Jio के IPO में दुनियाभर के दिग्गज लगाएंगे पैसा! झोंक सकते हैं $20 अरब


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Jio IPO : जियो का बहुप्रतीक्षित आईपीओ इसी महीने खुलेगा. इस इश्‍यू की चर्चा देश-विदेश हर जगह है. फिडेलिटी (Fidelity), आलियांज (Allianz) और कैपिटल ग्रुप (Capital Group) सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय निवेशक जियो आईपीओ में मोटा पैसा लगा सकते हैं.

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Jio के IPO में दुनियाभर के दिग्गज लगाएंगे पैसा! झोंक सकते हैं $20 अरबZoom

जियो आईपीओ का वेल्‍यूएशन 108 अरब डालर हो सकता है.

नई दिल्‍ली. जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd) के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर वैश्विक स्तर पर बड़ा उत्साह देखने को मिल रहा है. मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कंपनी को अपने आईपीओ के लिए वैश्विक दिग्‍गजों से 20 अरब डॉलर से अधिक की बोलियां मिलने की खबर है. जियो आईपीओ भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है.

मामले से परिचित लोगों ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि फिडेलिटी (Fidelity), आलियांज (Allianz) और कैपिटल ग्रुप (Capital Group) सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने जियो आईपीओ में दिलचस्पी दिखाई है. इसके साथ ही अन्य घरेलू और विदेशी वित्तीय संस्थान भी हिस्सेदारी खरीदने की दौड़ में शामिल हैं. आईपीओ में बोली लगाने वाले एंकर निवेशकों की अंतिम सूची अगले कुछ दिनों में तय होने की संभावना है. फिलहाल यह प्रक्रिया जारी है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. इस संबंध में रिलायंस इंडस्ट्रीज और फिडेलिटी ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की. वहीं, आलियांज और कैपिटल ग्रुप ने इस विषय में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

10.3 लाख करोड़ वैल्यूएशन का रखा गया लक्ष्य

पहले जियो प्लेटफॉर्म्स के वैल्यूएशन को लेकर 170 अरब डॉलर तक के कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि, अब कंपनी इस प्रस्तावित आईपीओ के दौरान अपना वैल्यूएशन 10.3 लाख करोड़ रुपये यानी करीब 108 अरब डॉलर तक रखने का लक्ष्य लेकर चल रही है.

आकाश अंबानी के नेतृत्व में वैश्विक रोड शो

जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी इस मेगा आईपीओ की तैयारियों की अगुवाई कर रहे हैं. पिछले कुछ हफ्तों के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को जोड़ने के लिए हांगकांग, लंदन और न्यूयॉर्क में कई उच्चस्तरीय बैठकें की हैं. इन बैठकों में शामिल लोगों के मुताबिक, निवेशकों ने कंपनी की प्रस्तावित वैल्यूएशन को लेकर सवाल किए. साथ ही यह भी समझने की कोशिश की कि कंपनी अपनी विभिन्न डिजिटल सेवाओं और प्लेटफॉर्म्स से भविष्य में शुल्क वसूलने (मॉनिटाइजेशन) की क्या योजना बना रही है.

(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)



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