पटना. बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच पटना सेंट्रल मॉल की जमीन और अनंत सिंह से जुड़ा पुराना विवाद फिर चर्चा में है. पूर्व विधायक और राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने दावा किया है कि भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव को अनंत सिंह ने बांधकर पीटा था. संजीव कुमार ने इस कथित पुरानी घटना को लेकर नवल किशोर यादव पर निशाना साधा है. बिहार में एमएलसी चुनाव के बीच राजद उम्मीदवार के बयान से चुनावी माहौल में नया विवाद खड़ा हो गया है.
डॉ. संजीव कुमार ने क्या कहा?
बता दें कि डॉ. संजीव कुमार पेशे से चिकित्सक हैं, पहले परबत्ता से जदयू विधायक थे और अब पटना शिक्षक सीट से राजद के एमएल सी उम्मीदवार हैं. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, नवल किशोर यादव को अनंत सिंह की मार आज तक याद है. डॉ. संजीव ने आगे कहा, अनंत सिंह ने जब सेंट्रल मॉल के लिए जमीन खरीदी थी, उसी समय नवल किशोर यादव विधान पार्षद रहते हुए वहां बार चलाते थे फर्जीवाड़ा करके, वो अपने लश्कर के साथ जमीन पर कब्जा करने गए, तब अनंत सिंह ने भरदम कुटाई की, बांधकर गाड़ी में बैठाकर हटाया. वही दर्द रह-रहकर निकलता है. डॉ. संजीव के मुताबिक नवल किशोर यादव का अनंत सिंह का नाम सुनते ही परेशान हो जाना उसी पुरानी घटना की वजह से है.
किस बयान के बाद आया यह दावा?
दरअसल, यह पूरा मामला बीते 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हुई एनडीए की बैठक के बाद गरमाया है. बैठक एमएलसी चुनाव में डैमेज कंट्रोल के लिए बुलाई गई थी. बैठक से निकलते समय पत्रकारों ने बीजेपी एमएलसी नवल किशोर यादव से अनंत सिंह पर सवाल पूछा तो वे भड़क गए और बोले, “बे हद है, जे न पूछे से खेसारी के दाल और अनंत सिंह आ फलना सिंह की बात करते हैं, लटर-पटर बात है.” इसी बयान पर प्रतिक्रिया मांगने पर डॉ. संजीव कुमार ने यह पुराना किस्सा सुनाया. उनका वीडियो X हैंडल @sadanjee पर भी पोस्ट है.
सेंट्रल मॉल की जमीन को लेकर क्या है दावा?
डॉ. संजीव कुमार के बयान में पटना सेंट्रल मॉल की जमीन का मुद्दा भी सामने आया है. उनके दावे का अर्थ यही निकलता है कि नवल किशोर यादव का अनंत सिंह के साथ पुराना विवाद रहा है और उसी वजह से उनके बीच तल्खी बनी हुई है. हालांकि, नवल किशोर यादव ने सेंट्रल मॉल की जमीन पर कब्जा किया था या इस विवाद के कारण उनके साथ मारपीट हुई थी. बता दें कि सेंट्रल मॉल पहले भी बिहार की राजनीति में विवाद का विषय रहा है. इस मामले में एक बड़ा तथ्य यह भी है कि अगस्त 2017 में अनंत सिंह ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मॉल में हिस्सेदारी मांगी थी. बता दें कि यह उस समय अनंत सिंह की ओर से लगाया गया अलग आरोप था.
एमएलसी चुनाव के बीच क्यों चर्चा में आया पुराना विवाद?
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है. पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के नवल किशोर यादव चुनाव मैदान में हैं. ऐसे में उनके खिलाफ आया यह बयान चुनावी माहौल में राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है. दरअसल, डॉ. संजीव कुमार राजद की ओर से चुनावी मैदान में हैं और उनके बयान को मौजूदा चुनावी लड़ाई के दौरान आरोप- प्रत्यारोप के नजरिये से भी देखा जा रहा है. हालांकि, इसे किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताने के लिए अतिरिक्त साक्ष्य जरूरी होंगे.
पटना शिक्षक सीट पर क्या है समीकरण?
बता दें कि नवल किशोर यादव पटना शिक्षक सीट से 30 साल से लगातार 5 बार एमएलसी हैं, 1996 से जीत रहे हैं. इस बार छठी बार BJP ने उन्हें उतारा है. उनके सामने राजद ने डॉ. संजीव कुमार को उतारा है. दूसरी तरफ पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह ने जन सुराज के अनुज सिंह का समर्थन कर दिया है, जिससे एनडीए में खींचतान बढ़ी है. नवल यादव अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं और कह रहे हैं, इस बार छक्का मारेंगे, बॉल बाउंड्री पार नहीं सीधे पवेलियन में गिरेगा. लेकिन अनंत सिंह के रुख और इस पुराने विवाद के नए सिरे से उछलने से चुनावी माहौल और गरमा गया है.
नवल किशोर यादव और अनंत सिंह का पक्ष भी अहम
वहीं, इस पूरे मामले में नवल किशोर यादव और अनंत सिंह का पक्ष महत्वपूर्ण है. दोनों ही पक्षों की ओर से इस आरोप पर आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि सामने नहीं आई है. फिलहाल डॉ. संजीव कुमार के बयान ने सेंट्रल मॉल, अनंत सिंह और नवल किशोर यादव से जुड़े पुराने विवाद को चुनावी चर्चा में ला दिया है. अब इस मामले में संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आने पर ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी. (नोट- यह खबर वायरल वीडियो और डॉ. संजीव कुमार के दावे पर आधारित है. न्यूज 18 किसी भी मारपीट की घटना या कब्जे के आरोप की पुष्टि नहीं करता है.)