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जमशेदपुर के टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में बाघिन सुनैना ने तीन नन्हे शावकों को जन्म दिया है. चिड़ियाघर प्रबंधन ने लोगों से इन तीनों शावकों के लिए नाम सुझाने की अपील की है.
जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में स्थित टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में इन दिनों खुशियों का माहौल है. यहां बाघिन सुनैना ने तीन नन्हे शावकों को जन्म दिया है. खास बात यह है कि इस नन्हे बाघ परिवार में दो मादा और एक नर शावक शामिल हैं. अब इनकी किलकारियों के साथ चिड़ियाघर में रौनक बढ़ गई है. सबसे मजेदार बात यह है कि इन तीनों नन्हे मेहमानों का नाम रखने का मौका आपको भी मिल सकता है. यानी अगर आपके पास कोई प्यारा, अनोखा और शानदार नाम है, तो उसे सुझाकर आप भी इस खास पल का हिस्सा बन सकते हैं.
23 सितंबर को हुआ तीन नन्हे मेहमानों का जन्म
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में इन तीनों शावकों का जन्म 23 सितंबर 2026 की सुबह हुआ था. इनकी मां सुनैना पहली बार मां बनी है, जबकि इनके पिता का नाम रुद्र है. रुद्र को महाराष्ट्र के नागपुर स्थित गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से जमशेदपुर लाया गया था. चिड़ियाघर प्रबंधन ने शुरुआती देखभाल और निगरानी के बाद अब इनके जन्म की जानकारी साझा की है. तीन नए सदस्यों के आने से चिड़ियाघर में बाघों का परिवार और बड़ा हो गया है.
एक शावक को लगी चोट, डॉक्टर कर रहे देखभाल
तीनों शावकों की कहानी में एक चिंता की बात भी सामने आई है. पहली बार मां बनी सुनैना से अनजाने में एक मादा शावक को चोट लग गई थी. इसके बाद चिड़ियाघर के डॉक्टरों ने तुरंत इलाज किया और घाव पर टांके लगाए. फिलहाल उसकी हालत में सुधार हो रहा है और वह खतरे से बाहर है. उसका वजन लगभग 1.8 किलोग्राम है. वहीं, नर शावक का वजन करीब 2.9 किलोग्राम और दूसरी मादा शावक का वजन लगभग 2.53 किलोग्राम है. डॉक्टर तीनों की सेहत पर लगातार नजर रख रहे हैं. सीसीटीवी कैमरों से भी उनकी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है.
अब आपकी बारी, सुझाइए तीनों के नाम
अगर आप भी इन नन्हे बाघों के नामकरण में शामिल होना चाहते हैं, तो आपके पास शानदार मौका है. टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क ने लोगों से तीनों शावकों के लिए एक-एक नाम सुझाने की अपील की है. आप अपने पसंदीदा नाम व्हाट्सऐप या मैसेज के जरिए +91 9438291637 पर भेज सकते हैं.
जीतने वालों को मिलेगा खास इनाम
नाम भेजने की आखिरी तारीख 19 अक्टूबर 2026 है. चिड़ियाघर की टीम तीन सबसे अच्छे सुझावों का चयन करेगी. चुने गए विजेताओं को निःशुल्क प्रवेश पास और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा. ऐसे में नाम सोचते समय अपनी रचनात्मकता दिखाइए. आखिरकार, आपके सुझाए नाम से इन नन्हे बाघों की पहचान जुड़ सकती है. यह वन्यजीवों के प्रति प्यार जताने और जमशेदपुर के इस खास पल से जुड़ने का भी अच्छा अवसर है.