‘मीटिंग के बहाने घर बुलाते थे और…’ JNU की 11 छात्राओं ने लगाए सनसनीखेज आरोप, पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा पर FIR


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‘मीटिंग के बहाने घर बुलाते थे और…’ JNU के बर्खास्त प्रोफेसर पर सनसनीखेज आरोप

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JNU Professor Angomcha: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से बर्खास्त किए जाने के ठीक बाद इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमल अकोइजाम पर कानूनी शिकंजा कस गया है. 11 छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोपों में दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.

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'मीटिंग के बहाने घर बुलाते थे और...' JNU के बर्खास्त प्रोफेसर पर सनसनीखेज आरोपZoom

अंगोमचा बिमल अकोइजाम के खिलाफ एफआईआर वसंत कुंज उत्तर थाने में दर्ज की गई. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर पद से बर्खास्त किए जाने के कुछ दिन बाद कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमल अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने 12 अक्टूबर को यह जानकारी दी. अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से 11 अक्टूबर को कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है.

जेएनयू के सामाजिक विज्ञान संस्थान के अंतर्गत सामाजिक प्रणाली अध्ययन केंद्र में प्रोफेसर रहे अकोइजाम को यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद नौ अक्टूबर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया था. उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया है. खबरों के अनुसार, इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं.

शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि वह बैठकों या अन्य आयोजनों के बहाने छात्राओं को परिसर स्थित अपने आवास पर बुलाते थे और उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश करते थे. कुछ छात्राओं ने कक्षा में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां करने का आरोप भी लगाया था. पुलिस ने बताया कि इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद अकोइजाम के खिलाफ जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है.

एफआईआर 11 अक्टूबर को वसंत कुंज उत्तर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई. ये धाराएं यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कृत्यों सहित अन्य अपराधों से संबंधित हैं. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. अकोइजाम ने 9 अक्टूबर को अपनी बर्खास्तगी पर प्रतिक्रिया देते हुए इस कार्रवाई को ‘दुर्भावनापूर्ण तरीके से निशाना बनाने वाली कार्रवाई’ करार दिया था. उन्होंने दावा किया था कि उन्हें जांच समिति के निष्कर्षों पर अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया.



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