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Pahadi Garlic Identification: उत्तराखंड के पहाड़ों में उगने वाले अलसी लहसुन की कुछ खास पहचान होती हैं. बागेश्वर की स्थानीय जानकार प्रेमा कोरंगा के मुताबिक, इसकी कुछ किस्में आकार में छोटी होती हैं, जबकि कलियों की बनावट, छिलके का रंग, तेज खुशबू और तीखा स्वाद भी इसकी पहचान के संकेत देते हैं. हालांकि, सिर्फ आकार या रंग देखकर इसकी किस्म की पक्की पहचान नहीं की जा सकती. पहाड़ी लहसुन को काटने या कुचलने पर आने वाली तेज खुशबू भी इसे खास बनाती है. जानिए पहाड़ी अलसी लहसुन की पहचान कैसे करें और इसे सामान्य लहसुन से अलग कैसे समझें.
Pahadi Garlic Identification: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मिलने वाले लहसुन का स्वाद और खुशबू इसे खास बनाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहाड़ी अलसी लहसुन की पहचान कैसे की जाती है और यह सामान्य लहसुन से कितना अलग होता है? स्थानीय जानकार प्रेमा कोरंगा के मुताबिक, लहसुन के आकार, कलियों की बनावट, छिलके के रंग और उसकी खुशबू से पहचान की जाती है.
बागेश्वर की स्थानीय जानकार प्रेमा कोरंगा बताती हैं कि पहाड़ी इलाकों में मिलने वाले लहसुन की कुछ किस्में आकार में छोटी होती हैं. इनकी कलियां ठोस और बाहरी छिलके का रंग सफेद, हल्का लाल या मटमैला होता है. हालांकि, लहसुन का आकार और रंग उसकी किस्म, उगाने की परिस्थितियों और भंडारण पर भी निर्भर करता है. इसलिए केवल छोटे आकार या छिलके के रंग को देखकर इसे पहाड़ी अलसी लहसुन नहीं कहा जा सकता.
पहाड़ी लहसुन को काटने या कुचलने पर तेज खुशबू आती है. इसका स्वाद भी तीखा होता है. लहसुन में मौजूद सल्फर युक्त यौगिक इसकी खास गंध और तीखेपन की वजह हैं. स्थानीय महिलाएं अपने अनुभव के आधार पर इसकी खुशबू, स्वाद और कलियों की बनावट से गुणवत्ता का अंदाजा लगाती हैं. हालांकि, तेज खुशबू होना ही किसी खास किस्म की पहचान या शुद्धता का पक्का प्रमाण नहीं है. उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं खेती, बीज बचाने और स्थानीय खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने का काम लंबे समय से करती आ रही हैं. कई परिवारों में घर पर उगाए गए लहसुन को सुखाकर रखा जाता है, ताकि सालभर इसका इस्तेमाल किया जा सके. पहाड़ी घरों में इसे दाल, सब्जी, चटनी और दूसरे स्थानीय पकवानों में डाला जाता है.
सेहत के लिए कितना फायदेमंद है लहसुन
लहसुन का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में भी किया जाता है. कुछ शोधों में लहसुन के सेवन से ब्लड प्रेशर और कुल कोलेस्ट्रॉल में मामूली कमी के संकेत मिले हैं. हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है. इसके अलावा लहसुन को जोड़ों के दर्द, गठिया या सर्दी-जुकाम के इलाज में भी इस्तेमाल किया जाता है. लहसुन का अधिक सेवन कुछ लोगों में पेट में जलन, गैस या पाचन से जुड़ी परेशानी पैदा कर सकता है. वहीं, खून पतला करने वाली दवाएं लेने वाले लोगों को लहसुन की ज्यादा मात्रा या इसके सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. ,