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Haridwar ki local news : हरिद्वार का कटहरा बाजार 100 साल से ज्यादा पुराना माना जाता है. जिले का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है. यहां कभी कपड़े, गहने और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए पैर रखने की जगह नहीं होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है. लोकल 18 से व्यापारी अशोक गुप्ता बताते हैं कि ऑनलाइन कंपनियों और बड़े स्टोर्स ने छोटे दुकानदारों को बेरोजगार कर दिया है. देश का पैसा विदेशी कंपनियों की जेब में जा रहा है. हम त्योहारी सीजन में भी खाली बैठने को मजबूर हैं. व्यापारी वीरेंद्र अरोड़ा कहते हैं कि ऑनलाइन चलन ने इस बाजार की रौनक ही छीन ली है.
हरिद्वार. उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित ज्वालापुर का कटहरा बाजार 100 साल से ज्यादा पुराना और जिले का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है. कभी कपड़े, गहने और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए इस बाजार में पैर रखने की जगह नहीं होती थी, लेकिन बदलते समय में अमेजन, फ्लिपकार्ट और मीशो जैसे ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स ने इस पुराने बाजार की कमर तोड़ दी है. ग्राहकों से गुलजार रहने वाला कटहरा बाजार अब सूना नजर आता है. दुकानदारों का कहना है कि ई कॉमर्स के कारण इस बाजार से करीब 90 फीसदी ग्राहक कम हो चुके हैं. लोकल 18 से कटहरा बाजार के व्यापारी अशोक गुप्ता बताते हैं कि वह 1991 से अपनी पुश्तैनी दुकान संभाल रहे हैं. साल 2017 के बाद ऑनलाइन कंपनियों और बड़े स्टोर्स ने छोटे दुकानदारों को बेरोजगार कर दिया. चायपत्ती से लेकर किराने की दुकान तक के सभी काम केवल कुछ उद्योगपतियों के हाथों में सिमट गया है. देश का पैसा विदेशी कंपनियों की जेब में जा रहा है. हम त्योहारों के सीजन में भी खाली बैठने को मजबूर हैं.
व्यापारी वीरेंद्र अरोड़ा कहते हैं कि अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा यह बाजार पहले ग्राहकों से गुलजार रहता था. आज के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग के विज्ञापनों और एडिट की गई फोटो को देखकर लोग खरीदारी करते हैं. ऑनलाइन खरीदारी से ग्राहकों को अक्सर सही सामान नहीं मिल पाता है, जबकि कटहरा बाजार से लोग अपनी आंखों के सामने सामान को देखकर सही दामों में खरीदते थे. ऑनलाइन के चलन ने त्योहारों पर ग्राहकों से होने वाली रौनक छीन ली है.
‘क्वालिटी चेक नहीं कर सकते’
व्यापारी पौरुष अरोड़ा बताते हैं कि ऑनलाइन बाजार के चलते कटहरा बाजार में कारोबार प्रभावित है. त्योहारों पर भी कम ग्राहक ही बाजार में आते हैं. ऑनलाइन में कपड़ों का फैब्रिक और क्वालिटी चेक नहीं की जा सकती जबकि बाजार में दुकानदार ग्राहक को पूरी तरह संतुष्ट करके भेजते हैं. बदलते समय में ज्यादातर लोग ऑनलाइन की ओर भाग रहे हैं, जिससे हरिद्वार का सबसे बड़ा और सबसे पुराना बाजार ग्राहकों की राह देख रहा है.