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Public Opinion Rishikesh : हर साल लाखों लोग ऋषिकेश पहंचते हैं. इससे यहां रहने वाले स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. एक जगह से दूसरी जगह जाने में कई बार मुसीबत खड़ी हो जाती है. वीकेंड्स पर ऑटो वाले अक्सर लोकल सवारी को नहीं बैठाते. उन लोगों के लिए मुश्किल अधिक बढ़ जाती है, जिन्हें दिन में कई बार घर से बाहर निकलना पड़ता है. लोगों का कहना है कि अगर शहर में इंटर सिटी बसें चलने लगें, तो कम खर्च में बढ़िया विकल्प मिल सकता है. लोकल 18 से ज्ञानशु कहते हैं कि अगर शहर के मेन इलाकों को जोड़ने वाली बस सेवा उपलब्ध हो, तो सभी को आने-जाने में आसानी होगी. रवि बताते हैं कि पर्यटन सीजन में 2-3 महीने एक जगह से दूसरी जगह जाना मुश्किल हो जाता है. ऑटो वालों के अपना रेट बढ़ देते हैं क्योंकि वे टूरिस्ट से मनचाहा पैसा पा जाते हैं.
ऋषिकेश. उत्तराखंड का ऋषिकेश तीर्थ स्थल होने के साथ पर्यटन स्थल भी है. हर साल लाखों लोग ऋषिकेश पहंचते हैं, जिससे पर्यटन को बढ़ावा तो मिलता है, लेकिन ऋषिकेश में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. स्थानीय लोगों के लिए रोजाना एक जगह से दूसरी जगह जाना कई बार परेशानी का कारण बन जाता है. वीकेंड्स पर तो ऑटो लोकल सवारी भी नहीं बैठाते. ऋषिकेश में रह रहे लोगों को बाजार जाना हो, ऑफिस पहंचना हो, कॉलेज जाना हो या फिर अस्पताल, ज्यादातर लोग ऑटो और विक्रम का इस्तेमाल करते हैं. जब ऑटो वाले सीजन टाइम पर सिंगल सवारी बैठाने के लिए मना कर देते हैं या सिर्फ बुकिंग में ही चलते हैं तब सीमित विकल्पों के कारण परेशानी बढ़ जाती है. उन लोगों के लिए मुश्किल अधिक बढ़ जाती है, जिन्हें दिन में कई बार घर से बाहर निकलना पड़ता है. हर बार ऑटो या विक्रम का सहारा लेने से आने-जाने का खर्च भी बढ़ जाता है. लोगों का कहना है कि अगर शहर में इंटर सिटी बसें चलने लगें, तो कम खर्च में बढ़िया विकल्प मिल सकता है.
दोनों को फायदा
लोकल 18 से ज्ञानशु कहते हैं कि ऋषिकेश में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग जाने वाले कई छात्र रोजाना ऑटो और विक्रम का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में अगर शहर के मेन इलाकों को जोड़ने वाली बस सेवा उपलब्ध हो, तो सभी को आने-जाने में आसानी होगी. केवल छात्र ही नहीं बुजुर्गों और महिलाओं को भी काफी राहत मिलेगी. वीकेंड और छुट्टियों में बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने पहंचते हैं. अगर शहर के प्रमुख स्थानों को जोड़ने वाली सिटी बस सेवा शुरू की जाए तो स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को फायदा मिलेगा.
रवि बताते हैं कि वे 6-7 साल से ऋषिकेश में रह रहे हैं. यहां केवल एक नहीं बल्कि कई सारी इंटरसिटी बसों की जरूरत है. पर्यटन सीजन में 2-3 महीने एक जगह से दूसरी जगह जाना मुश्किल हो जाता है. ऑटो वालों के रेट्स बढ़ देते हैं क्योंकि वे टूरिस्ट से मनचाहा पैसा पा जाते हैं. इससे स्थानीय लोग को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. रोहित कहते हैं कि टूरिस्ट सीजन में इंटरसिटी बस की ज्यादा जरूरत महसूस होती है. प्लानिंग के साथ सभी को चलना पड़ेगा. नेपाली फार्म में पार्किंग हो, जिसकी सबसे अधिक जरूरत है. जब तक पार्किंग नहीं बनेगी, तब तक इंटरसिटी बस का भी कोई उपयोग नहीं है. हरिद्वार से जो टूरिस्ट ऑटो में आ रहे हैं, वे नेपाली फार्म में रुकें और वहीं से इंटर-सिटी बस का उपयोग करें. ऐसा करने से ट्रैफिक भी कम होगा और लोगों के लिए सुविधा होगी.
लंबी दूरी के लिए जरूरी
40 सालों से ऋषिकेश में रह रहे डॉ. राजकमार कहते हैं कि शहर में आने-जाने के लिए सीमित साधनों के कारण परेशानी होती है. कई इलाकों में जाने के लिए ऑटो-विक्रम पर निर्भर रहना पड़ता है. कई बार वाहन आसानी से नहीं मिलते और ज्यादा दूरी तय करने के लिए बदल-बदलकर सवारी लेनी पड़ती है. इससे समय भी ज्यादा लगता है और किराये का खर्च भी बढ़ जाता है. नौकरी, बाजार और अस्पताल जाने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी होती है. अगर शहर में नियमित सिटी बस सेवा शुरू हो जाए, तो स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी.