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Chitrakoot News: प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में अब देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रवास और अधिक सुगम एवं सुविधाजनक होने जा रहा है. मंदाकिनी के पावन तट और कामदगिरि के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए 6 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी है. इस बजट से नगर के दो प्रमुख विश्राम भवनों का कायाकल्प और विस्तार किया जाएगा, जिससे यहां रुकने वाले तीर्थयात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
Chitrakoot News: धर्म नगरी चित्रकूट में भगवान श्रीराम के दर्शन और मंदाकिनी नदी में स्नान के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. अमावस्या, दीपावली और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ जाती है. ऐसे में चित्रकूट आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जिला प्रशासन लाखों रुपये खर्च करने जा रहा है. शासन ने पर्यटन विभाग के दो कार्यों के लिए कुल 6 करोड़ रुपये की अनुमानित धनराशि स्वीकृत की है. इससे पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जाएगा.
दो प्रमुख पर्यटन भवनों पर खर्च होगी धनराशि
आपको बता दें कि पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दो प्रमुख कार्य कराए जाएंगे. जिसमें पहला कार्य उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के राही पर्यटक आवास गृह में होगा, जिसमें अतिरिक्त कमरों का निर्माण करवाया जाएगा. इसके साथ ही भवन में जरूरी साज-सज्जा और अन्य संबंधित कार्य भी कराए जाएंगे. इसके साथ ही यूपीटी चौराहा स्थित यात्री निवास भवन का भी कायाकल्प किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके.
राही पर्यटक आवास और यात्री निवास का होगा कायाकल्प: सीडीओ
वहीं इस संबंध में चित्रकूट के सीडीओ डीपी पाल ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि राही पर्यटक आवास गृह में 12 अतिरिक्त कमरों का निर्माण कराया जाएगा. इस पूरी परियोजना के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जो इस काम में खर्च किए जाएंगे. वहीं यूपीटी चौराहा स्थित यात्री निवास भवन का भी कायाकल्प किया जाएगा. इसके तहत भवन का जीर्णोद्धार कराने के साथ साज-सज्जा और जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है. इस कार्य के लिए भी 3 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है. दोनों परियोजनाओं पर कुल 6 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए मिलेंगे बेहतर विकल्प
उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि चित्रकूट में पर्यटन का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी काफी बड़ा है. यहां रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा, जानकी कुंड, हनुमान धारा और अन्य धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचते हैं. कई श्रद्धालु एक दिन के बजाय दो से तीन दिन तक रुककर प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करना चाहते हैं. ऐसे में ठहरने की बेहतर व्यवस्था होने से उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक रहेगी.