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How to win Other’Heart: आज के दौर में अधिकांश व्यक्ति एक-दूसरे से नफरत करने लगे हैं. यहां तक कि कोई सच्चा दोस्त भी नहीं बन पाता है. ऐसे में हर किसी के दिल में उतरना थोड़ी टेढ़ी खीर तो जरूर है लेकिन यह काम नामुमकिन भी नहीं. अगर आप डेडिकेशन के साथ अपने व्यवहार में परिवर्तन करेंगे तो निश्चित रूप से आप अनेकों के दिल में उतर जाएंगे. पर कैसे? आइए जानते हैं.
लोगों के दिल जीतने के तरीके. Photo: AI
बशीर बद्र का एक शेर है-
कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो.
आज के मौजूं में यह शेर एकदम फिट बैठता है. लोग जब एक-दूसरे से जब मिलते हैं तो उपर से दिखावटीपन जरूर होती है लेकिन अंदर ही अंदर कोई किसी का नहीं होता. आज के दौर में अधिकांश इंसान छल, प्रपंच और एक-दूसरे को मात देने में लगे रहते हैं. इसलिए किसी के दिल में मोहब्बत पैदा करने बेहद ही चुनौती भरा काम है. पर इस गलाकाट आजमाइश में भी कुछ लोगों में कशिश भरा चार्म रहता है. ऐसे कुछ ही लोग होते हैं जिनपर हर शख्स को प्यार आता है. क्या कभी आपने सोचा है कि इस तरह के व्यक्ति किस तरह दूसरों के दिल में उतर जाते हैं. भले ही ऐसे लोगों गिने-चुने होते हैं लेकिन हैं तो. फिर आप क्यों नहीं ऐसे हो सकते हैं. तो चलिए दूसरों के दिलों में गहराई से उतरने के लिए 7 टिप्स को अपनी आदतों में शुमार कर लीजिए.
ये 7 टिप्स अपनाएं
- व्यवहार को पारदर्शी बनाएं-आप किसी के दिल में रातों-रात नहीं उतर सकते हैं. इसके लिए पूरे जीवन का व्यवहार होता है. वास्तव में यदि आप सकारात्मक सोचेंगे तो हर इंसान आपको बराबर लगेगा. फिर किसी दूसरे इंसान के बारे में बुरा नहीं सोचेंगे. इसलिए जब भी आप दूसरों के साथ बातचीत करें तो आपके व्यवहार में पारदर्शिता झलकनी चाहिए. हर कोई सोचें कि आपका व्यवहार बहुत ही पारदर्शी है. मतलब सबके लिए आप समान है. सबके साथ न्याय करते हैं. सबके प्रति अच्छा व्यवहार करें.
- किसी की बुराई न करें-जब भी आप किसी से मिलें, किसी की बुराई न करें. ये नहीं कि किसी के सामने तीसरे की बुराई करें और तीसरे के सामने उसकी तारफी करें. हर माहौल में आपको एक जैसा व्यवहार करना है. बुराई का ख्याल मन में भी नहीं आना चाहिए. यह सोचें कि अगर किसी ने कुछ गलती की भी है तो उसकी अज्ञानता है. इसका मतलब यह नहीं कि कोई मर्डर किया है और उसे आप संत कह रहे हैं. जी नहीं. बुराई न करने का मतलब यह भी होता है कि जो बुरा है उसे बुरा कहे. लेकिन आपस में चुगली न करें.
- वाणी में मधुरता लाएं-किसी के साथ भी बात करें, वाणी को हमेशा संयमित और मधुर रखें. कोशिश करें कि कम से कम बोलें लेकिन ऐसी वाणी बोलें जिसमें मधुरता हो और उससे किसी को तकलीफ नहीं हो. कहा भी जाता है कि यही वाणी आपको सम्मान भी देती है और यही वाणी आपको जलालत भी दे सकती है. सबके साथ मधुर वाणी में ही बातचीत करें. कभी भी भाषा की मर्यादा को न लांघें.
- सुनने की आदत डालें-आज अधिकांश लोग बहुत बोलते हैं लेकिन सुनते नहीं है. यदि आप अच्छे श्रोता है तो आप चीजों को अच्छे तरीके से समझेंगे. जब भी किसी से बात करें, हमेशा उनकी सुनें और फिर उनकी सभी बातों को डिकोड करें. फिर बोलने की आवश्यकता हो तभी बोलें. अगर आप संयमित रहेंगे, सुनने के प्रति धैर्यवान बनेंगे तो निश्चित रूप से आपकी वाणी भी अच्छी निकलेगी और फिर लोग आपका सम्मान करेंगे.
- चेहरे पर सच्ची मुस्कान और आंखों का संपर्क- जब भी किसी से मिलें या किसी से बात करें चेहरे पर एक सौम्य और सच्ची मुस्कान हमेशा रखें. बातचीत के दौरान हल्का आई कांटेक्ट बनाए रखें. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि सामने वालों की आंखों में टकटकी लगाकर घूरते रहें. लेकिन बात करें या मिले तो उसे लगे नहीं कि आप उसे इग्नोर कर रहे हैं. सहज, मुस्कान और गर्मजोशी बनाए रखें. आपकी मुस्कान सामने वाले को सहज बनाती है और आपसे जुड़ने में मदद करती है.
- अहंकार से दूर रहें और गलती स्वीकार करें – अहंकार बड़ी से बड़ी सेलीब्रिटीज को जमीन पर गिरा देता है. इसलिए अपने मन से अहंकार को दूर कर लें. खुद को कभी दूसरों से श्रेष्ठ दिखाने की कोशिश न करें. अगर आपसे कोई गलती हो जाए, तो बिना किसी झिझक के उसे स्वीकार करें और सुधार करें. आपकी सादगी और सच्चाई लोगों के मन में आपके प्रति सम्मान और भरोसा जगाती है।
- निःस्वार्थ मदद करें- जहां तक संभव हो, बिना स्वार्थ के मदद के लिए तैयार रहें. आपके आसपास किसी को जरूरत पड़ने पर उसकी ढाल बनें या सही सलाह दें. लेकिन बिना मांगे सलाह न दें. बिना किसी उम्मीद के की गई मदद सीधे इंसान के दिल में उतरती है और नफरत करने वालों को भी दोस्त बना देती है.
इन सब बातों का मतलब यही है कि लोग यह भूल जाते हैं कि आपने उनसे क्या कहा या आपने क्या किया, लेकिन वे यह कभी नहीं भूलते कि आपने उन्हें कैसा महसूस कराया, आपका व्यवहार कैसा है, आप कितने ईमानदार है. कुल मिलाकर आपके व्यवहार और सदाशयता को लोग हमेशा याद रखते हैं. इसलिए अगर आप इन बातों को अपनी आदतों में शुमार कर लेंगे तो निश्चित रूप से आपके आलोचक भी आपसे मोहब्बत करने लगेंगे.
आपके लिए आबिद अदीब ने एक शेर लिखा है-
जहाँ पहुँच के क़दम डगमगाए हैं सब के
उसी मक़ाम से अब अपना रास्ता होगा