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Opposition protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर तेजस्वी यादव ने मोर्चा खोल दिया है. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दिल्ली पहुंच गए हैं और INDIA गठबंधन के सांसदों के साथ आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल होंगे. तेजस्वी यादव ने कहा है कि वह इस लड़ाई में किसी भी तरह की कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ-साथ बीजेपी और आरएसएस पर भी सीधा निशाना साधा है.
CEC के खिलाफ INDIA गठबंधन का मार्च, तेजस्वी यादव का हमला.
पटना. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विपक्षी दलों का आंदोलन तेज हो रहा है. इस लड़ाई में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी खुलकर सामने आए हैं. उन्होंने ज्ञानेश कुमार के साथ बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा है. तेजस्वी ने कहा है कि वह इस लड़ाई में किसी भी तरह की कुर्बानी देने को तैयार हैं. ऐसे में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की मुहिम में तेजस्वी की भूमिका बिहार की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गई है.
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तेजस्वी ने क्यों संभाला मोर्चा?
बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की नाराजगी का प्रमुख कारण मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप है. कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के नेता ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. विपक्षी नेताओं ने इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई है. तेजस्वी यादव इस मुद्दे पर केवल कांग्रेस के साथ खड़े नजर नहीं आ रहे, बल्कि बीजेपी और आरएसएस को भी निशाने पर ले रहे हैं.
बिहार में पहले भी एसआईआर के खिलाफ मुखर रहे हैं तेजस्वी
बिहार में एसआईआर का मुद्दा पहले भी राजनीतिक टकराव का केंद्र रहा है. अक्टूबर की शुरुआत में तेजस्वी यादव ने इंडिया गठबंधन की ओर से राज्य में प्रखंड स्तर पर आक्रोश मार्च आयोजित करने का ऐलान किया था. गठबंधन ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे. अब दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन से तेजस्वी की राष्ट्रीय राजनीति में सक्रियता से आरजेडी को अपने राजनीतिक मुद्दे को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है.
राहुल गांधी के साथ विपक्षी एकजुटता का संदेश
इस आंदोलन में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं की भागीदारी है. विपक्ष मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के सामने अपनी चिंताएं रखने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सीजेआई ने फिलहाल मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया है. वहीं, तेजस्वी यादव के लिए इस आंदोलन का महत्व बिहार तक सीमित नहीं है. राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी नेताओं के साथ खड़े होकर वह चुनावी पारदर्शिता के सवाल को अपनी राजनीति का हिस्सा बना रहे हैं. दूसरी ओर, बीजेपी विपक्ष के आंदोलन की आलोचना कर रही है.