Cheapest Courses Under 1 Lakh Fees: 1 लाख से कम फीस वाले 5 सबसे सस्ते कोर्स, एमबीए के बिना मिल जाएगी मोटी सैलरी वाली नौकरी

Cheapest Courses Under 1 Lakh Fees: 1 लाख से कम फीस वाले 5 सबसे सस्ते कोर्स, एमबीए के बिना मिल जाएगी मोटी सैलरी वाली नौकरी


नई दिल्ली (Cheapest Courses Under 1 Lakh Fees). 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद कई स्टूडेंट्स करियर को लेकर कंफ्यूज्ड रहते हैं. MBA समेत ज्यादातर कोर्स की फीस लाखों में है. इसे भर पाना हर मिडिल क्लास परिवार के बस की बात नहीं है. कई बच्चे पैसों की तंगी के कारण आगे की पढ़ाई रोक देते हैं या बिना किसी खास स्किल के साधारण नौकरी करने लगते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना लाखों रुपये खर्च किए भी कुछ ऐसे बेहतरीन शॉर्ट टर्म कोर्स कर सकते हैं, जिनसे शानदार सैलरी वाली नौकरी मिल जाएगी?

अगर आप कम बजट में सिक्योर करियर की तलाश में हैं तो यह खबर आपके लिए ही है. आज के डिजिटल और कॉर्पोरेट दौर में बड़ी-बड़ी कंपनियों को भारी-भरकम डिग्री वाले उम्मीदवारों से ज्यादा ‘स्किलफुल’ लोगों की जरूरत होती है. अगर आपके पास सही स्किल है तो कंपनियां खुद चलकर आएंगी. जानिए 5 चुनिंदा और डिमांडिंग कोर्स के बारे में, जिनकी कुल फीस 1 लाख रुपये से भी कम है. भारत के 5 सबसे सस्ते कोर्स करने के बाद अच्छी सैलरी वाली जॉब आसानी से मिल सकती है.

देश के 5 सबसे सस्ते कोर्स

वक्त बीतने के साथ पढ़ाई महंगी होती जा रही है. लेकिन इन महंगे कोर्स की भीड़ में कुछ सस्ते कोर्स भी छिपे हुए हैं. इनमें एडमिशन लेकर आपका बजट नहीं बिगड़ेगा और अच्छी सैलरी वाली नौकरी भी मिल जाएगी. जानिए देश के 5 सबसे सस्ते कोर्स.

1. डिजिटल मार्केटिंग सर्टिफिकेट कोर्स

आज के समय में शायद ही कोई ऐसा बिजनेस या स्टार्टअप हो जो ऑनलाइन न आना चाहता हो. छोटे से लेकर बड़े ब्रांड तक अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का प्रचार डिजिटल माध्यमों से ही कर रहे हैं. यही वजह है कि डिजिटल मार्केटर्स की डिमांड आसमान छू रही है.

  • ड्यूरेशन और फीस: यह कोर्स आमतौर पर 3 से 6 महीने का होता है और इसकी फीस 20,000 से 50,000 रुपये के बीच होती है.
  • क्या सीखेंगे: इसमें सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO), सोशल मीडिया मार्केटिंग, गूगल ऐड्स, ईमेल मार्केटिंग और कंटेंट स्ट्रेटेजी जैसी स्किल्स सिखाई जाती हैं.
  • करियर ऑप्शन: कोर्स पूरा करने के बाद SEO Specialist, Social Media Manager या Digital Marketer के तौर पर आसानी से नौकरी पा सकते हैं.

2. डेटा एनालिटिक्स & बिजनेस इंटेलिजेंस

डेटा को आज के दौर का ‘नया सोना’ कहा जाता है. हर कंपनी बिजनेस को बढ़ाने और सही फैसले लेने के लिए डेटा का इस्तेमाल करती है. सबसे अच्छी बात है कि इस फील्ड में आने के लिए कोडिंग एक्सपर्ट होने की जरूरत नहीं है.

  • ड्यूरेशन और फीस: यह 3 से 6 महीने का प्रोग्राम है. इसकी फीस लगभग 30,000 से 80,000 रुपये के बीच होती है.
  • क्या सीखेंगे: इसमें Microsoft Excel, SQL, Tableau, Power BI और बेसिक Python जैसे ट्रेंडिंग टूल्स के जरिए रॉ डेटा से काम की जानकारी निकालना सिखाया जाता है.
  • करियर ऑप्शन: डेटा एनालिस्ट या बिजनेस एनालिस्ट के तौर पर ई-कॉमर्स, बैंकिंग और आईटी सेक्टर में बेहतरीन शुरुआत कर सकते हैं.

3. फुल-स्टैक वेब डेवलपमेंट बेसिक कोर्स

अगर वेबसाइट्स, ऐप्स और कोडिंग की दुनिया आकर्षित करती है तो वेब डेवलपमेंट बेहतरीन करियर विकल्प साबित हो सकता है. आज हर कंपनी को अपनी वेबसाइट और ऐप को बेहतर बनाए रखने के लिए डेवलपर्स की जरूरत होती है.

  • ड्यूरेशन और फीस: 4 से 6 महीने के इस कोर्स की फीस 25,000 से 70,000 रुपये तक होती है.
  • क्या सीखेंगे: इसमें HTML, CSS, JavaScript और React जैसे फ्रंट-एंड और बेसिक बैक-एंड टूल्स की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है.
  • करियर ऑप्शन: फ्रंड एंड डेवलपर, वेब डेवलपर या फ्रीलांसर के तौर पर घर बैठे भी क्लाइंट्स के लिए काम करके अच्छी कमाई कर सकते हैं.

4. ग्राफिक डिजाइनिंग और UI/UX कोर्स

सोशल मीडिया के दौर में जो दिखता है, वही बिकता है. विज्ञापन, बैनर, लोगो, इंस्टाग्राम पोस्ट और मोबाइल ऐप्स के इंटरफेस को खूबसूरत और यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए ग्राफिक डिजाइनर्स की भारी डिमांड है.

  • ड्यूरेशन और फीस: 3 से 6 महीने के क्रिएटिव कोर्स की फीस 20,000 से 50,000 रुपये के बीच है.
  • क्या सीखेंगे: इसमें Adobe Photoshop, Illustrator, CorelDRAW, Canva और UI/UX के लिए Figma जैसे प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर सिखाए जाते हैं.
  • करियर ऑप्शन: ग्राफिक डिजाइनर, विजुअल कंटेंट क्रिएटर या UI/UX Designer के तौर पर मीडिया हाउस, एडवरटाइजिंग एजेंसियों और टेक कंपनियों से जुड़ सकते हैं.

5. एडवांस्ड फाइनेंशियल मॉडलिंग और टैक्सेशन

कॉमर्स और फाइनेंस बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स के लिए यह कोर्स किसी जैकपॉट से कम नहीं है। कंपनियों को अपने फाइनेंस को मैनेज करने, टैक्स फाइलिंग और बजट तैयार करने के लिए एक्सपर्ट्स की जरूरत होती है.

  • ड्यूरेशन और फीस: 3 से 6 महीने के इस प्रोफेशनल कोर्स की फीस 25,000 से 60,000 रुपये के बीच होती है.
  • क्या सीखेंगे: इसमें एडवांस्ड एक्सेल, फाइनेंशियल एनालिसिस, जीएसटी रूल्स और टैली प्राइम की बारीकियां सिखाई जाती हैं.
  • करियर ऑप्शन: फाइनेंशियल एनालिस्ट, जूनियर अकाउंटेंट या GST Practitioner के तौर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म्स या कॉर्पोरेट कंपनियों में काम कर सकते हैं.



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