shardiya navratri 2026 grah gochar guru uch and gajkesari yog lucky rashifal | नवरात्रि में गुरु के उच्च और गजकेसरी योग से मकर समेत 5 राशियों की चमकेग

shardiya navratri 2026 grah gochar guru uch and gajkesari yog lucky rashifal | नवरात्रि में गुरु के उच्च और गजकेसरी योग से मकर समेत 5 राशियों की चमकेग


Navratri 2026 Lucky Rashifal: शारदीय नवरात्रि का पर्व शुरू हो चुका है और इस बार नवरात्रि में ग्रहों का विशेष संयोग देखने को मिलने रहा है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस बार नवरात्रि में तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र ग्रह की युति बन रही है तो वहीं गुरु भी अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र ग्रह के होने से शुक्रादित्य योग, बुधादित्य योग, त्रिग्रही योग, लक्ष्मी नारायण योग का संयोग बन रहा है. इसके साथ ही चंद्रमा और गुरु की विशेष स्थिति से गजकेसरी योग बनने की संभावना भी इस पर्व को ज्योतिषीय दृष्टि से खास बना रही है. ग्रहों के दुर्लभ संयोग का लाभ इस नवरात्रि वृष, वृश्चिक, मीन समेत 5 राशियों को मिलने वाला है, इन राशियों पर माता रानी की विशेष कृपा रहने वाली है. साथ ही इन राशियों के लिए गुरु की यह स्थिति ज्ञान, धन, सौभाग्य, पारिवारिक सुख और उन्नति के लिहाज से शुभ माना जा रहा है. आइए जानते हैं कि इन पांच राशियों के लिए नवरात्रि 2026 कैसी रह सकती है और किस दिन किस देवी की पूजा करना शुभ माना गया है.

क्या होता है गजकेसरी योग?
वैदिक ज्योतिष में गजकेसरी योग को शुभ योगों में से एक माना जाता है. ‘गज’ का अर्थ हाथी और ‘केसरी’ का अर्थ सिंह होता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जब चंद्रमा कुंडली में बृहस्पति से केंद्र भाव यानी पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में स्थित होता है, तब गजकेसरी योग बनता है. इस योग को बुद्धिमत्ता, प्रतिष्ठा, आर्थिक उन्नति और सामाजिक सम्मान से जोड़कर देखा जाता है. बृहस्पति के कर्क राशि में उच्च होने के दौरान चंद्रमा की स्थिति इस योग को विशेष महत्व देता है.

वृषभ राशि: आय में वृद्धि और नए अवसरों के संकेत
वृषभ राशि वालों के लिए नवरात्रि का समय आर्थिक मामलों और सामाजिक संपर्कों के लिहाज से अनुकूल रह सकता है. आपकी राशि से बृहस्पति का गोचर ग्यारहवें भाव में माना जा रहा है, जो आय, लाभ, इच्छापूर्ति और मित्रों के सहयोग से संबंधित है. इस दौरान लंबे समय से अटका हुआ भुगतान मिलने की संभावना बन रही है. बड़े भाई-बहनों, वरिष्ठ अधिकारियों या प्रभावशाली लोगों से सहयोग मिल सकता है. नौकरी में नए अवसर तलाश रहे जातकों को भी सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं. अगर आप किसी कर्ज में फंसे हुए हैं तो माता रानी की कृपा से आपको इससे मुक्ति मिल सकती है.

मां दुर्गा की पूजा: 13 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा की आराधना करें. मान्यता है कि उनकी पूजा से साहस, आत्मविश्वास और नकारात्मकता से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है.

मिथुन राशि: परिवार में खुशियां और आर्थिक मजबूती
मिथुन राशि वालों के लिए देवगुरु बृहस्पति का गोचर दूसरे भाव में माना जा रहा है और यह भाव धन, बचत, वाणी और परिवार से जुड़ा हुआ है. ऐसे में नवरात्रि के दौरान पारिवारिक जीवन में मधुरता बढ़ने और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के अवसर मिल सकते हैं. परिवार में विवाह, संतान या किसी शुभ कार्य से जुड़ी खबर मिलने की संभावना रह सकती है. घर के सदस्यों के बीच पुराने मतभेद दूर करने का मौका मिल सकता है. ग्रहों के शुभ प्रभाव से आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ सकता है, जिससे शिक्षक, सलाहकार, लेखक, वक्ता और संचार से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है. धन की बचत पर ध्यान देने से भविष्य की आर्थिक योजनाओं को मजबूती मिल सकती है.

मां दुर्गा की पूजा: 15 अक्टूबर को मां स्कंदमाता की पूजा करें. देवी की आराधना से संतान सुख, पारिवारिक शांति और सकारात्मकता की कामना की जाती है.

वृश्चिक राशि: भाग्य का मिलेगा साथ, अटके काम बढ़ेंगे आगे
वृश्चिक राशि वालों के लिए नवरात्रि का यह समय उम्मीद और नई संभावनाएं लेकर आ रहा है. आपकी राशि से बृहस्पति का गोचर नौवें भाव में है और नौवां भाव भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, गुरु और लंबी यात्राओं से जुड़ा हुआ है. अगर पिछले कुछ समय से कामकाज में बाधाएं आ रही थीं, तो अब परिस्थितियों में सुधार की उम्मीद की जा सकती है. उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं. वहीं विदेश में पढ़ाई या प्रवेश से संबंधित प्रयास कर रहे जातकों को भी सकारात्मक समाचार मिलने की संभावना रह सकती है. पिता, गुरु या किसी अनुभवी व्यक्ति का मार्गदर्शन आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है. नवरात्रि की वजह से इस अवधि में धार्मिक यात्रा, तीर्थ दर्शन और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है.

मां दुर्गा की पूजा: 12 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें. उनकी आराधना तप, धैर्य, साधना और दृढ़ संकल्प का प्रतीक मानी जाती है.

मकर राशि: रिश्तों में मधुरता और व्यापार में लाभ के अवसर
मकर राशि वालों के लिए बृहस्पति का गोचर सातवें भाव में माना हो रहा है और यह भाव विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी और व्यापारिक संबंधों का प्रतिनिधित्व करता है. ऐसे में नवरात्रि के दौरान रिश्तों को बेहतर बनाने और व्यावसायिक साझेदारियों को मजबूत करने के अवसर मिल सकते हैं. वैवाहिक जीवन की बात करें तो जीवनसाथी के साथ आपसी समझ बढ़ेगी और नवरात्रि में किसी तीर्थस्थल पर भी जा सकते हैं. अविवाहित लोगों के लिए परिवार या किसी विश्वसनीय परिचित के माध्यम से विवाह का प्रस्ताव आ सकता है. कारोबार से जुड़े जातक नई साझेदारी, महत्वपूर्ण बातचीत या व्यावसायिक समझौते पर विचार कर सकते हैं.

मां दुर्गा की पूजा: 17 अक्टूबर को मां कालरात्रि की आराधना करें. देवी की पूजा भय, बाधाओं और नकारात्मकता से मुक्ति की कामना के साथ की जाती है.

मीन राशि: पढ़ाई, संतान और रचनात्मक कार्यों में मिल सकती है सफलता
मीन राशि वालों के लिए देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में उच्च होना विशेष महत्व रखता है, क्योंकि मीन राशि के स्वामी बृहस्पति हैं. आपकी राशि से गुरु का गोचर पांचवें भाव में माना जा रहा है, जो शिक्षा, बुद्धि, संतान, प्रेम और रचनात्मकता से जुड़ा होता है. नवरात्रि में विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने और अपनी तैयारी को बेहतर बनाने का अवसर मिल सकता है. साथ ही संतान से संबंधित मामलों में सकारात्मक उम्मीद रखी जा सकती है. आर्थिक मामलों में भी नए अवसरों पर विचार किया जा सकता है और अटके धन की प्राप्ति के योग बन रहे हैं. अगर आप किसी विवाद में फंसे हुए हैं तो इस अवधि में आपको मुक्ति मिल सकती है.

मां दुर्गा की पूजा: 16 अक्टूबर को मां कात्यायनी की आराधना करें. देवी की पूजा साहस, आत्मविश्वास और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना के लिए की जाती है.



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