एक घंटे के 369 रुपये, पूरे दिन के 2969… देहरादून में किराए पर मिल रहे दोस्त, पर भरोसे की गारंटी किसकी?

एक घंटे के 369 रुपये, पूरे दिन के 2969… देहरादून में किराए पर मिल रहे दोस्त, पर भरोसे की गारंटी किसकी?


देहरादून : अनजान शख्स से दोस्ती करने के लिए अब सोशल मीडिया पर संपर्क करना है, पसंद का पैकेज चुनना है और तय रकम एडवांस में जमा करनी है. इसके बाद आपके साथ कॉफी पीने, बाजार घूमने, फिल्म देखने या शहर की सैर करने के लिए एक साथी उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है. देहरादून में ‘रेंट अ फ्रेंड’ के नाम से चर्चा में आई एक ऑनलाइन सेवा ने दोस्ती को भी घंटे और पैकेज के हिसाब से मिलने वाली सुविधा के रूप में पेश किया है. मगर, इस चमकदार ऑफर के पीछे कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जानना किसी भी ग्राहक के लिए जरूरी है. साथी की पहचान की पुष्टि कैसे होगी? मिलने वाले व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी? एडवांस भुगतान के बाद सेवा नहीं मिली तो शिकायत कहां होगी? सबसे अहम, सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली इस सेवा की वास्तविकता की पुष्टि कैसे की जाए?

इंस्टाग्राम पर ‘rent_friend_dehradun’ नाम से सामने आई इस सेवा के साझा किए गए प्राइस चार्ट में एक घंटे की दोस्ती के लिए 369 रुपये से शुरुआत बताई गई है. हालांकि, केवल सोशल मीडिया पर विज्ञापन या रेट लिस्ट उपलब्ध होने से किसी सेवा की विश्वसनीयता प्रमाणित नहीं होती. फिलहाल इस सेवा की स्वतंत्र पुष्टि, संचालक की पहचान, ग्राहकों की सुरक्षा के इंतजाम और शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने होना जरूरी है. ऐसे में इसे सीधे साइबर ठगी कहना भी उचित नहीं होगा, लेकिन भुगतान या निजी जानकारी साझा करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है.

दोस्ती के भी तय हुए घंटे और पैकेज

सोशल मीडिया पर साझा किए गए चार्ट के मुताबिक, इस सेवा में पांच तरह के पैकेज पेश किए गए हैं. क्विक हैंगआउट के तहत एक घंटे के लिए 369 रुपये और दो घंटे के कैजुअल कंपेनियन पैकेज के लिए 669 रुपये शुल्क बताया गया है. चार घंटे के हाफ-डे एक्सप्लोरर पैकेज की कीमत 1,469 रुपये और आठ घंटे के फुल-डे एडवेंचर पैकेज की कीमत 2,969 रुपये रखी गई है. इन पैकेजों में बातचीत, कॉफी, बाजार में घूमना, फिल्म देखना और शहर के आसपास समय बिताने जैसी गतिविधियों का उल्लेख है. शादी, पार्टी या दूसरे औपचारिक आयोजनों में साथी के तौर पर शामिल होने के लिए प्रीमियम सोशल इवेंट पैकेज भी बताया गया है. इसके लिए कम से कम तीन घंटे की बुकिंग और 1,269 रुपये प्रति घंटे का शुल्क निर्धारित होने की बात कही गई है. यानी इस पैकेज में तीन घंटे के लिए कम से कम 3,807 रुपये खर्च होंगे. इसके अलावा खाने-पीने, टिकट और परिवहन का खर्च ग्राहक को अलग से उठाना होगा. साझा किए गए नियमों के अनुसार, बुकिंग के लिए 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान भी करना होगा.

सबसे बड़ा सवाल, पहचान की जांच कौन करेगा?

इस तरह की सेवा में सबसे महत्वपूर्ण पहलू केवल कीमत नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की सुरक्षा है. यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया के जरिए साथी उपलब्ध कराया जाता है तो ग्राहक के पास उस व्यक्ति की पहचान और पृष्ठभूमि सत्यापित करने का क्या तरीका होगा? क्या सेवा संचालक अपने साथियों के दस्तावेजों की जांच करता है? क्या ग्राहक को भी अपनी पहचान संबंधी जानकारी देनी होगी? ऐसी जानकारी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाएगा? इन सवालों का जवाब किसी भी संभावित ग्राहक के लिए महत्वपूर्ण है. यदि पहचान संबंधी दस्तावेज, मोबाइल नंबर, व्यक्तिगत तस्वीरें या दूसरी संवेदनशील जानकारी असुरक्षित तरीके से साझा होती है तो उसके दुरुपयोग का खतरा पैदा हो सकता है. हालांकि, इस विशेष सेवा में ऐसा कोई दुरुपयोग हुआ है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

एडवांस पेमेंट के बाद क्या है सुरक्षा कवच?

सेवा के साझा किए गए चार्ट में 50 प्रतिशत अग्रिम राशि जमा करने का प्रावधान बताया गया है. ऐसे में भुगतान से पहले यह पता करना जरूरी है कि रकम किसके खाते में जा रही है, बुकिंग रद्द होने पर रिफंड मिलेगा या नहीं और साथी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में शिकायत कहां दर्ज की जा सकेगी. साइबर ठगी करने वाले लोग भी कई बार आकर्षक ऑफर, कम कीमत या तुरंत बुकिंग का दबाव बनाकर लोगों से पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं. इसलिए केवल किसी इंस्टाग्राम अकाउंट, आकर्षक पोस्ट या प्राइस चार्ट को देखकर भुगतान करना जोखिम भरा हो सकता है. हालांकि, इस सेवा के संबंध में ठगी की पुष्टि के बिना इसे धोखाधड़ी का मामला नहीं माना जा सकता. दोस्ती की सेवा और निजी सुरक्षा की सीमा इस तरह की व्यवस्था में यह स्पष्ट होना भी जरूरी है कि भुगतान के बदले मिलने वाली सुविधा की सीमा क्या है.

क्या सेवा केवल बातचीत और सार्वजनिक स्थानों पर साथ समय बिताने तक सीमित है? क्या बुकिंग से पहले गतिविधियों और शर्तों की जानकारी दी जाती है? किसी विवाद, अनुचित व्यवहार या सुरक्षा संबंधी शिकायत की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी? ग्राहक को बुकिंग से पहले इन शर्तों को लिखित रूप में समझना चाहिए. पहली मुलाकात सार्वजनिक स्थान पर करना, किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देना और अपना पता, बैंकिंग विवरण, ओटीपी या संवेदनशील दस्तावेज साझा करने से बचना जरूरी है. किसी भी तरह का दबाव या अनुचित मांग सामने आने पर मुलाकात समाप्त कर देनी चाहिए.

एसटीएफ की अपील, आकर्षक ऑनलाइन ऑफर से रहें सतर्क

उत्तराखंड एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने लोगों से संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर के प्रति सतर्क रहने की अपील की है. किसी भी सेवा पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जांचने, बिना पुष्टि भुगतान नहीं करने और निजी जानकारी साझा करने से बचने की जरूरत है. यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए. ऑनलाइन शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती है. ‘रेंट अ फ्रेंड’ सेवा के मामले में फिलहाल चर्चा उसके पैकेज और कीमतों की है, लेकिन असली कसौटी सेवा की पारदर्शिता, पहचान की पुष्टि और सुरक्षा व्यवस्था होगी.



Source link