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Jio IPO : जियो का आईपीओ आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं और इससे पहले कंपनी को दुनियाभर के निवेशकों से बड़ा ऑफर मिला है. मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि करीब 20 अरब डॉलर यानी 1.9 लाख करोड़ रुपये का निवेश ऑफर मिला है. जियो प्लेटफॉर्म्स ने 30 हजार करोड़ से बड़ा आईपीओ उतारने की तैयारी कर ली है, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है.
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को उतारा जा सकता है.
नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विस कंपनी जियो प्लेटफॉर्म को आईपीओ से पहले ही 20 अरब डॉलर का ऑफर मिला है. यह देश की अब तक की सबसे बड़ी शेयर बिक्री हो सकती है. मामले से जुड़े लोगों ने ब्लूमबर्ग को बताया कि फिडेलिटी, एलियांज और कैपिटल ग्रुप जैसे ग्लोबल निवेशकों के साथ-साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियों ने भी इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई है. यह जानकारी अभी गोपनीय है और एंकर निवेशकों की अंतिम सूची आने वाले दिनों में तय होने का अनुमान है.
रिपोर्ट का कहना है कि जियो के आईपीओ की प्रक्रिया अभी चल रही है और एंकर इन्वेस्टर को शेयर अलॉट करने के बारे में कोई फाइनल फैसला नहीं लिया गया है. मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स अपने IPO के लिए 10.3 लाख करोड़ रुपये (लगभग 108 अरब डॉलर) तक की वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रही है. यह वैल्यूएशन लक्ष्य पहले की उम्मीदों से कम है, जो कथित तौर पर 170 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी. प्रस्तावित वैल्यूएशन निवेशकों के लिए एक अहम फैक्टर होगा, क्योंकि वे कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं और इससे मिलने वाले रिटर्न का भी आकलन करेंगे और इसी आधार पर अपने पैसे लगा सकते हैं.
लंदन-न्यूयॉर्क में की थी बैठक
भारत के टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस मार्केट में जियो की मजबूत स्थिति को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि इस IPO में घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की काफी दिलचस्पी होगी. जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी IPO की तैयारियों और इन्वेस्टर्स से बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में अंबानी और उनकी टीम ने हांगकांग, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे बड़े फाइनेंशियल सेंटर्स में इन्वेस्टर्स के साथ बैठकें की हैं. इस दौरान इन्वेस्टर्स ने कंपनी के टारगेट वैल्यूएशन और डिजिटल सर्विसेज व प्लेटफॉर्म्स से कमाई करने की योजनाओं के बारे में जानकारी ली. निवेशकों को भी साफ दिख रहा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रस्तावित लिस्टिंग पर सबकी नजर है, क्योंकि इसका दायरा बहुत बड़ा हो सकता है और भारत की टेलीकॉम और डिजिटल इकॉनमी के लिए कंपनी काफी अहम है.
बन सकता है नया रिकॉर्ड
जियो प्लेटफॉर्म्स भारत में टेलीकम्युनिकेशन बिजनेस के साथ-साथ डिजिटल ऐप्लिकेशन्स और सर्विसेज पर आधारित एक बड़ा डिजिटल इकोसिस्टम चलाती है. कनेक्टिविटी के अलावा इन ऑफरिंग्स से रेवेन्यू कमाने की उसकी क्षमता, IPO का आकलन करने वाले इन्वेस्टर्स के लिए काफी जरूरी फैक्टर होगा. अगर इसे प्रस्तावित पैमाने पर पूरा किया जाता है, तो यह ऑफरिंग भारत के IPO मार्केट के लिए एक नया रिकॉर्ड बना सकती है. लिस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही, इश्यू का फाइनल साइज, वैल्यूएशन और एंकर निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ती जाएगी.
(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)