नवरात्रि की पूजा और घटस्थापना में इन चीजों की पड़ेगी जरूरत,नोट करें पूजन लिस्ट
Last Updated:
Navratri Puja & Ghatasthapana Samagri List: 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. इस पावन अवसर पर मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा की जाती है और पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है. अनुष्ठान को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए कलश, रोली, कलावा, आम के पत्ते, जवार, और माता के श्रृंगार का सामान जैसी कई आवश्यक पूजन सामग्री की जरूरत पड़ती है. अगर आप भी नवरात्रि की तैयारी कर रहे हैं, तो समय रहते जरूरी पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट अभी नोट कर लें.
Navratri Puja & Ghatasthapana Samagri List: 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और 19 अक्टूबर को समापन होगा. नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना और शक्ति की उपासना को समर्पित होता है और इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. नवरात्रि के पहले दिन कई घरों में कलश स्थापना की जाती है और फिर मां दुर्गा के प्रथम दिन की पूजा अर्चना की जाती है. कई बार पूजा अर्चना के दौरान हम कुछ चीजें भूल जाते हैं, जिसके बाद याद आता है कि अरे यह तो बाजार से मंगवाना ही भूल गए. ऐसी स्थिति से बचने के लिए आप आज ही घटस्थापना और नवरात्रि पूजा के लिए जरूरी सामान मंगवा लें, ताकि पूजा के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान ना आए. आइए जानते हैं घटस्थापना और नवरात्रि पूजा के लिए सामग्री लिस्ट…
घटस्थापना के लिए पूजा सामग्री की लिस्ट
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना करने के लिए पूजा की सामग्री पहले से तैयार कर लेनी चाहिए. इससे पूजा के दौरान किसी वस्तु की कमी नहीं होती.
घटस्थापना और पूजा की प्रमुख सामग्री:
- मिट्टी का कलश या तांबे का कलश
- साफ मिट्टी और जौ
- कलश में भरने के लिए शुद्ध जल या गंगाजल
- कलश के ऊपर रखने के लिए नारियल
- आम या अशोक के पत्ते
- लाल कपड़ा या चुनरी
- कलावा या मौली
- रोली, कुमकुम और हल्दी
- अक्षत यानी साबुत चावल
- सुपारी, सिक्के और इलायची
- फूल और फूलों की माला
- लाल चंदन, धूप और अगरबत्ती
- घी का दीपक और रुई की बत्ती
- फल, मिठाई और बताशे
- पान के पत्ते और लौंग
- मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वी
- पूजा की थाली, घंटी और आसन
- दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा
भोग और प्रसाद की सामग्री:
- फल (सेब, केला, अनार आदि)
- मिठाई, बताशे और मिश्री
- नारियल और सूखे मेवे
- दूध, दही और शहद
- पंचामृत बनाने की सामग्री
- पान, लौंग और इलायची
- सात्विक भोग के लिए हलवा, पूरी और चना (परंपरा के अनुसार)
व्रत और नौ दिनों की पूजा के लिए:
- कुट्टू का आटा या सिंघाड़े का आटा
- साबूदाना और सेंधा नमक
- फल और दूध
- दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती की पुस्तक
- आरती की पुस्तक
- दीपक के लिए घी और पर्याप्त बत्तियां
अष्टमी-नवमी कन्या पूजन की सामग्री:
- कन्याओं के लिए हलवा, पूरी और काले चने
- फल और मिठाई
- रोली, अक्षत और कलावा
- कन्याओं को देने के लिए चुनरी, उपहार या दक्षिणा
- हाथ-पैर धोने के लिए जल और साफ तौलिया
कलश स्थापना मुहूर्त 2026
कलश स्थापना का मुहूर्त: सुबह में 06:19 ए एम से 10:12 ए एम तक
दोपहर में कलश स्थापना मुहूर्त: 11:44 ए एम से लेकर 12:31 पी एम तक