Jagannath Rath Yatra : आप भी खरीदना चाहते हैं जगन्नाथ भगवान का रथ, एक पहिये की कीमत 4 लाख रुपये


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Jagannath Rath Yatra : भगवान जगन्नाथ की यात्रा जिस रथ पर निकलती है, उसके पहियों को नीलाम किया जा रहा है. इस बार एक पहिये की कीमत 4 लाख रुपये रखी गई है, जो पिछले साल तक 3 लाख रुपये थी. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने यात्रा में शामिल तीनों रथों के पहियों की कीमत तय कर दी है, जो पिछले साल से काफी ज्यादा है. इस बार इन पहियों को किसी बड़ी कंपनी को बेचने की तैयारी है और इसके लिए नीलामी प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सकती है.

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आप भी खरीदना चाहते हैं जगन्नाथ भगवान का रथ, एक पहिये की कीमत 4 लाख रुपयेZoom

भगवान जगन्नाथ के रथ का पहिया हर साल नीलामी के लिए रखा जाता है.

नई दिल्ली. दुनियाभर में फेमस जगन्नाथ रथ यात्रा को भला कौन नहीं जानता. हर साल असीम श्रद्धा के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ को खींचकर लाखों लोगों की भक्ति का सैलाब उमड़ता है. रथ यात्रा समाप्त होने के बाद इसके अलग-अलग पार्ट को आम लोगों को नीलाम कर दिया जाता है. इस बार भी भगवान जगन्नाथ के रथों को नीलाम किया जा रहा है, लेकिन इसकी कीमत पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले काफी ज्यादा है.

भगवान जगन्नाथ के रथ को नंदीघोशा कहते हैं और इस बार रथ के एक पहिये की कीमत 4 लाख रुपये रखी गई है. यह नीलामी श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन, पुरी की ओर से आयोजित की जाती है. पिछले साल 2025 में भगवान जगन्नाथ के रथ नंदीघोशा के एक पहिये की कीमत 3 लाख रुपये लगाई गई थी और इस साल यह कीमत 4 लाख रुपये पहुंच गई है. इसका मतलब है कि अगर आप भगवान जगन्नाथ के रथ का पहिया पूजा करने के लिए लाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 4 लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे.

अन्य रथों के पहिये की भी कीमत तय
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, सभी तीनों रथों के पहिये की कीमत पिछले साल के मुकाबले बढ़ा दी गई है. पिछले साल भगवान बलभद्र के तलधवजा रथ के पहिये की कीमत 2 लाख रुपये, जो इस साल बढ़ाकर तीन लाख कर दी गई है. इसी तरह, देवी सुभद्रा के रथ का पहिया इस बार 2 लाख रुपये में बिक रहा है, जो पिछले साल 1.5 लाख में बिका था. फिलहाल इसकी बिक्री शुरू नहीं की गई है, लेकिन जल्द ही नीलामी की तिथियों का ऐलान होने की संभावना है.

सरकार को भी बंधी उम्मीद
मंदिर प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार को भी उम्मीद थी कि इन पवित्र रथों के पहिये इस साल ज्यादा कीमत पर बिक जाएंगे. इसी मंशा के साथ मंदिर प्रशासन ने इन रथों के पहियों की कीमत बढ़ाई है. हालांकि, यह भी आशंका है कि कीमतें ज्यादा बढ़ाए जाने से आम आदमी का रुख इसे खरीदने की तरफ कम हो सकता है. कुछ लोगों का कहना है कि यह धर्म और श्रद्धा का विषय है और इसका मकसद पैसे जुटाना नहीं होना चाहिए. सरकार का अनुमान है कि कीमत ज्यादा होने से इन पहियों को किसी बड़े संस्थान को बेचा जा सकता है.

कंपनियों को बेचने की तैयारी
मंदिर प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस बार तीनों रथों के पहियों को किसी बड़े संस्थान जैसे सरकारी कंपनियों को बेचने की तैयारी है. इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और नाल्को जैसी कंपनियां इसके लिए बोली लगा सकती हैं. अनुमान है कि यह कंपनियां इन पहियों के लिए तय की गई बेसिक कीमत से ज्यादा मूल्य चुका सकती हैं. हालांकि, अभी तक किसी भी कंपनी की ओर से आवेदन नहीं आया है और सरकार भी इसकी डेडलाइन बढ़ा सकती है.



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