मोतिहारी. बिहार पुलिस में कुछ अधिकारी अपनी सख्त कार्यशैली और ईमानदार छवि के लिए पहचाने जाते हैं. चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय भी ऐसे ही अधिकारियों में गिने जाते हैं. अपराध नियंत्रण से लेकर पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने तक, उनकी कार्यशैली अक्सर चर्चा में रहती है. अब मोतिहारी यानी पूर्वी चंपारण के बरियारपुर में भू-माफिया से जुड़े एक ठिकाने पर हुई बड़ी छापेमारी के बाद एक बार फिर उनका नाम सुर्खियों में है.
पुलिस ने इस कार्रवाई में 27 लाख रुपये नकद, दो राइफल, दो पिस्टल, बड़ी संख्या में कारतूस, शराब की छह बोतलें और जमीन से जुड़े 65 दस्तावेज बरामद किए हैं. इस मामले में राकेश शर्मा के बेटे साहिल शर्मा को गिरफ्तार किया गया है. कार्रवाई एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में की गई, जबकि चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय के नेतृत्व और निगरानी में क्षेत्र में अपराध नियंत्रण तथा भू-माफियाओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई व्यापक महत्व रखती है.
कौन हैं IPS हर किशोर राय?
एक ऐसा आईपीएस अधिकारी, जिनकी पहचान सख्त पुलिसिंग और अनुशासन पर जोर देने वाले अफसर की है. चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय बिहार के सीवान जिले के तितरा गांव के रहने वाले हैं. उनका परिवार साधारण किसान परिवार से जुड़ा रहा है, लेकिन शिक्षा के प्रति उनकी मां के समर्पण ने चारों भाइयों को अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया. हर किशोर राय की कहानी इसलिए भी खास है, क्योंकि उनका आईपीएस बनने का सफर आसान नहीं था. उन्होंने आईआईटी कानपुर से पढ़ाई की. आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने शिक्षा जारी रखने के लिए लोन तक लिया. उनके बड़े भाई कौशल किशोर राय ने वर्ष 2010 में सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस बनने में सफलता हासिल की. बड़े भाई की उपलब्धि से प्रेरित होकर हर किशोर राय ने भी सिविल सेवा की तैयारी की और 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी बने. एक ही परिवार में एक आईएएस और एक आईपीएस अधिकारी होने के साथ उनके दो अन्य भाई डॉक्टर हैं. चारों भाइयों की उपलब्धियों के पीछे उनकी मां के संघर्ष और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के प्रयासों की अहम भूमिका बताई जाती है.
अपराधियों और पुलिसकर्मियों पर सख्ती के लिए चर्चा
हर किशोर राय की पहचान केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है. पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर भी उनकी कार्यशैली चर्चा में रहती है. थाना स्तर पर लापरवाही, ड्यूटी में कोताही और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी जैसे मुद्दे उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं. एक पुलिस अधिकारी के तौर पर उनकी जिम्मेदारी अपराधियों पर कार्रवाई के साथ यह सुनिश्चित करना भी है कि आम लोगों को पुलिस से न्याय मिले और पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन करें. यही वजह है कि उनकी छवि एक सख्त अधिकारी के रूप में सामने आती है.
मोतिहारी में भू-माफिया के ठिकाने पर छापेमारी
अब पूर्वी चंपारण के बरियारपुर में हुई कार्रवाई ने जमीन से जुड़े कारोबार और कथित भू-माफिया गतिविधियों पर सवाल खड़े किए हैं. एसपी स्वर्ण प्रभात को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छतौनी थाना क्षेत्र में छापेमारी की. अभियान में कई डीएसपी और विभिन्न थानों की पुलिस शामिल रही. पुलिस के मुताबिक, छापेमारी में 27 लाख रुपये नकद, दो राइफल, दो पिस्टल, कारतूस, शराब की छह बोतलें और जमीन से जुड़े 65 दस्तावेज बरामद हुए. पुलिस ने राकेश शर्मा के बेटे साहिल शर्मा को गिरफ्तार किया है. सदर एसडीपीओ-1 दिलीप कुमार ने बताया कि बरामद हथियारों, नकदी और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन के इतने दस्तावेज कहां से आए, वे किन संपत्तियों से संबंधित हैं और इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं.
65 दस्तावेजों से खुल सकते हैं जमीन के कारोबार के राज
इस कार्रवाई में जमीन से जुड़े दस्तावेजों की बरामदगी सबसे अहम पहलुओं में से एक है. पुलिस अब इन कागजातों का सत्यापन कर रही है. जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि दस्तावेज किन लोगों और संपत्तियों से जुड़े हैं तथा क्या इनके पीछे कोई गैरकानूनी गतिविधि हुई है. इसके अलावा, बरामद नकदी और हथियारों के स्रोत की भी जांच की जा रही है. अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इन दस्तावेजों से किसी संगठित भू-माफिया नेटवर्क का खुलासा होगा, लेकिन जांच में सामने आने वाले तथ्य मामले की दिशा तय करेंगे. चंपारण रेंज में डीआईजी हर किशोर राय के नेतृत्व में अपराध नियंत्रण और पुलिस की जवाबदेही पर जोर के बीच इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है. अब सबकी नजर पुलिस की जांच पर है कि बरामद दस्तावेजों, नकदी और हथियारों के पीछे की पूरी कहानी क्या निकलती है.