Churu News: यूरिया के 229 बैग घर में किसने रखवाए? चूरू में छापे के बाद जांच तेज, कृषि विभाग ने की कार्रवाई


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Rajasthan Fertilizer Crisis Agriculture Department Action: राजस्थान के चूरू जिले के अड़मालसर गांव में कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए यूरिया के 229 अवैध बैग जब्त किए हैं. चंबल फर्टिलाइजर कंपनी के इन बैगों के नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं. अब यह पता लगाया जाएगा कि यूरिया किसका है, इसे यहां क्यों रखा गया था और इसके भंडारण के पीछे क्या वजह थी. फिलहाल मुकन सिंह की ओर से बताए गए नाम के आधार पर मामले की जांच की जा रही है.

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 यूरिया के 229 बैग घर में किसने रखवाए? चूरू में छापे के बाद जांच तेजZoom

चूरू में कृषि विभाग की कार्रवाई, 229 यूरिया बैग जब्त

चूरू. राजस्थान के चूरू जिले में खाद के अवैध भंडारण को लेकर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. सरदारशहर तहसील के अड़मालसर गांव में एक घर के आंगन से यूरिया के 229 बैग मिले हैं. कृषि विभाग की टीम ने पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचकर छापा मारा और सभी बैग जब्त कर लिए. इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया मिलने के बाद इसके अवैध भंडारण और कालाबाजारी की आशंका जताई जा रही है.

यह कार्रवाई गुप्त सूचना मिलने के बाद की गई. विभाग की टीम ने मुकन सिंह के घर के प्रांगण में रखे यूरिया के बैग अपने कब्जे में लिए. मौके से मिले यूरिया के बैग चंबल फर्टिलाइजर कंपनी के बताए गए हैं. कृषि विभाग ने इनके नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं. अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

गुप्त सूचना पर पुलिस जाब्ते के साथ पहुंची टीम
कृषि विभाग को अड़मालसर गांव में यूरिया के भंडारण की सूचना मिली थी. इसके बाद विभाग की टीम ने पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर छापा मारा. जांच के दौरान मुकन सिंह के घर के प्रांगण में यूरिया के बैग रखे मिले. गिनती करने पर इनकी संख्या 229 सामने आई. टीम ने मौके पर मौजूद यूरिया को जब्त कर लिया. विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में खाद कहां से लाई गई थी और इसे किस काम के लिए रखा गया था. खाद के अवैध भंडारण की आशंका को देखते हुए विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की है.

मुकन सिंह ने दूसरे व्यक्ति का बताया नाम
कार्रवाई के दौरान मुकन सिंह ने बताया कि यह यूरिया डूंगर राम देहड़ू निवासी राणासर बिकान ने रखवाया था. विभाग ने इस जानकारी को भी जांच के दायरे में रखा है. अब यह पता लगाया जाएगा कि यूरिया किसका है, इसे यहां क्यों रखा गया था और इसके भंडारण के पीछे क्या वजह थी. फिलहाल मुकन सिंह की ओर से बताए गए नाम के आधार पर मामले की जांच की जा रही है. हालांकि, अभी यह साबित नहीं हुआ है कि यूरिया की बिक्री कालाबाजारी के लिए की जानी थी. विभाग को इसकी पुष्टि के लिए जांच और दूसरे तथ्यों का इंतजार है.

चंबल फर्टिलाइजर के यूरिया के नमूने जांच के लिए भेजे
मौके से मिले यूरिया के बैग चंबल फर्टिलाइजर कंपनी के हैं. कृषि विभाग की टीम ने बैगों से नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए भेज दिया है. जांच रिपोर्ट से यूरिया की गुणवत्ता और उससे जुड़े जरूरी तथ्यों की जानकारी सामने आएगी. विभाग ने जब्त किए गए सभी 229 बैग मेहरासर चचेरा ग्राम सेवा सहकारी समिति की सुपुर्दगी में दे दिए हैं. यानी जांच पूरी होने तक यूरिया को समिति की देखरेख में रखा गया है. विभाग की ओर से जब्ती की कार्रवाई के बाद अब आगे की जांच की जा रही है.

उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्रवाई
कृषि विभाग ने इस मामले में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई की है. विभाग जांच रिपोर्ट और मामले से जुड़े दूसरे तथ्यों के आधार पर आगे कदम उठाएगा. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 229 बैग यूरिया एक निजी घर के प्रांगण में क्यों रखे गए थे और इन्हें वहां किसने पहुंचाया था. कृषि विभाग इन सभी पहलुओं की जांच कर रहा है. नमूनों की रिपोर्ट आने और भंडारण से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति साफ होगी.



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