पटना: बिहार की राजधानी पटना के बोरिंग कैनाल रोड स्थित आनंदपुरी हिमगिरी चौराहे पर इस बार दुर्गा पूजा का नजारा बेहद खास होने वाला है. 100 फीट ऊंचे शिवलिंग के आकार का भव्य पंडाल, 10 हजार से अधिक घंटियों से सजी गली और बच्चों पर मोबाइल के बढ़ते दुष्प्रभाव को दर्शाती प्रतिमा यहां के प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गई है. श्री विजय वाहिनी दुर्गा पूजा समिति की ओर से तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. हर साल अपनी अनोखी सजावट के कारण चर्चा में रहने वाला यह पूजा पंडाल इस बार भी पटना के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होने की उम्मीद है. आपको बता दें कि यहां की अनोखी सजावट हर साल सोशल मीडिया पर वायरल रहती है.
शिवलिंग के आकार में दिखेगा 100 फीट ऊंचा पंडाल
आनंदपुरी में इस बार श्रद्धालुओं को सामान्य दुर्गा पूजा पंडाल से अलग एक भव्य धार्मिक स्ट्रक्चर देखने को मिलेगी. पूरा पंडाल 100 फीट ऊंचे शिवलिंग के स्वरूप में तैयार किया जा रहा है. श्री विजय वाहिनी दुर्गा पूजा समिति ने इस बार की सजावट में भगवान शिव की आध्यात्मिक छवि को केंद्र में रखा है. समिति के सदस्य हर्ष नंदन ने लोकल 18 को बताया कि इस वर्ष पंडाल की पूरी थीम शिवलिंग पर आधारित है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को दूर से ही पूरा पंडाल शिवलिंग के आकार में दिखाई देगा. पंडाल के साथ-साथ मुख्य सड़क पर दरबार की भव्यता वाला एक आकर्षक प्रवेश द्वार भी बनाया जा रहा है.
10000 घंटियों से सजेगी गली, रातभर जुटे हैं कारीगर
इस बार आनंदपुरी की सजावट का एक बड़ा अट्रैक्शन घंटियों से सजी गली होगी. समिति की योजना गली को 10 हजार से अधिक घंटियों से सजाने की है. पिछले बार छाते से गली को सजाया गया था, जो काफी वायरल हुआ था. यहां हर साल कुछ नया ट्राई किया जाता है. हर्ष नंदन ने बताया कि सजावट का करीब 20 से 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. कारीगर रातभर काम में जुटे हैं. ताकि समय पर पंडाल और गली को अंतिम रूप दिया जा सके.
कोलकाता से आएं हैं कारीगर
पंडाल निर्माण के लिए कोलकाता से कारीगर बुलाए गए हैं. समिति के सदस्य विनय पांडे ने बताया कि इस बार निर्माण में बड़े पैमाने पर बांस का इस्तेमाल हो रहा है. उन्होंने इसके लिए एक से दो लाख बांस के इस्तेमाल का अनुमान बताया. मुख्य सड़क पर बनाया जा रहा भव्य दरबारनुमा गेट भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा.
मोबाइल असुर के जरिए समाज को मिलेगा संदेश
इस बार आनंदपुरी का पंडाल केवल धार्मिक आस्था और भव्य सजावट तक सीमित नहीं रहेगा. यहां की प्रतिमा के जरिए आधुनिक दौर की एक गंभीर सामाजिक समस्या को भी सामने लाने की कोशिश की जा रही है. समिति के सदस्य हर्ष नंदन ने बताया कि इस बार राक्षस को ‘मोबाइल असुर’ के रूप में दिखाया जाएगा. इसका उद्देश्य बच्चों और बड़ों पर मोबाइल फोन के बढ़ते प्रभाव तथा उसके दुष्परिणामों को दर्शाना है.
छह दिनों तक चलेगा भंडारा
श्री विजय वाहिनी दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस बार भी छह दिनों तक भंडारे का आयोजन किया जाएगा. समिति के सचिव आलोक कुमार ने बताया कि शाम छह बजे से रात 10:30 बजे तक विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था रहेगी. उन्होंने कहा कि भंडारे में सभी लोगों का स्वागत है. पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर समिति को प्रतिदिन करीब 8 हजार से 10 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. इस बार पंडाल की अनोखी थीम और घंटियों से होने वाली सजावट को देखते हुए श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है.
21 लाख रुपये का अनुमानित बजट
इस भव्य आयोजन के लिए समिति ने करीब 21 लाख रुपये का अनुमानित बजट तैयार किया है. हर्ष नंदन के अनुसार, आयोजन में भंडारे पर बड़ा खर्च होता है. इसके बावजूद समिति मोहल्ले के लोगों के सहयोग से पूरी व्यवस्था संचालित करती है. आनंदपुरी में श्री विजय वाहिनी दुर्गा पूजा समिति की ओर से वर्ष 1982 में पूजा की शुरुआत की गई थी. इस बार पूजा अपने 45वें वर्ष में पहुंची है. वहीं, भंडारे की परंपरा भी पिछले 10 से 11 वर्षों से लगातार जारी है.