पर आलोचनाओं का सामना कर रहे ट्रंप ने कहा है कि रूस से खरीदा जाने वाला ईंधन ग्लोबल मार्केट में स्थिरता पैदा करने के लिए है. इस सौदे से ग्लोबल मार्केट में तेल की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी.
ट्रंप ने 9 अक्टूबर को घोषणा की थी कि रूस 3 लाख टन से अधिक डीजल की सप्लाई करेगा. इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और इसके तुरंत बाद 10 लाख टन डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति की जाएगी. इस सप्लाई को आसान बनाने के लिए अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने एक अस्थायी लाइसेंस जारी किया है. इसके तहत ग्लोबल मार्केट में रूसी डीजल की सप्लाई पर लगे प्रतिबंधों में सात अप्रैल, 2027 तक ढील दी गई है. यह कदम अमेरिका में नवंबर में होने वाले कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों से पहले उठाया गया है. ईरान युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने से डीजल की कीमतों में तेज उछाल आया है.
ट्रंप का दावा- दुनिया के लिए है यह सौदा
ट्रंप ने कहा कि यह डीजल का समझौता हमारे लिए नहीं है. इसे दुनिया के बाजार में जारी किया जा रहा है. इसकी आपूर्ति हमें नहीं की जा रही है. उन्होंने पिछले सप्ताह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के बाद घोषित इस अप्रत्याशित समझौते पर बढ़ती चर्चाओं के बीच यह बात कही है. रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों दलों के नेताओं ने इस समझौते की आलोचना की है. ट्रंप ने यह घोषणा अमेरिकी कांग्रेस द्वारा रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाने और चीन तथा भारत समेत रूस के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर शुल्क लगाने का अधिकार दिए जाने के तीन सप्ताह बाद की थी.
ग्लोबल मार्केट तक जाएगा असर
ट्रंप ने कहा कि यह डीजल का ऐसा समझौता है, जिसके तहत ईंधन वैश्विक बाजार के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. वहां ऊंची कीमतों का असर पड़ा है. जब आप डीजल रिफाइनरियों को बंद कर देते हैं, तो यह अच्छी बात नहीं होती. हालांकि, वे इसकी आपूर्ति हमें नहीं कर रहे हैं. वे इसे पूरी दुनिया के लिए जारी कर रहे हैं. अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों के सांसदों के एक समूह ने मंगलवार को ट्रंप को पत्र लिखकर रूस के साथ हुए इस समझौते को हमारे विरोधी के लिए तोहफा और हमारे सहयोगियों के साथ विश्वासघात करार दिया.
अमेरिकी सांसदों ने भी किया विरोध
सांसदों ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ 9 अक्टूबर को किया गया आपका समझौता न तो उचित उद्देश्य हासिल करेगा और न ही अमेरिकियों को इससे कोई लाभ होगा. इस पत्र पर डेमोक्रेटिक पार्टी के रिचर्ड ब्लूमेंथल, क्रिस कून्स, डिक डर्बिन, जैक रीड, जीन शाहीन तथा शेल्डन व्हाइटहाउस और रिपब्लिकन पार्टी के एलन आर्मस्ट्रांग, सुसान कॉलिन्स, जॉन कॉर्निन, मिच मैककॉनेल, लिसा मर्कोव्स्की तथा थॉम टिलिस ने हस्ताक्षर किए. पत्र में कहा गया कि यह समझौता हमारे विरोधी के लिए तोहफा और हमारे सहयोगियों के साथ विश्वासघात है. इसे रद्द किया जाना चाहिए.