‘पुलिस ने रख लिया थे फोन, सबूत प्लांट कर सकते हैं’, CJP के सौरव दास का आरोप
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CJP Phone Hacking Allegation: कॉकक्रोच जनता पार्टी के नेताओं ने जेल से रिहाई के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर देश को सिविल वॉर की तरफ धकेलने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनके फोन हैक या क्लोन कर लिए हैं ताकि उनमें फर्जी सबूत प्लांट किए जा सकें. इसके अलावा उन्होंने पुलिस पर अमानवीय व्यवहार करने का भी गंभीर आरोप लगाया.
सीजेपी ने हिरासत से छूटने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की. (ANI)
नई दिल्ली में कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा 50,000 रुपये के मुचलके पर रिहा किए जाने के कुछ ही घंटों बाद एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान नेताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर जमकर निशाना साधा और देश में 1975 जैसी इमरजेंसी जैसे हालात पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया. “हमारे फोन हैक कर लिए गए हैं, पुलिस हमारे डिवाइस में खुद सबूत प्लांट कर सकती है” प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरव दास ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. नेताओं ने आरोप लगाया कि विमान से जबरन हिरासत में लेने के बाद उनके फोन छीन लिए गए और उनका डेटा क्लोन या हैक किया गया. उनका शक है कि एजेंसियां इन फोन्स में खुद ऐसे दस्तावेज या सामग्रियां डाल सकती हैं, जिन्हें बाद में उनके खिलाफ फर्जी सबूत के तौर पर पेश किया जाए. सरकार पर देश को सिविल वॉर की तरफ धकेलने का गंभीर आरोप भी लगाया गया.
‘पुलिस ने प्लेन से किया किडनैप, फोन किए गए क्लोन’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरव दास ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर सनसनीखेज खुलासे किए. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने नियमों को ताक पर रखकर सीधे विमान (Airplane) के अंदर प्रवेश किया और उन्हें हिरासत में लिया. दास ने आरोप लगाया कि उन्हें कोई औपचारिक डिटेंशन नोटिस नहीं दिया गया और उनके फोन छीनकर वकीलों तक संपर्क करने से भी रोका गया. उन्होंने आशंका जताई कि उनके और अन्य कार्यकर्ताओं के फोन को ‘क्लोन या हैक’ किया गया है ताकि उनके डिवाइस में फर्जी दस्तावेज या सबूत प्लांट किए जा सकें.
CJP नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि देश में डर का माहौल सिर्फ एक व्यक्ति को बचाने के लिए बनाया जा रहा है, और उनका सीधा निशाना मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार थे. सौरव दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सीधा सवाल पूछते हुए कहा, “आप लोग आखिर ज्ञानेश कुमार को क्यों बचाना चाहते हैं?” नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां देश को आंतरिक संघर्ष (Civil War) और तानाशाही की तरफ धकेल रही हैं.
अभिजीत डिपके की दादी के निधन पर पुलिस की असंवेदनशीलता पर फूटा गुस्सा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आशुतोष रांका ने सीजेपी नेता अभिजीत डिपके की दादी के शनिवार को हुए निधन का जिक्र करते हुए दिल्ली पुलिस के रवैये को बेहद अमानवीय बताया. रांका ने आरोप लगाया कि जब पुलिस ने अभिजीत को उनकी दादी के निधन की खबर दी, तो उस वक्त भी पुलिसकर्मी कैमरे और माइक लेकर खड़े थे और एक निजी पारिवारिक दुख को भी तमाशा बनाने की कोशिश कर रहे थे.
CJP नेताओं को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए शनिवार को दिल्ली उतरते ही हिरासत में ले लिया गया था. दिल्ली पुलिस ने इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर 20 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की हैं. कोर्ट ने एक साल तक ‘शांति बनाए रखने’ की शर्त पर इन्हें रिहा किया है, लेकिन CJP के तीखे तेवर यह साफ करते हैं कि आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और चढ़ने वाला है.