2,000 बांस, 400 प्लाई शीट… पलामू में तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर बन रहा दुर्गा पूजा पंडाल, ₹20 लाख लागत

2,000 बांस, 400 प्लाई शीट… पलामू में तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर बन रहा दुर्गा पूजा पंडाल, ₹20 लाख लागत


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पलामू में तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर बन रहा दुर्गा पंडाल, 20 लाख लागत

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पलामू के मेदिनीनगर में तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर भव्य दुर्गा पूजा पंडाल बनाया जा रहा है. करीब ₹20 लाख की लागत से बन रहे इस पंडाल में 2,000 बांस और 400 प्लाई शीट का इस्तेमाल हो रहा है. यहां कपड़े के बजाय प्लाई और गोल्डन पेंट से आकर्षक प्रारूप दिया जा रहा है.

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पलामूः दुर्गा पूजा को लेकर पलामू जिले में तैयारियां जोरों पर हैं. श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए पूजा समितियां एक से बढ़कर एक भव्य पंडाल तैयार कर रही हैं. कहीं देश के प्रसिद्ध मंदिरों की झलक देखने को मिलेगी, तो कहीं आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं का मन मोह लेगी. इसी कड़ी में मेदिनीनगर के भारत माता चौक के समीप सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस वर्ष तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रारूप पर भव्य पंडाल बनाया जा रहा है. जहां करीब 20 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह पंडाल इस बार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनने वाला है.

20 लाख की लागत से तैयार हो रहा पंडाल
समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष पंडाल निर्माण पर पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी राशि खर्च की जा रही है. पंडाल बनाने का काम पिछले डेढ़ महीने से लगातार चल रहा है. इसकी लंबाई करीब 80 से 85 फीट रखी जा रही है. हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं को मेदिनीनगर में ही तिरुपति बालाजी मंदिर की भव्यता की झलक देखने को मिले. दो साल पहले कोलकाता के श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब में तैयार किए गए प्रारूप से प्रेरणा लेकर इस बार तिरुपति बालाजी मंदिर का मॉडल बनाया जा रहा है.

बांस, प्लाई और गोल्डन पेंट से बनेगा आकर्षक प्रारूप
आगे कहा कि पंडाल निर्माण में करीब 2,000 बांस और 800 सीएफटी लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा छह बाई चार फीट की करीब 400 प्लाई शीट लगाई जा रही हैं. इस बार पंडाल को तैयार करने में कपड़े का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. इसके बजाय प्लाई पर गोल्डन पेंट और फोम के मॉडल के जरिए मंदिर का प्रारूप उकेरा जा रहा है. इससे पंडाल को अलग और आकर्षक रूप देने की कोशिश की जा रही है. वहीं, प्रवेश द्वार के पास एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होगी.

15 फीट की प्रतिमा में दिखेगा मां दुर्गा का अलग स्वरूप
अनय सिंह ने कहा कि इस बार पंडाल के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा भी खास होगी. करीब 15 फीट ऊंची प्रतिमा तैयार की जा रही है. प्रतिमा को पारंपरिक स्वरूप से अलग बनाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए कारीगरों को विशेष रूप दिया गया है और प्रतिमा निर्माण में कोलकाता से लाई गई मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है. पंडाल और प्रतिमा का अनूठा स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा.

1980 से हो रहा है दुर्गा पूजा का आयोजन
अनय सिंह ने बताया कि यहां वर्ष 1980 से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है. इस तरह समिति की पूजा परंपरा को करीब 46 वर्ष हो चुके हैं. इस बार भव्य पंडाल के साथ तीन दिनों तक भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे. समिति के सदस्य पंडाल को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को भव्य धार्मिक वातावरण का अनुभव मिल सके.



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