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Akhilesh Yadav vs Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश चुनाव में आ देखें जरा वाली पॉलिटिक्स चल पड़ी है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच अयोध्या विधानसभा सीट पर आमने-सामने की लड़ाई करने को लेकर शुरू हुई बयानबाजी में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी कूद पड़े. ओवैसी ने सीएम योगी को संभल और अखिलेश यादव को गोरखपुर से लड़ने की चुनौती दे डाली है. इस बयानबाजी में अयोध्या से सपा के घोषित उम्मीदवार मनोज पांडे और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर भी अपनी बात रखते दिखे.
सीएम योगी, अखिलेश यादव, असदुद्दीन सरीखे नेता एक दूसरे को अपने गढ़ में आकर चुनाव लड़ने की चुनौती दे रहे हैं.
बॉलीवुड का मशूहर गाना ‘आ देखें जरा, किसमें कितना है दम’ तो सुना ही होगा. उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 में ‘आ देखें जरा’ वाली पॉलिटक्स शुरू हो गई है. इसकी शुरुआत समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने की. उसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका जवाब दिया. लगा आ देखें जरा वाली पॉलिटक्स थम जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अखिलेश यादव ने दोबारा सीएम को जवाब दिया. फिर इसमें एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर भी कूद पड़े हैं. आइए जानते हैं कब किसने किस नेता को आ देखें जरा की चुनौती दी.
अखिलेश यादव ने दी चुनौती तो सीएम योगी ने झट से स्वीकारी
8 अक्टूबर को सपा के संभावित उम्मीदवार पवन पांडे के बुलावे पर अखिलेश यादव अयोध्या पहुंचे थे. यहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी. अखिलेश यादव ने कहा- ‘बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर जीत को लेकर इतने ही आश्वस्त हैं तो खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं.’
इसके जवाब में 10 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- ‘मुझसे कहते हैं मुख्यमंत्री अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखा दें. अरे अखिलेश जी अयोध्या हमारा पावन धाम है. इसलिए मैं बार-बार अयोध्या जाता हूं ताकि यहां के विकास में कोई कोताही ना हो. वो हमारी आस्था की अस्थली है. चुनाव लड़ने के लिए नहीं, वहां के समग्र विकास के लिए हम जाते हैं. मैं तो आपको ऑफर करता हूं कि आइए आप भी अयोध्या में नामांकन करिए और मैं भी, चलो एक बार किस्मत आजमा लेते हैं. तय हो जाए, लड़ाई चलों से क्यों, लड़ाई आमने-सामने होनी चाहिए. उसके लिए मैं कह रहा हूं आइए आप भी.’
सीएम योगी के ऑफर पर क्या बोले अखिलेश यादव?
जब सीएम योगी ने सपा प्रमुख की चुनौती स्वीकारते हुए अखिलेश यादव को उल्टा ऑफर दे दिया कि वो भी अयोध्या से नामांकन करें और सीधा मुकाबला हो जाए. इसपर अखिलेश यादव ने अपनी दूसरी राजनीतिक चाल चल दी. उन्होंने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि यूपी में योगी आदित्यनाथ भले ही सीएम हैं, लेकिन वह चुनाव लड़ने के लिए खुद की सीट तय नहीं कर सकते हैं. अखिलेश यादव ने 11 अक्टूबर को कहा- ‘ये बताओ मुख्यमंत्री जी टिकट बांटते हैं क्या? कोई ये बात बता दे जरा. या टिकट के लिए उन्हें भी लाइन में लगना पड़ता है. ना केवल उन्हें अपनी टिकट के लिए लाइन में लगना पड़ता है, बल्कि दूसरों को टिकट दिलवाने के लिए ना जाने कितनी विनती करनी पड़ती है. जिनका अपने टिकट का कुछ नहीं पता वो दूसरों को टिकट देने की बात करेंगे. पहले अपनी टिकट पक्की कराकर आएं. अगर टिकट पक्की है तो अनाउंस करें.’
अयोध्या विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवार पवन पांडे ने कहा- ‘पहले योगी आदित्यनाथ अपना टिकट पक्का करें. पिछली बार 2022 में आए थे, बूथ प्रभारियों को मोबाइल-कपड़े बांटे थे. उनके लोग चुनाव की तैयारी करने आ गए थे. जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सूची जारी की तो अयोध्या से उनका टिकट ही कट गया था. इसलिए सीएम योगी हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से कोई बात कहने से पहले अपना टिकट पक्का करके आएं.’ उन्होंने यह भी कहा कि 2024 भूल गए क्या योगी, अयोध्या की जनता ने समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद को संसद पहुंचाकर बता दिया कि यहां की जनता अब झूठ बर्दाश्त नहीं करेगी. चंदा चोरों के लिए यहां कोई जगह नहीं है.
अखिलेश को जवाब देने उतरे ओपी राजभर
एनडीए के घटक दल सुभासपा के अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर सीएम योगी की तरफ से अखिलेश यादव को जवाब देने उतरे. ओपी राजभर ने कहा- ‘अखिलेश यादव अयोध्या की बात कर रहे हैं, अगर सीएम योगी मैनपुरी से लड़ जाएं जहां से अखिलेश लड़े हैं, उल्टा देंगे वहीं पता नहीं लगेगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव में हिम्मत है तो वे गोरखपुर से लड़ कर देख लें, योगी तो उनके घर मैनपुर से भी लड़कर जीत जाएंगे. अखिलेश यादव का सारा सपना धरा रह जाएगा.
आ देखें जरा पॉलिटिक्स में ओवैसी भी कूदे
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच एक दूसरे को चुनौती देने का दौर चल ही रहा है तब इसमें AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी इसमें कूद पड़े. 11 अक्टूबर को अपनी जनसभा में ओवैसी ने कहा- ‘बाबा अखिलेश को बोल रहे हैं आ जाओ अयोध्या, ओवैसी बोल रहा है बाबा से आ जाओ संभल. अखिलेश यादव से ओवैसी बोल रहा आ जाओ गोरखपुर. बाबा संभल जाओ और अखिलेश गोरखपुर, इंशा अल्लाह मजलिस दोनों को हराएगी.’