कौन हैं ब्रज मोहन राम? विधायक से सांसद बनने के बाद अब राज्यपाल की जिम्मेदारी, जानिए इनको

कौन हैं ब्रज मोहन राम? विधायक से सांसद बनने के बाद अब राज्यपाल की जिम्मेदारी, जानिए इनको


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Governor of Odisha Braj Mohan Ram Profile: झारखंड पलामू के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति की घोषणा की है. जानिए इनका राजनीतिक सफर. (PC- डॉ.ब्रज मोहन राम फेसबुक)

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झारखंड की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 को छह राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल की घोषणा की. ब्रज मोहन राम पलामू लोकसभा क्षेत्र से 1996, 1998 और 1999 में लगातार तीन बार सांसद चुने गए थे.

झारखंड के एक छोटे से इलाके चंदवा से निकलकर बिहार विधानसभा, लोकसभा और अब ओडिशा के राज्यपाल पद तक पहुंचने वाले ब्रज मोहन राम का राजनीतिक सफर कई पड़ावों से होकर गुजरा है. BJP से जुड़े रहे ब्रज मोहन राम ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अविभाजित बिहार से की थी. लातेहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहने के बाद उन्होंने पलामू का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया. अब राज्यपाल के रूप में उनकी नई भूमिका उनके सार्वजनिक जीवन का अहम अध्याय है.

ब्रज मोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में हुआ था. वर्तमान में चंदवा झारखंड के लातेहार जिले में आता है. उनके पिता का नाम अर्जुन राम बैठा और माता का नाम चैती देवी था. ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े ब्रज मोहन राम ने लोहरदगा के बीएस कॉलेज से बीए की पढ़ाई की. पांच मार्च 1979 को उनका विवाह लीला देवी से हुआ. उनके तीन बेटे हैं. उनका शुरुआती जीवन कृषि और ग्रामीण समाज से जुड़ा रहा. आगे चलकर उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना और क्षेत्रीय स्तर से अपनी पहचान बनानी शुरू की.

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ब्रज मोहन राम वर्ष 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे. उस समय झारखंड अलग राज्य नहीं बना था. लातेहार तथा पलामू बिहार का हिस्सा थे. विधानसभा में अपने कार्यकाल के बाद उन्होंने लोकसभा चुनावों में हिस्सा लिया. राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा. वर्ष 1996 में ब्रज मोहन राम 11वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए. इसके बाद 1998 में 12वीं और 1999 में 13वीं लोकसभा के सदस्य बने. इन चुनावों में उन्होंने पलामू संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया. उनका संसदीय सफर ऐसे दौर में आगे बढ़ा, जब झारखंड राज्य के गठन की मांग और क्षेत्रीय पहचान का मुद्दा राजनीतिक विमर्श का हिस्सा थे.(फाइल फोटो)

ब्रज मोहन राम संसदीय राजनीति के साथ भाजपा संगठन में भी सक्रिय रहे. उपलब्ध विवरण के अनुसार वर्ष 1996 से 1998 तक उन्होंने रांची में वनांचल प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई. अनुसूचित जाति समुदाय के प्रतिनिधित्व और उससे जुड़े मुद्दों पर उनकी राजनीतिक भूमिका का यह एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा.(फाइल फोटो)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया है. वे हरि बाबू कंभमपति का स्थान लेंगे. जिन्होंने जनवरी 2025 में पदभार संभाला था. राज्यपाल का पद संवैधानिक जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है. जिसमें संविधान के प्रावधानों के अनुसार राज्य की व्यवस्था में निर्धारित भूमिका निभानी होती है.(फाइल फोटो)



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