30 रुपये किलो से शुरू है पशुओं के दाने की कीमत, 11 चीजों से होता है तैयार
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बहराइच: पशुओं को स्वस्थ रखने और उनके बेहतर विकास के लिए संतुलित आहार जरूरी है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बहराइच में महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी एक एफपीओ पशुओं के लिए दाना तैयार कर रही है. मक्का, गेहूं, चना, खली और अन्य सामग्रियों से तैयार इस पशु आहार की कीमत 30 रुपये प्रति किलो से शुरू होती है. जानिए इसमें कौन-कौन सी सामग्री मिलाई जाती है, पशुओं को कितना दाना दिया जाता है और इसकी गुणवत्ता की जांच कैसे होती है.
बहराइच: पशुओं की सेहत बनाए रखने और उनके बेहतर विकास के लिए संतुलित आहार जरूरी होता है. इसी दिशा में बहराइच में महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी एक एफपीओ (FPO) पशु आहार तैयार कर रही है. इसे मक्का, गेहूं, चना, खली और राइस ब्रान जैसी सामग्रियों से बनाया जाता है. समूह से जुड़े लोगों के मुताबिक, पशुओं की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने वाले इस आहार को उनके रोजाना के चारे के साथ दिया जा सकता है.
TCL संस्था से जुड़े ब्लॉक मोबिलाइजर हसीब अहमद ने बताया कि इस पशु आहार को तैयार करने में 11 तरह के प्राकृतिक घटकों का इस्तेमाल किया जाता है. सबसे पहले मक्के की दरिया तैयार की जाती है. इसे पशुओं की जरूरत और पाचन क्षमता के हिसाब से अलग-अलग आकार में पीसा जाता है. भैंस और दूसरे बड़े मवेशियों के लिए महीन दरिया तैयार की जाती है, जबकि बकरियों और बकरों के लिए इसे अपेक्षाकृत मोटा रखा जाता है.
इसके बाद मक्के की दरिया को साफ करके मशीन में अन्य सामग्रियों के साथ मिलाया जाता है. इसमें मक्का, गेहूं, चने का मिश्रण, खली, चूनी, राइस ब्रान, चूना, मिनरल मिक्सचर, नमक और सोंधा नमक जैसी चीजें शामिल की जाती हैं. समूह के मुताबिक, इसमें प्राकृतिक औषधीय सामग्री का भी इस्तेमाल किया जाता है. सभी घटकों को मिलाकर पशुओं के लिए आहार तैयार किया जाता है.
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हसीब अहमद के अनुसार, पशु आहार में शामिल अलग-अलग सामग्रियां पशुओं को ऊर्जा, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करती हैं. इसे पशुओं के सामान्य चारे के साथ दिया जा सकता है. एफपीओ की ओर से किए गए एक परीक्षण में एक बकरे को करीब एक महीने तक निर्धारित मात्रा में यह दाना दिया गया. इसके बाद उसके वजन में बदलाव देखा गया. हालांकि, पशु के वजन और सेहत पर नस्ल, उम्र, कुल आहार और देखभाल का भी असर पड़ता है.
समूह से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पशु आहार को सुबह और शाम दो बार दिया जाता है. 2 से 3 महीने के छोटे पशुओं को करीब 150 ग्राम सुबह और 150 ग्राम शाम को देने की जानकारी दी गई है. वहीं, बड़े पशुओं और मवेशियों के लिए 250 से 300 ग्राम सुबह और इतनी ही मात्रा शाम को बताई गई है. इसे सूखे भूसे में मिलाकर भी खिलाया जा सकता है. हालांकि, पशु की उम्र, वजन, स्वास्थ्य और अन्य आहार के अनुसार इसकी मात्रा तय करना जरूरी है.
हसीब अहमद ने बताया कि पशु आहार की गुणवत्ता की जांच के लिए हर छह महीने में लखनऊ की लैब से परीक्षण कराया जाता है. लैब रिपोर्ट के आधार पर आहार की गुणवत्ता का आकलन किया जाता है. महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सदस्य पशु आहार तैयार करने के साथ-साथ पशुपालकों को टीकाकरण और डीवर्मिंग यानी पेट के कीड़ों से बचाव के बारे में भी जागरूक करती हैं. इससे पशुओं के पोषण के साथ उनकी नियमित देखभाल को लेकर भी जानकारी पहुंचाई जाती है.
पशुपालकों की जरूरत के हिसाब से यह पशु आहार अलग-अलग पैकेट में उपलब्ध है. एक किलो के पैकेट की कीमत 30 रुपये, दो किलो के पैकेट की कीमत 60 रुपये और पांच किलो के पैकेट की कीमत 150 रुपये बताई गई है. इसके अलावा भैंसों के लिए अलग पशु आहार भी तैयार किया जाता है. इस पशु आहार के बारे में जानकारी लेने के लिए बहराइच जिले के गजाधरपुर चौराहे पर संपर्क किया जा सकता है. स्थानीय स्तर पर महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी एफपीओ पशुपालकों तक पशु आहार पहुंचाने का काम कर रही है.