Rajasthan Panchayat Chunav 2026 : पहले चरण के नामांकन के बाद दावेदार उतरे मैदान में, कहीं निर्विरोध जीत तो कहीं प्रत्याशियों के पर्चे खारिज

Rajasthan Panchayat Chunav 2026 : पहले चरण के नामांकन के बाद दावेदार उतरे मैदान में, कहीं निर्विरोध जीत तो कहीं प्रत्याशियों के पर्चे खारिज


जयपुर. राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर गांवों की चौपालों से लेकर जिला मुख्यालयों तक राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. पहले चरण के नामांकन के बाद अब गांवों में कौन जीतेगा और किसे हार मिलेगी, इस पर चर्चा होने लगी है. जयपुर जिले में जिला परिषद और पंचायत समितियों के लिए बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल हुए हैं. वहीं, बाड़मेर, झालावाड़ और राजसमंद में नामांकन खारिज होने और निर्विरोध निर्वाचन के मामले सामने आए हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस और भाजपा ने पंचायत चुनाव के लिए संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं.

जयपुर जिला परिषद चुनाव के लिए 8 से 13 अक्टूबर तक कुल 234 नामांकन प्राप्त हुए. इनमें कांग्रेस के 110, भाजपा के 65 और अन्य प्रत्याशियों के 59 नामांकन शामिल हैं. अकेले 13 अक्टूबर को 186 नामांकन दाखिल हुए, जिनमें कांग्रेस के 80 और भाजपा के 56 नामांकन थे. जयपुर जिला परिषद चुनाव के लिए कांग्रेस ने 32 उम्मीदवारों की दूसरी सूची भी जारी की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर सूची जारी की गई. जिले की पहले चरण में शामिल आठ पंचायत समितियों में कुल 603 नामांकन दाखिल हुए. इनमें कांग्रेस के 250, भाजपा के 180 और अन्य प्रत्याशियों के 173 नामांकन शामिल हैं.

चौमूं से सबसे ज्यादा नामांकन
पंचायत समिति स्तर पर चौमूं में सबसे ज्यादा 104 नामांकन आए. गोविंदगढ़ में 94, जोबनेर में 86, किशनगढ़ रेनवाल में 75, सांभर में 64, मौजमाबाद में 62 और झोटवाड़ा तथा दूदू में 59-59 नामांकन प्राप्त हुए. वहीं, दूसरे चरण की अमरसर, आमेर, जालसू, रामपुरा डाबड़ी और शाहपुरा पंचायत समितियों के 81 वार्डों में 13 अक्टूबर को कोई नामांकन दाखिल नहीं हुआ.

चुनाव की निगरानी के लिए 66 पर्यवेक्षक नियुक्त
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की निगरानी के लिए 66 अधिकारियों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. इन अधिकारियों की ट्रेनिंग 16 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे सचिवालय में होगी. उधर, पाली जिले में जिला परिषद के 33 वार्डों और सोजत, बगड़ी नगर, मारवाड़ जंक्शन, रानी तथा सुमेरपुर पंचायत समितियों के नामांकन पत्रों की जांच की जा रही है. जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी की मौजूदगी में जिला परिषद के नामांकन पत्रों की जांच का कार्यक्रम रखा गया है. दोनों प्रमुख दलों के सामने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय उतरे प्रत्याशियों को मनाने की चुनौती भी है.

बाड़मेर में भाजपा और कांग्रेस को झटका
बाड़मेर जिला परिषद चुनाव में वार्ड 4 से भाजपा प्रत्याशी साबू का नामांकन ओबीसी प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण खारिज हो गया. यह वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित था. पर्चा खारिज होने के बाद अब पूर्व मंत्री अमीन खान के बेटे शेर मोहम्मद और RLP के बीच मुकाबला बताया जा रहा है. वहीं, वार्ड 35 से कांग्रेस प्रत्याशी आवड़ दान रतनू का नामांकन भी खारिज हुआ है. दी गई जानकारी के अनुसार, नामांकन पत्र में ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी’ लिखे जाने के कारण पर्चा निरस्त किया गया. इसके बाद कांग्रेस की नजर निर्दलीय प्रत्याशियों पर टिकी है.

झालावाड़ में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित
झालावाड़ जिला परिषद के वार्ड 19 से भाजपा प्रत्याशी प्रेम बाई लोधा निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं. नामांकन जांच के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी प्रज्ञा गुर्जर का पर्चा उम्र कम होने के कारण खारिज हुआ. इसके बाद प्रेम बाई लोधा के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया. इसी जिले के भवानीमंडी में कांग्रेस ने पंचायत चुनाव की तैयारी को लेकर कार्यकर्ता सम्मेलन किया. इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शामिल हुए. डोटासरा ने किसानों को खाद-बीज नहीं मिलने, नकली खाद-बीज की बिक्री और युवाओं तथा बेटियों के प्रदर्शन के अधिकार जैसे मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि वह चाहते थे कि पंचायत चुनाव में नेताओं के परिवारों के बजाय आम कार्यकर्ताओं को मौका मिले. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने और पुराने कार्यकर्ताओं का हक नहीं मारने की अपील की.

धौलपुर में चुनावी रंजिश, करीब आधा दर्जन घायल
धौलपुर में उपसभापति रेखा कोली और भाजपा प्रत्याशी प्रियंका के समर्थकों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है. दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने से करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. बताया गया है कि उपसभापति का चुनाव एक वोट से जीतने के बाद से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी. अस्पताल में भी दोनों पक्षों के भिड़ने और मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी है. एक पक्ष ने दूसरे पर मारपीट और गुंडागर्दी के आरोप लगाए हैं. पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों और वीडियो के आधार पर जांच कर रही है.

बारां में भाजपा जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस में शामिल
बारां में कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष निर्मल माथोड़िया कांग्रेस में शामिल हो गए. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई. सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी पहुंचे. अंता विधायक प्रमोद जैन भाया और जिला प्रमुख उर्मिला जैन ने नेताओं का स्वागत किया. कार्यक्रम राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर जैन तीर्थ के पास आयोजित हुआ. नेताओं ने एक साथ हाथ उठाकर एकता का संदेश दिया.

सिरोही में भाजपा युवा मोर्चा ने बांटी जिम्मेदारियां
पंचायती राज चुनाव के लिए सिरोही भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष गोपाल माली ने संयोजक और सह संयोजकों की घोषणा की. जिले के संयोजक अनिल प्रजापत बनाए गए हैं, जबकि राजन वशिष्ठ, सचिन राजपुरोहित और पृथ्वी सिंह गोहिल सह संयोजक होंगे. शिवगंज विधानसभा में विक्रम सिंह इंदा संयोजक और हीरल कुमारी तथा कमल सिंह राव सह संयोजक होंगे. आबू-पिंडवाड़ा में कल्पेश सोनी संयोजक, राकेश बराला और प्रतीक टांक सह संयोजक बनाए गए हैं. रेवदर में बलवंत देवासी संयोजक तथा रवि जोशी और आनंद वैष्णव सह संयोजक होंगे.

राजसमंद के खमनौर में कांग्रेस को निर्विरोध जीत
राजसमंद जिले की खमनौर पंचायत समिति के वार्ड 5 से कांग्रेस प्रत्याशी गंगा निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं. भाजपा वार्ड 5, 17 और 18 में प्रत्याशी नहीं उतार पाई. वार्ड 17 और 18 में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला बताया गया है. नामांकन जांच के बाद 12 पर्चे खारिज हुए और 19 वार्डों में 52 उम्मीदवार चुनाव मैदान में बचे हैं.

सिरोही नगर परिषद में बिजली कटौती का मुद्दा
सिरोही नगर परिषद के बोर्ड गठन के बाद पहली बैठक आयोजित की जा रही है. बैठक में सभापति, आयुक्त और 70 पार्षद मौजूद हैं. बैठक से पहले ही शहर में बिजली कटौती को लेकर चर्चा तेज है. माना जा रहा है कि बिजली विभाग की लगातार आंख-मिचौली बैठक में प्रमुख मुद्दा बन सकती है. शहर के दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा होनी है. राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही नामांकन जांच, प्रत्याशियों की सूची, निर्विरोध जीत और दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां चुनावी माहौल को तेज कर रही हैं. अब सबकी नजर नामांकन जांच के बाद बचे उम्मीदवारों, चुनाव प्रचार और गांवों में बनने वाले समीकरणों पर है.



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