नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने अपनी डिजिटल और टेलीकॉम सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के आईपीओ (IPO) के लिए बुधवार, 14 अक्टूबर को गुजरात के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है. आरएचपी के अनुसार, अगर आपके पोर्टफोलियो में पहले से ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर मौजूद हैं, तो इस आईपीओ में आपको भारी एडवांटेज मिलने वाला है.
सीएनबीसी टीवी18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरएचपी के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ आम निवेशकों के लिए बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा. वहीं बड़े संस्थागत यानी एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की विंडो सोमवार, 19 अक्टूबर को खुलेगी. इस पब्लिक इश्यू के जरिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले अधिकतम 27 करोड़ फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाने की संभावना है.
रिलायंस शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ का स्पेशल कोटा
इस आईपीओ की सबसे खास बात रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा निवेशकों के लिए रखा गया रिजर्वेशन है. आरएचपी दस्तावेजों के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए अधिकतम 2,500 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर रिजर्व रखे गए हैं. कंपनी के पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रहेंगे. यह शेयरहोल्डर कोटा उन व्यक्तिगत निवेशकों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) को मिलेगा, जिनके पास आरएचपी फाइलिंग की कट-ऑफ डेट तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर डीमैट खाते में मौजूद थे.
44 लाख से ज्यादा निवेशकों को फायदा
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के जून तिमाही के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज में लगभग 44.72 लाख छोटे रिटेल निवेशक हैं, जिनकी कुल हिस्सेदारी 7.16 फीसदी है. अमूमन बड़े आईपीओ में भारी ओवर-सब्सक्रिप्शन के चलते रिटेल कैटेगरी में अलॉटमेंट मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है. लेकिन 2,500 करोड़ रुपये का अलग शेयरहोल्डर कोटा होने से रिलायंस के मौजूदा निवेशकों को अलॉटमेंट में बड़ी फायदा हो सकता है.
एक विशाल टेक प्लेटफॉर्म है जियो
जियो प्लेटफॉर्म्स केवल एक टेलीकॉम ऑपरेटर नहीं, बल्कि देश का सबसे बड़ा डिजिटल इकोसिस्टम है. 52.4 करोड़ से ज्यादा मोबाइल यूजर्स और 2.7 करोड़ से अधिक फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों के मजबूत बेस के साथ कंपनी कनेक्टिविटी, डिवाइसेज, ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लिकेशन्स के चारों स्तरों पर काम करती है. इसके पोर्टफोलियो में MyJio, JioSaavn, JioTV और JioAICloud जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ एयरपोर्ट, बैंकिंग और पावर सेक्टर को सर्विस देने वाला विशाल एंटरप्राइज नेटवर्क भी शामिल है.
(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)