Last Updated:
Scindia Family Property Dispute: सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ की संपत्ति विवाद में ग्वालियर कोर्ट अब 29 अक्टूबर को सुनवाई करेगा, जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी की गवाही होगी. वह यह साबित करेंगी और सबूत देंगी कि समझौते के आवेदन पर उनसे धोखाधड़ी से साइन करवाए गए थे. बंटवारा समझौते की वैधता पर अभी अंतिम फैसला नहीं आया है.
कैसे सुलझेगा सिंधिया राज परिवार का संपत्ति विवाद?
सिंधिया राज घराने में 40 हजार करोड़ की संपत्ति का विवाद अभी कानूनी पेंचों में फंसा हुआ है, जहां लगता है कि बंटवारा समझौते की वैधता पर अभी तक अंतिम फैसला नहीं आया है. अब 29 अक्टूबर को कोर्ट इस पर सुनवाई करेगी. ग्वालियर कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई होनी थी, जहां फैसला तो सुनाया गया, लेकिन मामले का हल नहीं निकला. समझौते और उस पर दर्ज आपत्तियों को लेकर दोनों पक्षों की बहस पहले ही पूरी हो चुकी थी. बस कोर्ट को आज यह तय करना था कि वसुंधरा राजे सिंधिया, उनकी बहनों और दूसरे रिश्तेदारों द्वारा दायर समझौता आवेदन पर सीधे फैसला दिया जाए या फिर प्रतिमा देवी की आपत्तियों पर पहले गवाही करवाई जाए.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक ग्वालियर कोर्ट एडिशनल सेशन जज आत्माराम टांक की तरफ से बताया गया है कि अब 29 अक्टूबर 2026 को प्रतिमा देवी राणा की गवाही होगी. उन्हें सबूत देकर यह साबित करना होगा कि उनके समझौते पर साइन धोखाधड़ी से करवाए गए थे. इसके बाद ही समझौते के आवेदन पर कोर्ट फैसला करेगी.
समझौता फॉर्मूला तैयार होने के बाद प्रतिमा देवी की हुई थी एंट्री
सिंधिया राजपरिवार में 40 हजार करोड़ का संपत्ति विवाद एक समय बस सुलझने वाला ही था. ऐसे बताया कि संपत्ति का बांटने का फॉर्मूला भी तैयार हो गया था, जिस पर सभी ने साइन भी कर दिए थे. इसका आवेदन भी कोर्ट में दे दिया गया था, लेकिन बाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया की सबसे बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी सामने आईं. उन्होंने कहा कि उन्हें संपत्ति में से अपनी मां का अधिकार चाहिए. उन्होंने यह आरोप लगाए थे कि उनसे समझौते के दस्तावेज पर धोखे से साइन करवाए गए थे.
वसुंधरा राजे ने दी क्या दलील?
वसुंधरा राजे की ओर से दलील दी गई कि जब पक्षकारों के बीच समझौता हो चुका है तो इस स्तर पर अलग से गवाही दर्ज करने या अतिरिक्त साक्ष्य लेने की आवश्यकता नहीं है. दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे और उषा राजे की तरफ से कहा गया था कि समझौते पर प्रतिमा देवी ने अपनी मर्जी से साइन किए थे.
समझौते की वैधता पर नहीं हुआ आखिरी फैसला
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 29 अक्टूबर को प्रतिमा देवी राणा क्या सबूत पेश करती हैं. क्योंकि उनके फैसले पर ही अब कोर्ट का निर्णय टिका हुआ है. उसके बाद से ही कोर्ट यह तय करेगा कि समझौते पर उनकी आपत्ति की सुनवाई किस प्रक्रिया के तहत की जाए. फिलहाल समझौते की वैधता और उस पर उठाई गई आपत्ति को लेकर आखिरी फैसला नहीं हुआ है.