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Kishangarh News: किशनगढ़ शहर के मुख्य बाजार में गाड़ी खड़ी करने की बात पर ट्रैफिक सीओ अंजू यादव और एडवोकेट बाबूलाल बागरिया के बीच विवाद हो गया. आरोप है कि सीओ ने एडवोकेट को थप्पड़ मार दिया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद वकीलों ने बाजार में मानव श्रृंखला बनाकर चक्काजाम कर दिया. वकीलों ने ट्रैफिक सीओ के निलंबन की मांग उठाई. मौके पर तीन थानों की पुलिस ने पहुंचकर एक घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया. सीओ का कहना है कि नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर विवाद हुआ था.
Kishangarh News: कौन हैं ये ‘थप्पड़बाज’ अफसर? वकील को जड़ दिया चांटा तो मच गया बवाल, बुलानी पड़ी तीन थानों की पुलिस
Kishangarh News: राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ शहर के मुख्य बाजार में शुक्रवार रात वाहन खड़ा करने की बात को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है. जानकारी के अनुसार, सड़क पर गाड़ी खड़ी करने के मुद्दे पर एडवोकेट बाबूलाल बागरिया और ट्रैफिक सीओ (क्षेत्राधिकारी) अंजू यादव के बीच तीखी बहस हो गई. आरोप है कि विवाद के दौरान ट्रैफिक सीओ ने आपा खोते हुए एडवोकेट को थप्पड़ मार दिया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया. पुलिस अधिकारी के इस रवैये से गुस्साए अधिवक्ताओं ने शनिवार को मुख्य बाजार में एकत्र होकर उग्र प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया. प्रदर्शनकारी वकीलों ने ट्रैफिक सीओ अंजू यादव को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की मांग उठाई है.
अधिवक्ताओं ने अपनी एकजुटता और विरोध प्रदर्शित करने के लिए किशनगढ़ के मुख्य बाजार में एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई. वकीलों के अचानक सड़क पर उतरकर चक्काजाम करने और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने से मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं. बाजार में यातायात पूरी तरह से ठप हो गया, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. अधिवक्ताओं का कहना है कि पुलिस अधिकारी अपनी वर्दी के रौब में आमजन और वकीलों के साथ अभद्रता कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
तीन थानों का पुलिस जाब्ता पहुंचा मौके पर, एक घंटे की मशक्कत के बाद खुला जाम
मुख्य बाजार में हंगामे और चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी धर्मराज चौधरी के नेतृत्व में तीन थानों का भारी पुलिस जाब्ता तुरंत मौके पर पहुंचा. पुलिस के उच्च अधिकारियों ने सड़क पर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से काफी देर तक समझाइश की. करीब एक घंटे की भारी मशक्कत और निष्पक्ष जांच का आश्वासन देने के बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर स्थिति को शांत कराया. हालांकि, अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे.
ट्रैफिक सीओ ने बताई विवाद की मुख्य वजह
दूसरी ओर, पूरे विवाद को लेकर ट्रैफिक सीओ अंजू यादव ने पुलिस का पक्ष रखते हुए अपनी सफाई दी है. उन्होंने बताया कि एक युवक ने मुख्य सड़क के बीचों-बीच अपनी गाड़ी खड़ी कर दी थी और खुद खरीदारी करने बाजार चला गया. काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद जब युवक वापस नहीं लौटा, तो नो-पार्किंग में खड़े वाहन के कारण मुख्य बाजार में यातायात पूरी तरह बाधित होने लगा. सीओ के अनुसार, जब युवक वापस लौटा तो पुलिस कर्मियों ने उसे गाड़ी हटाने और यातायात बाधित न करने की नसीहत दी. इस पर युवक ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय पुलिस की रोक-टोक पर आपत्ति जताई और बहस करने लगा. फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर वकीलों में भारी नाराजगी बनी हुई है और वे निलंबन की मांग पर अड़े हुए हैं.