पीवी रमना कुमार, News18: आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों का कार्यक्रम घोषित होने के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी तैयारियां तेज होने की संभावना है. राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है. इसके साथ ही पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. घोषित कार्यक्रम के अनुसार 28 अक्टूबर को 13 नगर निगमों, 77 नगरपालिकाओं और 10 नगर पंचायतों में मतदान होगा. इन चुनावों के नतीजे 30 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे. उम्मीदवार 18 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे. नामांकन पत्रों की जांच 19 अक्टूबर को होगी और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर तय की गई है.
हालांकि, कुछ नगर निकायों के चुनाव पर अदालतों में लंबित मामलों का असर पड़ा है. चार नगर निगमों और 23 नगरपालिकाओं के लिए फिलहाल कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है. वहीं, मंडल और जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव नवंबर में होंगे. ग्राम पंचायतों में मतदान 26 नवंबर, 29 नवंबर और 2 दिसंबर को तीन चरणों में कराया जाएगा.
आंध्र प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की तारीखें क्या हैं?
राज्य निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक नगर निकाय चुनाव का पहला चरण 28 अक्टूबर को होगा. इस दिन 13 नगर निगमों के साथ 77 नगरपालिकाओं और 10 नगर पंचायतों में मतदान कराया जाएगा. शहरी स्थानीय निकायों के लिए नामांकन की प्रक्रिया 18 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी.
19 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी. इसके बाद उम्मीदवारों को 21 अक्टूबर तक नाम वापस लेने का मौका मिलेगा. मतदान पूरा होने के दो दिन बाद यानी 30 अक्टूबर को मतगणना होगी.
चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के साथ आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है. ऐसे में संबंधित चुनाव क्षेत्रों में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन करना होगा. उम्मीदवारों के लिए नामांकन और प्रचार की तैयारियां तय समय सीमा के भीतर पूरी करना अहम होगा.
किन नगर निगमों और नगरपालिकाओं के चुनाव फिलहाल टाल दिए गए हैं?
- अदालतों में मामले लंबित होने के कारण चार नगर निगमों के चुनाव का कार्यक्रम फिलहाल घोषित नहीं किया गया है. इनमें मंगलागिरी-ताडेपल्ली, काकीनाडा, राजमहेंद्रवरम और श्रीकाकुलम नगर निगम शामिल हैं.
- इसके अलावा 23 नगरपालिकाओं के चुनाव की तारीखें भी अभी घोषित नहीं हुई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक इन निकायों में चुनाव से जुड़े कार्यक्रम का ऐलान संबंधित अदालतों में लंबित मामलों के निपटारे के बाद किया जाएगा.
- इसका मतलब है कि राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में मतदान एक ही कार्यक्रम के तहत नहीं होगा. जिन निकायों के मामले अदालतों में लंबित हैं, वहां चुनाव की अगली प्रक्रिया कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे बढ़ेगी. इन निकायों के लिए अभी कोई मतदान तारीख तय नहीं की गई है.
मंडल और जिला परिषद चुनाव कब होंगे और नामांकन की अंतिम तारीख क्या है?
आंध्र प्रदेश में मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों यानी एमपीटीसी और जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों यानी जेडपीटीसी के चुनाव 3 नवंबर को होंगे. इन चुनावों के लिए अधिसूचना 19 अक्टूबर को जारी की जाएगी.
उम्मीदवार 23 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे. नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 27 अक्टूबर निर्धारित की गई है. मतदान के बाद मतगणना 5 नवंबर को होगी.
ये चुनाव ग्रामीण स्थानीय शासन की महत्वपूर्ण इकाइयों से जुड़े हैं. इसलिए उम्मीदवारों को अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन की प्रक्रिया और निर्धारित समय सीमा पर ध्यान देना होगा. निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक मतदान और परिणाम की तारीखों के बीच दो दिन का अंतर रखा गया है.
आंध्र प्रदेश में ग्राम पंचायत चुनाव तीन चरणों में कैसे होंगे?
राज्य में ग्राम पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे. मतदान 26 नवंबर, 29 नवंबर और 2 दिसंबर को होगा. प्रत्येक चरण में मतगणना मतदान वाले दिन ही की जाएगी. इससे ग्राम पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अलग-अलग तारीखों पर पूरी होगी.
- पहले चरण के लिए अधिसूचना 13 नवंबर को जारी होगी. उम्मीदवार 17 नवंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे और 21 नवंबर तक नाम वापस ले सकेंगे. इस चरण में 26 नवंबर को मतदान होगा.
- दूसरे चरण की अधिसूचना 16 नवंबर को जारी की जाएगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 20 नवंबर होगी. उम्मीदवार 24 नवंबर तक नाम वापस ले सकेंगे. इस चरण में 29 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और उसी दिन मतगणना होगी.
- तीसरे चरण के लिए अधिसूचना 19 नवंबर को जारी होगी. नामांकन 23 नवंबर तक दाखिल किए जा सकेंगे. नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 27 नवंबर है. तीसरे चरण का मतदान 2 दिसंबर को होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी.
स्थानीय निकाय चुनावों में राजनीतिक दलों के लिए आगे क्या अहम होगा?
नगर निकाय, मंडल परिषद, जिला परिषद और ग्राम पंचायत चुनावों के लिए अलग-अलग तारीखें तय होने से उम्मीदवारों को अपनी तैयारियां चरणबद्ध तरीके से करनी होंगी. शहरी निकायों में मतदान 28 अक्टूबर से शुरू होगा, जबकि ग्रामीण स्थानीय निकायों की चुनाव प्रक्रिया नवंबर और दिसंबर तक चलेगी.
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नगर निकायों के घोषित कार्यक्रम और अदालतों में लंबित मामलों वाले निकायों की स्थिति अलग है. चार नगर निगमों और 23 नगरपालिकाओं में चुनाव की तारीखें कानूनी मामलों के समाधान के बाद ही घोषित की जाएंगी. इसलिए इन निकायों के मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों को आगे के आधिकारिक ऐलान पर नजर रखनी होगी.