Durga Puja: हैदराबाद में स्थापित हुई दुनियां की सबसे ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा, मिट्टी से बनी मूर्ति की खासियत चौंका देगी

Durga Puja: हैदराबाद में स्थापित हुई दुनियां की सबसे ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा, मिट्टी से बनी मूर्ति की खासियत चौंका देगी


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Hyderabad Eco Friendly Durga Idol: हैदराबाद में नवरात्रि के अवसर पर मां दुर्गा की 81 फीट ऊंची इको-फ्रेंडली प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. कोटी क्षेत्र के इसमिया बाजार स्थित विक्ट्री प्लेग्राउंड में स्थापित इस विशाल प्रतिमा को प्राकृतिक मिट्टी और पारंपरिक सामग्रियों से तैयार किया गया है. इसे बनाने में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल नहीं किया गया है. श्री नवदुर्गा नवरात्रि उत्सव समिति की ओर से आयोजित इस उत्सव की शुरुआत वर्ष 2000 में पांच फीट की मिट्टी की प्रतिमा से हुई थी. इसके बाद हर साल प्रतिमा का आकार बढ़ाया गया. आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और विसर्जन के दौरान जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाना है. प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

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हैदराबाद. शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर हैदराबाद शहर में आस्था और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. शहर के ऐतिहासिक कोटी क्षेत्र अंतर्गत इसमिया बाजार स्थित विक्ट्री प्लेग्राउंड में मां दुर्गा की 81 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है. इस विशालकाय प्रतिमा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से इको-फ्रेंडली है और इसे बनाने में पीओपी या किसी भी प्रकार के हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल नहीं किया गया है.

प्राकृतिक मिट्टी और पारंपरिक सामग्रियों से गढ़ी गई यह प्रतिमा देश और दुनिया की सबसे ऊंची इको-फ्रेंडली दुर्गा प्रतिमाओं में गिनी जा रही है. विशाल आकार के बावजूद मूर्ति का स्वरूप बेहद सौम्य, कलात्मक और पारंपरिक शैली में तैयार किया गया है. इस भव्य आयोजन की शुरुआत श्री नवदुर्गा नवरात्रि उत्सव समिति द्वारा की गई है.

2000 में मात्र 5 फीट ऊंची मिट्टी की प्रतिमा से हुई थी शुरूआत

समिति के संस्थापक एवं मुख्य आयोजक गुलाब श्रीनिवास गंगापुत्र के अनुसार इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 2000 में मात्र 5 फीट ऊंची मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करके की गई थी. इसके बाद से हर वर्ष प्रतिमा की ऊंचाई और भव्यता में वृद्धि होती गई. समिति का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति के उत्सव को भव्य रूप में मनाते हुए पर्यावरण और जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाना है. विशालकाय प्रतिमा के दर्शन के लिए विक्ट्री प्लेग्राउंड में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

भक्तों की सुविधा के लिए किए गए हैं खास इंतजाम

आयोजन स्थल पर भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और उचित प्रबंधन किया गया है. पूजा पंडाल में नवरात्रि के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अनुष्ठान, बथुकम्मा उत्सव और भव्य शोभायात्रा के कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं. विसर्जन के दौरान भी जल प्रदूषण न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे यह आयोजन शहर में पर्यावरण-अनुकूल उत्सवों के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है.



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