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Jabalpur Ring Road News: जबलपुर में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए बन रही 113 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड परियोजना की डेडलाइन बढ़ा दी गई है. करीब 3500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए नई डेडलाइन जारी कर दी गई है. पहले इसे दिसंबर 2025 तक तैयार होना था.
जबलपुर में रिंग रोड का निर्माण कार्य.
Jabalpur News: शहर में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को कम करने और लोगों को आए दिन लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए बनाई जा रही आउटर रिंग रोड परियोजना की समयसीमा बढ़ा दी गई है. 113 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण अब मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
पहले इस परियोजना का काम दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. हालांकि, डेडलाइन बढ़ जाने से अब जबलपुर के निवासियों को इस सड़क की सुविधा के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा.
3500 करोड़ की लागत और 5 पैकेज
करीब 3500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली इस 113 किलोमीटर लंबी सड़क को पांच अलग-अलग पैकेज में बांटकर तैयार किया जा रहा है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर से होकर गुजरने वाले भारी और बाहरी वाहनों को एक वैकल्पिक मार्ग देना है. इससे शहर की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो सकेगा.
इन इलाकों से होकर गुजरेगी रिंग रोड
रिंग रोड के जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ा जाएगा. इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित पांच हिस्से शामिल हैं:
1. बरेला से मानेगांव
2. मानेगांव से एनएच-45 का बेलखाड़ू क्षेत्र
3. एनएच-45 से कुशनेर
4. कुशनेर से अमझर
5. अमझर से वापस बरेला तक का हिस्सा
इन सभी हिस्सों को जोड़कर रिंग रोड का निर्माण किया जाना है. इससे वाराणसी-सिरोनाबाद मार्ग और अमरकंटक मार्ग सहित कई प्रमुख रास्तों के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर होगी.
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने दी जानकारी
परियोजना की प्रगति और नई समयसीमा को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया जबलपुर प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीयूष रंजन यदुवंशी ने जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि परियोजना को पहले दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब इसकी डेडलाइन बढ़ाकर मार्च 2027 कर दी गई है. ऐसे में परियोजना की प्रगति और निर्धारित समय पर काम पूरा होना बेहद महत्वपूर्ण रहेगा.
मार्च 2027 की नई समयसीमा पर नजरें
रिंग रोड तैयार होने के बाद ही शहर के बाहर से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा, जिससे जबलपुर के यातायात को वास्तविक राहत मिलेगी. फिलहाल सभी की निगाहें मार्च 2027 की नई डेडलाइन पर टिकी हुई हैं.