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Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के डॉ. प्रत्युष राज पिछले 25 वर्षों से लगभग 15 हजार बच्चों को निशुल्क सेल्फ डिफेंस और ताइक्वांडो की ट्रेनिंग दे रहे हैं. उनका उद्देश्य बच्चों को आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाना है. प्रत्युष राज ने बताया कि उन्हें अपने गुरु से प्रेरणा मिली. उन्होंने सोचा कि जो बच्चे आर्थिक परेशानी के कारण खेल में आगे नहीं बढ़ पाते हैं, उन्हें मौका क्यों न दिया जाए. इसी सोच के साथ उन्होंने बच्चों को निशुल्क ताइक्वांडो और सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देना शुरू किया.
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के डॉ. प्रत्युष राज अब तक करीब 15 हजार बच्चों को निशुल्क सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दे चुके हैं. गोंडा ताइक्वांडो एसोसिएशन के सचिव प्रत्युष का उद्देश्य बच्चों को आत्मरक्षा के तरीके सिखाकर उन्हें आत्मविश्वासी और मजबूत बनाना है. इसके लिए वह पिछले करीब 25 वर्षों से लगातार काम कर रहे हैं. खास बात यह है कि उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए निशुल्क ट्रेनिंग की शुरुआत की थी.
बच्चों को सिखाते हैं आत्मरक्षा के तरीके
लोकल 18 से बातचीत के दौरान डॉ. प्रत्युष राज ने बताया कि बच्चों को ताइक्वांडो और सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाती है. इसमें उन्हें मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने और अपनी सुरक्षा करने के तरीके सिखाए जाते हैं. समय-समय पर निशुल्क प्रशिक्षण शिविर भी लगाए जाते हैं. हाल ही में करीब 700 बच्चों को निशुल्क सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी गई है.
गुरु से मिली प्रेरणा
प्रत्युष राज ने बताया कि उन्हें अपने गुरु से प्रेरणा मिली. उन्होंने सोचा कि जो बच्चे आर्थिक परेशानी के कारण खेल में आगे नहीं बढ़ पाते हैं, उन्हें मौका क्यों न दिया जाए. इसी सोच के साथ उन्होंने बच्चों को निशुल्क ताइक्वांडो और सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देना शुरू किया. उन्होंने बताया कि जब वह गोंडा आए थे, तब कई स्कूलों में लोगों को ताइक्वांडो के बारे में जानकारी नहीं थी. लोग पूछते थे कि ताइक्वांडो क्या होता है. इसके बाद उन्होंने निजी स्कूलों में निशुल्क ट्रेनिंग देना शुरू किया और बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी इस खेल के प्रति जागरूक किया.
जिला स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे बच्चे
डॉ. प्रत्युष राज के मुताबिक, उनके यहां प्रशिक्षण लेने वाले कई बच्चे जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेल रहे हैं. उनका कहना है कि बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही प्रशिक्षण और आगे बढ़ने का अवसर देने की है. प्रत्युष राज ने बताया कि ताइक्वांडो के क्षेत्र में उनके करीब 25 साल पूरे होने जा रहे हैं. इस अवसर पर दिसंबर में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन करने की योजना है. उन्होंने कहा कि बच्चों को निशुल्क प्रशिक्षण देने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके.