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Delhi University Hostel News 2026:दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले हजारों छात्रों के लिए अच्छी खबर है. अब उन्हें हॉस्टल की कमी से राहत दिलाने के लिए यूनिवर्सिटी ने एक बड़ा फैसला लिया है. डीयू की कार्यकारी परिषद ने 5,889 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत 21,895 छात्रों के रहने की व्यवस्था की जाएगी. खास बात यह है कि यूनिवर्सिटी में जमीन की कमी को देखते हुए 32 मंजिल तक के हॉस्टल बनाने की संभावना पर भी विचार किया गया है. इस योजना के तहत नए हॉस्टल बनाने के साथ दो पुराने हॉस्टलों का पुनर्निर्माण भी होगा. फिलहाल डीयू में 2.6 लाख से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं, लेकिन हॉस्टल की सीमित सीटों के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को निजी पीजी और किराये के कमरों में रहना पड़ता है.
Delhi University Hostel News 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में बनेंगे हॉस्टल.
Delhi University Hostel Expansion Plan: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में पढ़ाई करने वाले हजारों छात्रों के लिए राहत की खबर है. यूनिवर्सिटी ने हॉस्टल की कमी दूर करने के लिए 5,889 करोड़ रुपये की बड़ी योजना को मंजूरी दे दी है. इसके तहत नए हॉस्टल बनाए जाएंगे और दो पुराने हॉस्टलों को तोड़कर दोबारा तैयार किया जाएगा. पूरी योजना के जरिए कुल 21,895 छात्रों के रहने की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है. खास बात यह है कि जगह की कमी को देखते हुए यूनिवर्सिटी में 32 मंजिल तक के हॉस्टल बनाने की संभावना पर भी चर्चा हुई है हालांकि अभी योजना को मंजूरी मिली है. निर्माण कब शुरू होगा और छात्रों को नए कमरे कब मिलेंगे, इसकी समयसीमा तय नहीं की गई है.
5,889 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी
दिल्ली यूनिवर्सिटी में लंबे समय से हॉस्टल की कमी बनी हुई है. हर साल बड़ी संख्या में छात्र देश के अलग-अलग राज्यों से यहां पढ़ने आते हैं लेकिन सभी को यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में जगह नहीं मिल पाती. ऐसे में बहुत से छात्रों को निजी पीजी, किराये के कमरे या दूसरे ठिकानों पर रहना पड़ता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी ने हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार करने की योजना बनाई है. मंगलवार को हुई कार्यकारी परिषद यानी एग्जीक्यूटिव काउंसिल (EC) की बैठक में 5,889 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह का दूसरा कार्यकाल 8 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है. दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद कार्यकारी परिषद की यह पहली बैठक थी.बैठक में नए हॉस्टल बनाने के साथ पुराने हॉस्टलों के पुनर्निर्माण पर भी सहमति बनी. यूनिवर्सिटी का कहना है कि इससे आने वाले वर्षों में छात्रों के लिए रहने की सुविधाएं बढ़ाई जा सकेंगी.
15,758 छात्रों के लिए नए हॉस्टल
यूनिवर्सिटी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार कुल 5,889 करोड़ रुपये में से 4,027 करोड़ रुपये नए हॉस्टल बनाने पर खर्च करने का प्रस्ताव है. इन नए हॉस्टलों में 15,758 छात्रों के रहने की व्यवस्था की जाएगी.इसके अलावा 1,862 करोड़ रुपये दो मौजूदा हॉस्टलों के पुनर्निर्माण के लिए रखे गए हैं. इन हॉस्टलों को नए सिरे से तैयार करने के बाद 6,137 छात्रों के लिए रहने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है.इस तरह नए निर्माण और पुराने हॉस्टलों के पुनर्निर्माण को मिलाकर कुल 21,895 छात्रों के लिए आवास की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है हालांकि यह प्रस्तावित क्षमता है. छात्रों को हॉस्टल की सुविधा कब से मिलने लगेगी. यह निर्माण कार्य पूरा होने और भवनों के इस्तेमाल की मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगा.
दिल्ली में कहां-कहां बनेंगे नए हॉस्टल?
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने नए हॉस्टल बनाने के लिए कई परिसरों की पहचान की है. इनमें ढाका कॉम्प्लेक्स, सूरजमल विहार कैंपस और नजफगढ़ कैंपस शामिल हैं.यूनिवर्सिटी के अनुसार ढाका कॉम्प्लेक्स में अतिरिक्त बहुमंजिला हॉस्टल भवन बनाए जाएंगे. इसके अलावा नजफगढ़ के रोशनपुरा स्थित वीर सावरकर कॉलेज में भी छात्रों के रहने की सुविधा विकसित की जाएगी.नजफगढ़ में बनने वाले हॉस्टलों में छात्र और छात्राओं, दोनों के लिए अलग-अलग आवास की व्यवस्था होगी.इसी तरह द्वारका स्थित यूनिवर्सिटी के वेस्ट कैंपस और कड़कड़डूमा के सूरजमल विहार स्थित ईस्ट कैंपस में भी लड़कों और लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने की योजना है.यूनिवर्सिटी का उद्देश्य अलग-अलग कैंपस में रहने की सुविधा बढ़ाना है ताकि छात्रों को पढ़ाई के लिए रोजाना लंबी दूरी तय न करनी पड़े.
32 मंजिल तक के हॉस्टल बनाने पर विचार
दिल्ली यूनिवर्सिटी के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में एक नए निर्माण के लिए जमीन की कमी है. यूनिवर्सिटी के कई पुराने परिसरों में खाली जमीन सीमित है. ऐसे में बड़ी संख्या में छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने के लिए ऊंची इमारतों का विकल्प देखा जा रहा है.कार्यकारी परिषद की बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि जहां पर्याप्त जगह और नियमों के अनुसार अनुमति मिले वहां 32 मंजिल तक के हॉस्टल बनाए जा सकते हैं.कार्यकारी परिषद के एक सदस्य के अनुसार बैठक में ऐसे हॉस्टलों के निर्माण पर विचार किया गया जिनमें कम जमीन पर अधिक छात्रों के रहने की व्यवस्था की जा सके हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सभी नए हॉस्टल 32 मंजिल के ही होंगे. किसी परिसर में कितनी ऊंची इमारत बनाई जा सकेगी.यह वहां उपलब्ध जमीन और संबंधित निर्माण नियमों पर निर्भर करेगा.