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Public Opinion Rishikesh : ऋषिकेश की खूबसूरती का लुत्फ उठाने हर साल यहां लाखों लोग आते हैं. शहर में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन क्या यहां रहने वाले स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के मुताबिक सुविधाएं मिल पा रही हैं. लोकल 18 ने इस बारे में उनसे बात की. लोगों का कहना है कि कहीं आने-जाने में परेशानी है, तो कहीं पार्किंग और ट्रैफिक समय खराब कर रहे हैं. महेंद्र ग्रोवर बताते हैं कि मुख्य सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं. इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. महेश्वर लाल कहते हैं कि अंबेडकर चौक, तिलक रोड और रेलवे रोड पर सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट्स को ठीक कराना सबसे ज्यादा जरूरी है.
ऋषिकेश. गंगा, घाट और खूबसूरत वादियों के लिए मशहूर ऋषिकेश में हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. शहर में पर्यटन तो बढ़ रहा है, लेकिन क्या यहां रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के मुताबिक सुविधाएं मिल पा रही हैं. कहीं आने-जाने में परेशानी है, तो कहीं पार्किंग और ट्रैफिक लोगों का समय खराब कर रहे हैं. कहीं रोड में गड्ढे तो कहीं नालियों ने परेशान कर रखा है. ऋषिकेश में रहने वाले लोगों के लिए रोज घर से निकलना और अपने काम पर पहुंचना कई बार आसान नहीं होता. कहीं जाम में फंसना पड़ता है, तो कहीं वाहन खड़ा करने के लिए जगह तलाशनी पड़ती है. यहां पैदल चलने वालों को भी कई जगह परेशानी होती है, क्योंकि फुटपाथ की कमी के चलते सड़क पर चलना पड़ता है. सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई, कूड़े की परेशानी और सड़कों पर स्ट्रीट लाइट न होने जैसी समस्याएं भी परेशानी करती हैं.
‘चलना मुश्किल हो गया’
लोकल 18 से स्थानीय निवासी महेंद्र ग्रोवर बताते हैं कि वे जन्म से यहीं रह रहे हैं. शहर में गाड़ियों और ट्रैफिक की बहुत ज्यादा भीड़ रहती है. वाहन चालकों को सही तरीके से गाड़ी चलाना नहीं आता, जिससे पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी होती है. मुख्य सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं और बरसात के बाद से सड़कें पूरी तरह खराब हो गई हैं, लेकिन इनकी सुध लेने या मरम्मत करने वाला कोई नहीं है. इन अव्यवस्थाओं और भारी भीड़ के कारण आम नागरिकों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है.
हाईवे पर तो स्थिति ठीक
महेश्वर लाल ने बताया कि वे 1946 से ऋषिकेश में रह रहे हैं. उन्होंने मुख्य समस्या के रूप में ट्रैफिक, छोटी गलियों जहां गाड़ियां आसानी से नहीं जा पाती हैं और रास्तों में गड्ढे होने का जिक्र किया है. इससे बरसात में मुश्किल बढ़ जाती है. वे कहते हैं कि अंबेडकर चौक, तिलक रोड और रेलवे रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट्स को ठीक कराना सबसे ज्यादा जरूरी है. अजय कुमार कहते हैं कि वे बीते 60 साल से ऋषिकेश में रह रहे हैं. सबसे पहले सड़कों, गड्ढों और नालियों के काम पर ध्यान देने की जरूरत है. हाईवे पर तो स्थिति ठीक है, लेकिन अंदरूनी गलियों में ट्रैफिक की अधिक समस्या रहती है. ऋषिकेश की सड़कों और नालियों की व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देने की जरूरत है.