Faridabad News : फरीदाबाद में पति-पत्नी ने बनाई ऐसी दुर्गा प्रतिमा, कीमत 2 लाख, गाजियाबाद से लेने पहुंचे लोग

Faridabad News : फरीदाबाद में पति-पत्नी ने बनाई ऐसी दुर्गा प्रतिमा, कीमत 2 लाख, गाजियाबाद से लेने पहुंचे लोग


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Faridabad Durga Puja : फरीदाबाद में पश्चिम बंगाल से आए पदमा और उनके पति पिछले 30 सालों से मां दुर्गा की मूर्तियां बना रहे हैं. इस बार उन्होंने 16 फीट ऊंची प्रतिमा तैयार की है, जिसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये है. गाजियाबाद से इसका ऑर्डर मिला है. उनकी बनाई मूर्तियों की मांग दिल्ली-एनसीआर से लेकर राजस्थान तक है. लोकल 18 से पदमा बताती हैं कि इस बार करीब 25 मूर्तियां तैयार करवाई गई हैं. इस काम की शुरुआत अप्रैल महीने में हुई थी. मूर्तियों की कीमत 50 हजार रुपये से शुरू होती है, जबकि बड़ी मूर्तियों की कीमत आकार और बनावट के हिसाब से लाखों तक पहुंच जाती है. पदमा कहती हैं कि मां दुर्गा की मूर्ति बनाने में कम से कम चार तरह की मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है.

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फरीदाबाद. मेहनत और हुनर के दम पर इंसान अपनी अलग पहचान बना सकता है. इसकी मिसाल फरीदाबाद में देखने को मिलती है, जहां पश्चिम बंगाल से आए पदमा और उनके पति पिछले 30 सालों से मां दुर्गा की मूर्तियां बनाने का काम कर रहे हैं. पति-पत्नी ने मिलकर मिट्टी से मूर्तियां बनाने का काम शुरू किया था. आज उनके हाथों से बनी मां दुर्गा की प्रतिमाओं की मांग दिल्ली-एनसीआर से लेकर राजस्थान तक है. इस बार उन्होंने करीब 16 फीट ऊंची दुर्गा प्रतिमा तैयार की है, जिसे गाजियाबाद के एक संगठन ने ऑर्डर देकर बनवाया है. इस मूर्ति की कीमत करीब 2 लाख रुपये है. लोकल 18 से पदमा बताती हैं कि इस बार करीब 25 मूर्तियां तैयार करवाई गई हैं. आमतौर पर हर साल करीब 30 मूर्तियां बनाई जाती हैं. इस काम की शुरुआत अप्रैल महीने में हुई थी और करीब छह महीने की मेहनत के बाद बड़ी प्रतिमा बनकर तैयार हुई है. मूर्तियों की कीमत 50 हजार रुपये से शुरू होती है, जबकि बड़ी मूर्तियों की कीमत आकार और बनावट के हिसाब से लाखों रुपये तक पहुंच जाती है.

सालभर चलता काम

पदमा बताती हैं कि मां दुर्गा की मूर्ति बनाने में कम से कम चार तरह की मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है. मूर्ति को आकर्षक रूप देने के लिए उसके रंग और सजावट का सामान कोलकाता से लेकर आते हैं. शुरुआत में हम दोनों पति-पत्नी ने मिलकर इस काम को शुरू किया. अब हमारे पास कारीगर भी काम करते हैं. इसी काम से परिवार का खर्च चल रहा है और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई हुई. पदमा कहती हैं कि इसके बाद लक्ष्मी माता की मूर्तियां और दिवाली के लिए दूसरी प्रतिमाएं बनाएंगे. इसी तरह सालभर काम चलता रहता है. बंगाल के अलावा बिहार समेत दूसरे राज्यों से भी ग्राहक मूर्तियां लेने आते हैं.

क्या बोले ग्राहक

16 फीट की मूर्ति का ऑर्डर देने वाले गाजियाबाद के इंद्रापुरम निवासी दिप्तेंद्र बोस बताते हैं कि हमारा संगठन इस बार दुर्गा पूजा का 20वां आयोजन कर रहा है. इसके लिए मुझे करीब 16 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा बनवाई है, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपये है. हम कई सालों से फरीदाबाद से ही मूर्ति ले जा रहे हैं. यहां मूर्तियों की कीमत ठीक रहती है और बनाने का तरीका भी बहुत अच्छा है.



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