कोटा. राजस्थान की कोचिंगनगरी कोटा में चाकूबाजी और धारदार हथियारों से हमले की वारदातें एक बार फिर चिंता बढ़ा रही हैं. अपराधियों के खिलाफ पुलिस के विशेष अभियान और बड़ी संख्या में चाकू बरामद करने की कार्रवाई के बावजूद शहर में चाकूबाजी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है. हालात यह हैं कि पिछले एक सप्ताह में चाकूबाजी की करीब आधा दर्जन वारदातें सामने आई हैं, जिनमें एक युवक की हत्या हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं.
ऑपरेशन हॉक में 9 टीमें, दो दर्जन से ज्यादा बदमाश गिरफ्तार
चाकूबाजी और अवैध हथियारों के खिलाफ कोटा शहर पुलिस ने पिछले दिनों ऑपरेशन हॉक (H.A.W.K.) के तहत विशेष अभियान चलाया था. इसके लिए शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में नौ पुलिस टीमों का गठन किया गया. अभियान के दौरान पुलिस ने दो दर्जन से अधिक बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चाकू सहित बड़ी मात्रा में धारदार हथियार बरामद किए थे. सिटी एडिशनल एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा के अनुसार, अभियान का उद्देश्य अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना और चाकू व अन्य धारदार हथियारों के निर्माण, बिक्री तथा इस्तेमाल पर रोक लगाना है. पुलिस का कहना है कि बदमाशों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. हालांकि, लगातार सामने आ रही वारदातों ने कार्रवाई के असर पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
राजस्थान के 30 से 35 फीसदी वारदातें कोटा में होने का दावा
1959 की पुलिस डायरी में भी दर्ज थी चाकूबाजी की समस्या
फिर लौट रहा पुराना ट्रेंड, पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
कुछ साल पहले भी कोटा में चाकूबाजी की घटनाएं देशभर में चर्चा का विषय बनी थीं. बीच में इन वारदातों में कमी आने के बाद अब एक बार फिर इनके बढ़ने की चिंता सामने आ रही है. लगातार हो रहे हमलों और हत्या की घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि पुलिस का ऑपरेशन हॉक और अवैध हथियारों के खिलाफ चलने वाली कार्रवाई चाकूबाजी पर कितना प्रभावी अंकुश लगा पाती है.